Home > Archived > पीएम के मौन से तो मौनी बाबा भी शरमा जाएं: ठाकरे

पीएम के मौन से तो मौनी बाबा भी शरमा जाएं: ठाकरे

पीएम के मौन से तो मौनी बाबा भी शरमा जाएं: ठाकरे
X


$img_titleमुंबई:
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने भी कोयला घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में उन्होंने संसद में इस मुद्दे पर जारी गतिरोध का भी समर्थन किया है.शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कोयला घोटाले का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बेहद तीखी टिप्पणी की गई है.सामना के इस संपादकीय का शीर्षक है: चित करो गेंडे को. संपादकीय की शुरुआत ही मनमोहन सिंह पर हमले से की गई है.इसमें लिखा है, "एक के बाद एक घोटालों का आरोप लगने के बाद भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौनी बाबा बने हुए हैं. उनके मौन से अब तो मौनी बाबा भी शरमा जाएंगे. लेकिन मनमोहन सिंह को शर्म नहीं आ रही. मनमोहन सिंह जिस तरह कुर्सी से चिपक कर बैठे हैं, वह घिनौना नहीं तो और क्या है?"संपादकीय में आगे लिखा गया," कोयला खदान आवंटन घोटालों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथ काले हुए हैं. यह काला हाथ अपने चेहरे पर रगड़कर मनमोहन सिंह इस प्रकार का दंभ भर रहे हैं कि जैसे वे इस घोटाले में शामिल ही नहीं हैं. उनका यह व्यवहार देखकर हंसी आती है."सामना के इस संपादकीय में कोयला घोटाले के मुद्दे पर संसद की कार्यवाही ठप करने की रणनीति का भी खुलकर समर्थन किया गया है.संसद में जारी गतिरोध का ज़िक्र करते हुए कहा गया है, "सरकार का कहना है कि हंगामा करने की बजाय चर्चा कीजिए, चर्चा के माध्यम से इसका हल निकाला जाएगा. लेकिन भाजपा सहित सभी विरोधी दलों का कहना है कि प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा ही अब संसद में जारी गतिरोध को खत्म कर सकता है. चर्चा से कुछ भी निष्कर्ष नहीं निकलने वाला. काला पैसा, भ्रष्टाचार, घोटालों पर संसद में अब तक कम चर्चा नहीं हुई है. परंतु इन चर्चाओं से आज तक क्या निकला?"



Updated : 2012-08-27T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top