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सामूहिक दुष्कर्म करने वालों को 14 वर्ष का कारावास

ग्वालियर | कोचिंग से लौट रही स्कूली छात्रा के अपहरण व सामूहिक दुष्कृत्य के आरोपी विशंभर गुर्जर, निरंजन गुर्जर व राकेश कुशवाह को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत सिंह ने गुुरुवार को 14 वर्ष के कारावास से दण्डित करने का निर्णय सुनाया। अपहरण के आरोप में तीनों को 5-5 वर्ष की सजा भी सुनाईं गई,दोनों सजाएं एक साथ चलेगीं। छात्रा के अपहरण व सामूहिक दुष्कृत्य के इस सनीसनीखेज मामले में 9 महीने बाद सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि आरोपियों की कम उम्र को देखते हुए आजीवन कारावास की जगह उन्हें 14 वर्ष के कारावास से दण्डित करके भविष्य में सुधरने का एक मौका दिया जा रहा है। तीनों आरोपियों में से दो की उम्र 19 से 21 साल के बीच है। मुख्य आरोपी राकेश कुशवाह की उम्र 25 साल है और वह दो बच्चों का पिता है। विवि थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी से पिछले वर्ष 20 अप्रैल की शाम को आरोपी विशंभर गुर्जर, निंरजन गुर्जर व राकेश कुशवाह ने नाबालिग स्कूली छात्रा का अपहरण किया था। तीनों ने बोलेरो गाड़ी में डेढ़ घंटे तक उसके साथ दरिंदगी की और एक सुनसान स्थान पर पटककर भाग गए थे। छात्रा द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर यातायात पुलिस के निरीक्षक नरेश अन्नोटिया ने तीनों आरोपियों को अगले दिन रेलवे स्टेशन के बाहर से घटना में प्रयुक्त लाल रंग की बोलेरो सहित पकड़ा था। इस समय तीनों एक आरोपी की बहन की शादी के कार्ड बांटने जा रहे थे। गाड़ी से छात्रा की एक चप्पल, बालों के टुकड़े व आरोपियों के पास से बैग बरामद हुआ था। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने की थी। गुरुवार सुबह ही न्यायालय के बाहर व अंदर भारी भीड़ जमा थी। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात था। जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को न्यायालय में लाया गया। न्यायाधीश अजीत सिंह ने सुनवाई शुरू होते ही आरोपी विशंभर गुर्जर, निरंजन गुर्जर व राकेश कुशवाह को छात्रा के अपहरण व सामूहिक दुष्कृत्य का आईपीसी की धारा 363 व 376 (2) जी व 506 के तहत दोषी करार दिया। राकेश कुशवाह को 25, 27 आम्र्स एक्ट का भी दोषी पाया गया। मगर सजा सुनाने के लिए भोजनावकास के बाद का समय निश्चित किया। दोपहर करीब तीन बजे न्यायालय ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी राकेश कुशवाह को माना गया। उसने ही सड़क पर पैदल जा रही छात्रा को खींचकर गाड़ी में पटका था। राकेश के पास से कट्टा व कारतूस भी मिला था इस पर उसे आम्र्स एक्ट की धाराओं के तहत एक साल की सजा भी सुनाई गई।
शासन के भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास : गुप्ता
इस सनसनीखेज घटना के बाद शहरवासियों में काफी आक्रोश व्याप्त हो गया था। आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग उठने लगी थी। इस पर शासन ने मामले की पैरवी के लिए वरिष्ठ अभिभाषक मुकेश गुप्ता को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया था। न्यायालय के फैसले पर संतुष्टि जताते हुए उन्होंने कहा कि शासन के भरोसे पर खरा उतरने की उन्होंने भरपूर कोशिश करते हुए पैरवी की।

Updated : 2013-01-11T05:30:00+05:30
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