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साढ़े छह करोड़ की रेत डकार गए नेता

साढ़े छह करोड़ की रेत डकार गए नेता
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$img_titleसेंवढ़ा
। अवैध उत्खनन को लेकर सेंवढ़ा में हुई गोलीबारी के बाद राजस्व विभाग की टीम ने कंजौली खदान की जांच की। टीम ने जांच में पाया कि खदान के नाम पर निजी व चरनोई की भूमि से दो लाख 24 हजार 200 घन मीटर रेत का अवैध उत्खनन किया गया है। इस रेत का बाजार मूल्य साढ़े छह करोड़ रुपए से अधिक है। अब प्रशासन अवैध उत्खनन के खिलाफ वसूली की कार्रवाई करने की तैयारी में है। भाजपा नेता राघवेन्द्र सिंह जाट और ठेकेदार के विवाद के बाद सुर्खियों में आई कंजौली रेत खदान अब प्रशासन के गले की हड्डी बनती जा रही है। कल तक प्रशासन के आला अधिकारी रेत खदान के आसपास हो रहे अवैध उत्खनन को स्वीकार नहीं कर रहे थे। विवाद के बाद अवैध उत्खनन की जांच के लिए सेंवढ़ा एसडीएम हरविलास राव पंजाबी ने तहसीलदार ममता शाक्य के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गठित कर दी। सोमवार को टीम ने कंजौली खदान से लगी आसपास की सरकारी जमीन और निजी जमीन की जांच की। टीम ने जांच में पाया कि यहां लंबे समय से रेत उत्खनन किया जा रहा है। तहसीलदार ने इसकी रिपोर्ट एसडीएम हरविलास राव पंजाबी को सौंप दी है।
नियमानुसार रेत का अवैध उत्खनन भू राजस्व संहिता की धारा 247 के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में एसडीएम द्वारा नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन इस राशि के लिए लीज एजेंसी शिवा कापरेरेशन को नोटिस दे सकती है। साथ ही निजी स्वामित्व की भूमि से रेत जाने से जमीन मालिक भी वसूली के दायरे में आ सकते हैं। इस बात का खुलासा शासन की चरनोई भूमि सर्वे क्रमांक 49 एवं 59 तथा निजी स्वामित्व के 17 सर्वे नंबरों से अवैध उत्खनन का कारोबार चल रहा है।

Updated : 2012-03-21T05:30:00+05:30
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