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राया में 12 बीघा जमीन के लिए हुआ था ट्रिपल मर्डर

राया के नगला भरऊ में हुए तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने एक पूर्व प्रधान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है।

राया में 12 बीघा जमीन के लिए हुआ था ट्रिपल मर्डर

पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, एक महिला सहित तीन फरार

आरोपियों की गिरफ्तारी पर किया थाने पर हंगामा

मथुरा । राया के नगला भरऊ में हुए तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने एक पूर्व प्रधान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। अभी इसमें एक महिला सहित तीन लोग फरार बताए गए हैं। तीनों हत्याएं 12 बीघा जमीन को हड़पने के लिए की गई थीं। बताते चलें कि 18 जून की रात राया के गांव भरऊ में उस समय सनसनी फैल गई थी जब गांव के सुंदर व उसके दो साथी फौजी भंवर सिंह व सत्यप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इसके खुलासे के लिए चार टीमें लगाई थीं।

इस संबंध में एसपी ग्रामीण आदित्य कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर हत्या में शामिल तीन लोगों को राया कट से गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर आला कत्ल भी बरामद हुआ। पकड़े गए लोगों में चंदन सिंह पुत्र छीतर सिंह जो की मृतक सुंदर का भाई है। अनिल पुत्र कालीचरन मृतक का भतीजा है जबकि तीसरा गजराज पुत्र गुलाब सिंह पूर्व प्रधान हैं। ये सभी भरऊ के रहने वाले हैं। इनके अलावा कालीचरन पुत्र कलुआ व श्रीमती भावो देवी जो मृतक सुंदर की भाभी है एक अन्य भी इस हत्या कांड में शामिल है। ये तीनों फरार हैं।

उन्होंने बताया कि यह हत्या सुंदर के हिस्से की 12 बीघा जमीन को हड़पने के लिए की गई थी। जो अन्य दो लोग मारे गए वे सुंदर के समर्थक थे। इसीलिए उनको भी रास्ते से हटाया गया। जल्द ही फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। जब पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तो राजनेताओं के फोन घनघनाने लगे। इनका दबाव पुलिस पर बढऩे लगा। नेताओं का कहना था कि यह खुलासा फर्जी है। आज सुबह से ही राया थाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। उस समय थाने पर अफरा-तफरी मच गई जब पूर्व प्रधान गजराज बेहोश हो गया। उसे तत्काल डाक्टर के पास ले जाया गया। लेकिन डाक्टरों ने कहा कि यह सब नाटक कर रहा है इसे कोई बीमारी नहीं है। उस दौरान लोगों ने थाने पर काफी हंगामा काटा। पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। तीनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया।

मृतक के घर से मिली पर्ची से हुआ हत्याकांड का खुलासा

ट्रिपल मर्डर के हत्याकांड की सूचना के बाद तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने इसे चुनौती के रूप में लिया और इसे खोलने का बीड़ा उठाया। एसएसपी को उस वक्त घटना के खुलासे की उम्मीद नजर आई जब सुंदर ंिसह के घर की तलाशी ली गई। तलाशी में पुलिस को वो चिट मिली जो एसएसपी के यहां से प्रार्थना पत्र देने के बाद मिलती है। उस चिट में प्रार्थना पत्र देने की तारीख, सुंदर सिंह बनाम आरोपियों के नाम लिखे थे। बस यहीं से एसएसपी का माथा ठिनका और उसने उन सभी नामों के मोबाइल नम्बर सर्वलांस पर लगवा दिए। यह भी देखा कि हत्या वाले दिन सभी आरोपी देर रात तक इनके मोबाइल विजी थे। जबकि अन्य दिनों में ये काफी जल्दी सो जाते थे। इनके मोबाइल लिसनिंग पर लगाकर वार्ता सुनी गई। बस क्या था हत्या कांड से पर्दा उठता चला गया।

पुलिस की लापरवाही से गई जान

मृतक सुंदर सिंह पहले से शक नहीं बल्कि यकीन था कि आरोपी उसकी जान ले सकते हैं। इसके लिए उसने चार माह पूर्व एसएसपी को एक प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि यह सभी आरोपी उसकी जमीन हड़पने के लिए हत्या कर सकते हैं। इसमें यही वो नाम हैं जो पुलिस ने खोले हैं। उसने राया पुलिस को भी इस बारे में जानकारी दी थी। लेकिन राया पुलिस ने मृतक के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लिया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की। इस मामले में राया पुलिस कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में हैं।





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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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