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सार्वजनिक स्थानों पर मूर्ति निर्माण पर उच्चतम न्यायालय की रोक

सार्वजनिक स्थानों पर मूर्ति निर्माण पर उच्चतम न्यायालय की रोक
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नई दिल्ली | उच्चतम न्यायालय ने आज सभी राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमायें स्थापित करने या ऐसे ढांचे के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाये, जिससे यातायात में बाधा पड़ती हो। न्यायमूर्ति आर एम लोढा और न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने केरल सरकार के निर्णय के खिलाफ दायर एक अर्जी पर यह आदेश देते हुये स्पष्ट किया कि सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था करने संबंधी ढांचे खड़े करने जैसी कार्यवाही इसके दायरे में नहीं आयेगी क्योंकि यह यातायात सुगम बनाने में मददगार होती है। केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक स्थान विशेष पर एक नेता की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ दायर अर्जी पर यह आदेश दिया। न्यायाधीशों ने कहा कि अगले आदेश तक, हम जहां प्रतिमा लगाने की अनुमति दी गयी है वहां यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश देते हैं। न्यायाधीशों ने कहा, अब से, केरल सरकार सार्वजनिक स्थानों, मार्गो या सार्वजनिक उपयोग के अन्य स्थानों पर कोई प्रतिम लगाने या ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं देगी। न्यायालय ने स्प्ष्ट किया कि यह आदेश स्ट्रीट लाइट जैसी जनोपयोगी सुविधायें लगाने के मामले में लागू नहीं होगा। न्यायाधीशों ने कहा कि यह आदेश सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में भी लाग होगा। शीर्ष अदालत में लंबित एक मामले मे केरल सरकार के खिलाफ यह अर्जी दायर की गयी थी। शीर्ष अदालत पहले ही सभी राज्य सरकारों को सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से पूजा स्थलों सहित सभी अनधिकृत निर्माण हटाने का निर्देश दे चुकी है।


Updated : 2013-01-18T05:30:00+05:30
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