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'मनचाहा आएगा बिजली का बिल

मनचाहा आएगा बिजली का बिल
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ग्वालियर | शहर की विद्युत व्यवस्था फ्रेंचाइजी पर जाने का विरोध भले ही शहरवासी, राजनीतिक पार्टियों द्वारा किया जा रहा हो, लेकिन फ्रेंचाइजी व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को कुछ लाभ भी होंगे। सबसे बड़ा लाभ उन उपभोक्ताओं को होगा जिनकी हमेशा शिकायत रहती है कि वह बिजली का उपयोग कम करते हैं। फिर भी उनका बिल अधिक आता है। क्योंकि फेंरचाइजी व्यवस्था हाथ में लेने वाली एस्सेल विद्युत वितरण कम्पनी आने वाले समय में शहर में स्मार्ट मीटर लगाएगी। इससे उपभोक्ता जितनी बिजली की मांग करेंगे। उन्हें उतनी ही बिजली प्रदान की जाएगी। वहीं स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता ने कितनी बिजली खर्च की उसका पूरा रिकॉर्ड मीटर में उपलब्ध होगा। एस्सेल विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही उपभोक्ताओं को एक खुशखबरी देने वाली है। एस्सेल कंपनी बिजली व्यवस्था संभालने के बाद आने वाले समय में शहर में स्मार्ट मीटर लगाने पर विचार कर रही है। स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे कंपनी का तर्क है कि उपभोक्ताओं द्वारा अक्सर शिकायत की जाती है कि वह बिजली का उपयोग कम करते हैं। जबकि उनका बिल अधिक आता है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की इस शिकायत से कंपनी को मुक्ति तो मिलेगी ही साथ ही उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। क्योंकि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को जितनी बिजली की आवश्यकता होगी उतनी ही बिजली कंपनी द्वारा प्रदान की जाएगी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता द्वारा खर्च की जाने वाली बिजली का पूरा रिकॉर्ड मीटर में फीड रहता है। उपभोक्ता द्वारा खर्च की जाने वाली बिजली के एक-एक दिन का रिकॉर्ड भी निकाला जा सकता है। स्मार्ट मीटर की खास बात यह है कि इसमें एएमआई सिस्टम होता है। जिसके माध्यम से समय के हिसाब से बिजली खर्च करने की रिकॉर्डिंग की जा सकती है। अभी तक का यह पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मीटर होगा।
यह है स्मार्ट मीटर:- स्मार्ट मीटर का पूरा नाम स्मार्ट ग्रिड मीटर है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक मीटर होता है। इसमें उपभोक्ता द्वारा खर्च की जाने वाली बिजली का रिकॉर्ड प्रति मिनट के हिसाब से भी रखा जा सकता है। बिजली कंपनी के सबस्टेशन या एक निश्चित स्थान से मीटर को सीधे चालू या बंद किया जा सकता है। इसमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण वस्तु सर्किट होती है। यह पूरी व्यवस्था सर्किट के माध्यम से ही चलती है। भारत में अभी यह ज्यादा पुरानी तकनीक नहीं है। भारत में यह तकनीक गुजरात, राजस्थान सहित अन्य आठ स्थानों पर शुरू हुई है। भारत के अलावा यह तकनीक इटली, जापान, चीन सहित अन्य कई देशों में संचालित है।
ऐसे करेगा काम:- स्मार्ट मीटर लगने से पहले कंपनी द्वारा पूरे क्षेत्र का सर्वें किया जाएगा। इसमें जिन उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगवाना होंगे। केवल उनके यहां ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। जिन लोगों को मीटर लगवाना होंगे। उनसे पूछा जाएगा कि उन्हें कितनी बिजली चाहिए। जैसे किसी उपभोक्ता को 2 हजार रुपए प्रतिमाह की बिजली चाहिए। अब कंपनी द्वारा उसके घर में स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। कंपनी अपने हिसाब से प्रतिदिन उसे बिजली प्रदान करेगी। अपने शिड्यूल के अनुसार विद्युत कटौती करेगी। जिससे उसके पूरे माह का फिगर केवल 2 हजार रुपए ही बैठे। समय-समय पर कंपनी द्वारा उपभोक्ता को उसके बिजली खर्च के संबंध में एसएमएस या अन्य माध्यमों से जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
एक मीटर पर आएगा 10 हजार का खर्चा:- एक मीटर लगाने पर 10 हजार रुपए का व्यय करना होगा। एक मीटर की फिटिंग सहित कीमत 10 हजार रुपए रहेगी।
मीटर में गढ़बढ़ी रुकेगी:- इस मीटर की एक और खास बात है कि स्मार्ट मीटर में कंट्रोल सिस्टम लगा रहता है। कंट्रोल सिस्टम में एक किल स्विच सर्किट रहता है। कई लोग मीटर को रिमोट से संचालित करते हैं। चोरी-छिपे यह लोग मीटर में रिमोट लगवा लेते हैं। जिससे मीटर की चाल धीमी पड़ जाती है। लेकिन स्मार्ट मीटर में कोई भी किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं कर सकता। दिसम्बर तक कंपनी काम संभाल लेगी। हमारी योजना है कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध करवाएं। जिससे उपभोक्ताओं की अधिक बिजली बिल आने की समस्या खत्म हो।
जितेन्द्र नलवाया
बिजनिस हेड, ग्वालियर
एस्सेल विद्युत वितरण कंपनी 

Updated : 2012-09-30T05:30:00+05:30
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