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सीबीआई जांच के दायरे में हों प्रधानमंत्री भी : जेटली

सीबीआई जांच के दायरे में हों  प्रधानमंत्री भी : जेटली

नई दिल्ली । कोयला घोटाले पर गहरी चिंता जताते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों को एक बेहद प्रतिकूल संकेत भेजने जा रहा है। साथ ही जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता। जेटली ने कहा कि इस विवादास्पद कोल ब्लॉक आवंटन मामले की सीबीआई जांच के दायरे में प्रधानमंत्री भी आते हैं, क्योंकि उस समय वही सक्षम प्राधिकारी थे जब इस आवंटन का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी.सी पारेख का नाम आना निवेशकों के लिए बुरी खबर है।
भाजपा नेता ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार के मामले इस सरकार की ​निराशा को दर्शाते हैं। पूर्व सचिव पारेख के नाम पर उन्होंने कहा कि वह तो केवल एक माध्यम मात्र थे फिर भी उनका नाम एफआईआर में है। जबकि उस समय कोयला मंत्रालय वर्तमान प्रधानमंत्री के हाथ में था इसलिए उन्हें इस जांच से बाहर नहीं रखा जा सकता।
अरूण जेटली ने कहा कि यह केस तीन तरह के संकेत भेज रहा है पहला ये, जिसमें निवेशकों को बताया जा रहा है कि यदि आपने भारत में निवेश किया तो कुछ वर्षों बाद आपके प्रोजेक्ट और आवंटन किसी जांच एजेंसी के द्वारा समीक्षा की जा सकती है और आपके संगठन के प्रमुख को अपराधिक जांच का सामना करना पड़ेगा।
दूसरा हमारे राजनेता ये बता रहे हैं कि प्रशासनिक अधिकारी ही इसके लिए उत्तरादायी होंगे और जो सक्षम प्राधिकारी होंगे, जो कि राजनेता होंगे वह पूरी तरह से इन मामलों से मुक्त होंगे।
इसके अलावा जेटली ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभाव विदेशी निवेशकों पर पड़ेगा जो कि अपना हाथ खींचने को मजबूर होंगे वहीं घरेल निवेशक बाहर निवेश करने पर मजबूर होंगे। यह सब हमारी अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालेगी।

Updated : 2013-10-18T05:30:00+05:30
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