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छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगी सीएनसी मशीन

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को विश्व प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ ही उनमें आधुनिक टेक्निक का समावेश

छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाएगी सीएनसी मशीन

संस्कृति यूनिवर्सिटी और एमएसएमई के प्रयास ला रहे रंग

मथुरा । तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को विश्व प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ ही उनमें आधुनिक टेक्निक का समावेश करने की खातिर संस्कृति यूनिवर्सिटी ने अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कम्प्यूटराइज्ड न्यूमेरिकल कंट्रोल मशीन (सीएनसी) को भी जगह दे दी है। अब छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के लिए मथुरा से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।

संस्कृति यूनिवर्सिटी और एमएसएमई पीपीडीसी आगरा के संयुक्त प्रयासों से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संचालित है। इस सेंटर में रोबोटिक के साथ ही आधुनिकतम तकनीकी मशीनें मौजूद हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तकनीकी बदलाव के इस दौर में छात्र-छात्राओं को कौशलपरक शिक्षा में पारंगत करने के लिए एमएसएमई पीपीडीसी आगरा से अनुबंध किया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जहां तक बात है। यह उत्तर प्रदेश का इकलौता सेंटर है। हाल ही यहां कम्प्यूटराइज्ड न्यूमेरिकल कंट्रोल मशीन (सीएनसी) को स्थापित किया गया है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विंसेट बालू का कहना है कि आज के समय में आटोमेशन और मैन्यूफैक्चरिंग कम्पनियां सीएनसी मशीन पर ही आश्रित हैं। इस मशीन को ऑपरेट करना बहुत ही सुरक्षित होता है यही कारण है कि आजकल इस मशीन की डिमांड बहुत ज्यादा है। दूसरी मशीनों की तुलना में इस मशीन का प्रोडक्शन बहुत ही ज्यादा होता है। यही कारण है कि आजकल इंडस्ट्रीज में खासकर प्रोडक्शन में सीएनसी मशीन का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। श्री बालू का कहना है कि आजकल मार्केट में सीएनसी मशीनों की बहुत सी किस्में उपलब्ध हैं जिसमें किसी में 2 एक्सेस, किसी में 3 एक्सेस, किसी में 4 एक्सेस और किसी में 5 से 7 एक्सेस होते हैं। कोई होरिजेंटल काम करता है कोई वर्टिकल काम करता है। प्रो. निर्मल कुंडू का कहना है कि एमएसएमई और संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीच हुए अनुबंध के तहत यहां के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में और भी लेटेस्ट मशीनें आएंगी।

प्रतिकुलपति डा. अभय कुमार का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सीएनसी मशीन लग जाने से आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग तथा बी-टेक के छात्र-छात्राओं को काफी फायदा होगा। इस मशीन के संचालन में दक्ष होने के बाद छात्र-छात्राओं को जॉब हासिल करने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। आज के समय में टैक्निकल छात्र-छात्राओं के लिए सीएनसी मशीन के संचालन का ज्ञान बहुत जरूरी है। संस्कृति यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि यहां छात्र-छात्राओं को हर वह जानकारी दी जाए जिसकी औद्योगिक क्षेत्र में डिमांड है।




Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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