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त्रिवेदी ने कहा, मैं मन से तो काग्रेसी हूं

त्रिवेदी ने कहा, मैं मन से तो काग्रेसी हूं
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल से हाल ही में बाहर हुए दिनेश त्रिवेदी इस संभावना से इंकार नहीं करते कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले काग्रेस और तृणमूल काग्रेस का विलय संभव है। पूर्व रेल मंत्री का मानना है कि राजनीतिक दल, राजनीतिक कारणों के चलते अपने भविष्य की रणनीति तय करते हैं और 2014 में ऐसे राजनीतिक समीकरण हो सकते हैं कि काग्रेस-तृणमूल एक होकर चुनाव मैदान में उतरें।


समाचार चैनल न्यूज 24 को दिए एक साक्षात्कार में दिनेश त्रिवेदी ने स्वीकार किया कि वह मन से तो काग्रेसी ही हैं। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया, मैंने अपने सियासी जीवन का आगाज तो काग्रेसी के रूप में ही किया था। मैं राजीव गाधी से प्रभावित होकर राजनीति में आया। ममता बनर्जी ने भी काग्रेस के साथ ही राजनीतिक दुनिया में प्रवेश किया था, इसलिए मैं यह तो नहीं कह सकता कि मेरा काग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूछे जाने पर क्या अगला चुनाव काग्रेस प्रत्याशी के रूप में लड़ेंगे, दिनेश बोले, मेरा एक मैनेजर है, जो मेरी तरफ से फैसले लेता है। वह ही तय करेगा कि मैं अगला चुनाव किसी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ूंगा और हा, ईश्वर मेरा मैनेजर है।

रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देने के मामले में दिनेश त्रिवेदी ने कहा, यह कहना बिल्कुल गलत है कि मैं शहीद हुआ। मैं बहुत ईमानदारी से कह रहा हूं कि मेरे लिए किसी पद का कोई मतलब नहीं। मैंने राजनीति में आने का फैसला इसलिए लिया था जिससे कि मैं आम आदमी और देश के लिए कुछ ठोस कर सकूं। मुझे इसका संतोष है कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने संसद में कहा कि वह मुझे मिस करेंगे।

बजटीय प्रस्तावों से ममता बनर्जी के बेहद खफा होने और रेल मंत्री का पद छिन जाने के अहसास होने के बारे में पूछने पर दिनेश ने कहा कि उन्होंने जब बजट भाषण में रेल किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा तो संसद में खूब मेजें थपथपाई गईं। लाखों रेल कर्मियों का नेतृत्व करने वाले नेताओं ने उन्हें बधाई दी कि वह रेलवे को एयर इंडिया के रास्ते पर नहीं लेकर जा रहे। हा, ममता बनर्जी का दृष्टिकोण अलग हो सकता है। वह उनका सम्मान करते हैं।

क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा तानाशाही रवैया अपनाए जाने की घटनाओं के बारे में पूर्व रेल मंत्री ने कहा, मुझे किसी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करनी, लेकिन मैं पूरी तरह से जम्हूरियत में यकीन रखता हूं। मेरे लिए मेरा देश, मेरे माता-पिता और उसके बाद मेरी पार्टी का स्थान है।

Updated : 2012-04-01T05:30:00+05:30
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