Latest News
Home > Archived > भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खराब

भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खराब

भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खराब
X


$img_titleनई दिल्ली।
गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज ने कहा है कि प्रशासनिक अभाव से भारतीय अर्थव्यवस्था व उद्योग जगत एक कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के हालात बेहद खराब है और सरकार को उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।


उन्होंने वर्तमान अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अर्थ व्यवस्था के वास्तविक हालात बिल्कुल सहीं नहीं है। 18 अप्रैल को भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष का पदभार सम्भालने वाले गोदरेज ने कहा कि अर्थ व्यवस्था की भावनाएं वास्तविकता से भी अधिक खराब है।

गोदरेज ने कहा कि विकास में मंदी, सुधारों के अभाव, भ्रष्टाचार और शासन को लेकर बढ़ रही चिंताओं ने व्यापारिक भावनाओं को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत चाहता है कि भावनाओं में सुधार के लिए सरकार आगे आकर काम करे। उसके बाद वास्तविकता में सुधार के लिए उद्योग जगत सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।

गोदरेज ने कहा कि सीआईआई व्यापारिक वातावरण सुधारने और भावनाओं को मजबूत करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगा। गोदरेज ने कहा कि प्रस्तावित कर संशोधनों और जनरल एंटी अवायडेंस रूल्स जीएएआर ने भावनाओं को और बदतर बना दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रभावी कर संशोधन ने एक नकारात्मक भावना पैदा कर रखी थी। इस समय यह कोई अच्छा कदम नहीं है। इससे देश को नुकसान होगा।

ज्ञात हो कि पिछले महीने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश किए गए 2012-13 के केंद्रीय बजट में आयकर अधिनियम, 1961 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है, जो व्यापक तौर पर प्रशासन को इस बात की छूट देगा कि वह वैश्रि्वक विलय और अधिग्रहण के संबंध में होने वाले उस आदान-प्रदान पर कर लगा सकता है, जिसमें भारतीय संपत्तियां और हिस्सेदारियां शामिल हों।

गोदरेज ने कहा कि सीआईआई और अन्य औद्योगिक संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इस तरह के कदमों से बचे, क्योंकि इससे विदेशी और घरेलू, दोनों तरह के निवेश पर असर पड़ेगा। गोदरेज ने कहा कि अगर सरकार कहती है कि भारत में निवेश के यह फायदे हैं और उसके बाद उन फायदों को वापस ले लेती है तो यह बिल्कुल गलत बात होती है।

सीआईआई ने केंद्रीय वित्त मंत्री को दिए एक ज्ञापन में अनुरोध किया है उन्हें इस संशोधन से बचना चाहिए। गोदरेज के नेतृत्व में सीआईआई के नए पदधिकारियों ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मुलाकात की थी और उद्योग जगत की चिंताओं पर उनसे बातचीत भी की थी।

गोदरेज ने आगे कहा कि प्रत्यक्ष कर संहिता डीटीसी, वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी, कम्पनी विधेयक, और राष्ट्रीय विनिर्माण नीति के क्रियान्वयन जैसे सुधारों से भावनाओं को सुधारने और अर्थव्यवस्था को वापस नौ प्रतिशत के विकास पथ पर लाने में मदद मिलेगी।

Updated : 2012-04-23T05:30:00+05:30
Next Story
Share it
Top