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अब यूपी का किसान रूस में भी खेती करेगा : मुख्यमंत्री

- मुख्यमंत्री की रूस यात्रा के दौरान सात समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

अब यूपी का किसान रूस में भी खेती करेगा : मुख्यमंत्री

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रूस की यात्रा से वापस लौट आये हैं। उन्होंने बुधवार को यहां कहा कि वहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उत्तर प्रदेश का किसान अब रूस में भी खेती करेगा। रूस यात्रा के दौरान सात समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं।

मुख्यमंत्री योगी तीन दिवसीय रूस दौरे से लौटने के बाद आज अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि रूस के पास प्राकृतिक संपदा अपार है। वहां जमीन भी बहुत है। उन्होंने बताया कि रूस के पास पांच मिलियन हेक्टेअर कृषि योग्य जमीन है, लेकिन वे उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। योगी ने बताया कि रूस के पास मैनपावर और तकनीक की कमी है। दूसरी तरफ भारत और उसके सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मैनपावर की अधिकता है। ऐसे में हम वहां कांट्रेक्ट पर खेती कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। हमारा देश सबसे ज्यादा खाद्यान्न पैदा करता है। रूस में हम कांट्रेक्ट पर फार्मिंग और फूड प्रोसेसिंग कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रूस दौरे के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, टिम्बर, ऊर्जा, तेल और कौशल विकास के क्षेत्र में सात समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में फल, सब्जी और दूध का बड़ा उत्पादन होता है और इन चीजों की रूस में कमी है। ऐसे में हम यहां से रूस में आलू, आम, अमरूद, दूध आदि का निर्यात कर सकते हैं। योगी ने कहा कि इससे देश और प्रदेश के किसानों को बहुत फायदा होगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में तीन दिन के दौरे पर भारत का एक प्रतिनिधिमंडल 11 अगस्त को रूस गया हुआ था। योगी के अलावा गोवा, गुजरात और हरियाणा के भी मुख्यमंत्री वहां गये हुए थे।

योगी ने बताया कि 190 लोगों के इस प्रतिनिधिमंडल में 145 उद्यमी भी शामिल थे। चर्चा के दौरान रूस के 200 उद्यमियों ने भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि देश का यह अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल था जो किसी दूसरे देश में निवेश और व्यापार की संभावनाए तलाशने गया था। उन्होंने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल रूस के पूर्वी क्षेत्र में और वह क्षेत्र रूस का 35 प्रतिशत क्षेत्रफल है, लेकिन उस क्षेत्र में रूस की मात्र पांच फीसदी आवादी ही रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और रूस के संबंध बड़े ही मधुर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने इस संबंध को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ही सम्मान है। अगले माह मोदी वहां जा भी रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार का संबंध और प्रगाढ़ होगा।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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