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सीबीआई ने खंगाले येद्दयुरप्पा के ठिकाने

सीबीआई ने खंगाले येद्दयुरप्पा के ठिकाने


$img_titleनई दिल्ली।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा पर सीबीआई का शिकंजा कस गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एफआइआर दर्ज करने के बाद जांच एजेंसी ने बुधवार को येद्दयुरप्पा, उनके बेटे व दामाद समेत जेएसडब्ल्यू स्टील व साउथ वेस्ट माइनिंग के कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की। सीबीआई ने छापे में रिश्वत के लेनदेन से संबंधित अहम दस्तावेज बरामद होने का दावा किया है।


सीबीआई की एफआइआर में येद्दयुरप्पा, उनके दो बेटों बी. राघवेंद्र, बी. विजयेंद्र व दामाद सोहन कुमार पर रिश्वत के रूप में लगभग 30 करोड़ रुपये जेएसडब्ल्यू स्टील से लेने का आरोप लगाया गया है। इनमें 20 करोड़ रुपये 1.2 एकड़ की जमीन की खरीद के मार्फत दिए गए। दरअसल, येद्दयुरप्पा के दोनों बेटों ने पहले इस जमीन को 20 लाख रुपये में खरीदा और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इसे अधिग्रहण मुक्त कर भू-उपयोग भी बदलवा दिया। बाद में इसी जमीन को साउथ वेस्ट माइनिंग कंपनी को 20 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। सीबीआइ के अनुसार यह रकम किसी बड़े काम के लिए रिश्वत के रूप में दी गई थी। साउथ वेस्ट माइनिंग कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील की सहायक कंपनी है।

रिश्वत का दूसरा मामला येद्दयुरप्पा के परिवार से जुड़े एक एनजीओ को 10 करोड़ रुपये के डोनेशन से जुड़ा है। जेएसडब्ल्यू स्टील की ही एक फ्रंट कंपनी ने जिस समय यह डोनेशन दी थी, उस वक्त उसकी कुल जमा पूंजी मात्र 3.5 करोड़ रुपये थी। इसके पहले जेएसडब्ल्यू स्टील की ओर से इतनी बड़ी मात्रा में डोनेशन नहीं दिए गए थे। माना जा रहा है कि जेएसडब्ल्यू स्टील की ओर से येद्दयुरप्पा परिवार को मिले 30 करोड़ रुपये रिश्वत के रूप में दिए गए थे। इसके एवज में येद्दयुरप्पा ने मुख्यमंत्री रहते हुए कंपनी को माइनिंग से जुड़े कामों में मदद की थी। सीबीआइ ने इस मदद से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद होने का दावा किया है। वैसे, जेएसडब्ल्यू स्टील का कहना है कि वह कभी किसी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं रहा है।

येद्दयुरप्पा के खिलाफ जांच की कमान हैदराबाद स्थित सीबीआइ के संयुक्त निदेशक बीवी लक्ष्मीनारायण को सौंपी गई है। ध्यान देने की बात है कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाइएसआर रेड्डी के बेटे जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ भी लक्ष्मीनारायण ही जांच कर रहे हैं।

बेटों और दामाद के साथ येद्दयुरप्पा अदालत की शरण में


बेंगलूर। गिरफ्तारी की आशंका के बीच कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येद्दयुरप्पा व उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने बुधवार को सीबीआइ की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। अवैध खनन मामले में अपने आवासों पर सीबीआइ के छापे के कुछ ही घंटे बाद सभी अदालत की शरण में पहुंचे गए हैं।

येद्दयुरप्पा के अलावा बेटे बी वाई राघवेंद्र और बी वाई विजयेंद्र व दामाद सोहन कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। अदालत ने सीबीआइ को गुरुवार तक इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का निर्देश दिया है। परेशानियों से घिरे येद्दयुरप्पा की मुसीबत सीबीआइ ने और बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अवैध खनन मामले में येद्दयुरप्पा की कथित भूमिका की जांच कर रही इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उसके एक ही दिन बाद उनके और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की।

येद्दयुरप्पा, राघवेंद्र, विजयेंद्र और सोहन के बेंगलूर और सिमोगा जिले में स्थित आठ आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक षडयंत्र रचने और आपराधिक विश्वासघात के अलावा भ्रष्टाचार निरोधक कानून और खान एवं खनिज [विकास एवं बंदोबस्ती] कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Updated : 2012-05-17T05:30:00+05:30
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