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मनोहर पर्रिकर का IIT से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर, जानें

मनोहर पर्रिकर का IIT से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर, जानें

पणजी। गंभीर बीमारी के चलते गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का आज निधन हो गया। वे 63 साल के थे। पिछले फरवरी में बीमारी का पता चलने के बाद उन्होंने गोवा, मुंबई, दिल्ली और न्यूयॉर्क के अस्पतालों में इलाज कराया आखिरकार 17 मार्च को वे जिंदगी की जंग हार गए।

"एक आतंकवादी जो बंदूक लेकर भारत आ रहा है, उसे यहां मानव अधिकारों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। जरूरत पड़ी तो हम आतंकवादियों को आतंकवाद से ही बेअसर करेंगे। 13 लाख की हमारी सेना शांति का प्रचार करने के लिए नहीं है। "

मनोहर पर्रिकर शालीन, सरल, स्वभाव के नेता रहे। उन्होंने 1978 में IIT मुंबई से अपना ग्रेजुएशन किया।

मनोहर पर्रिकर भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने IIT ग्रेजुएशन किया था।

मनोहर पर्रिकर गोवा में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने थे। 1994 में उन्हें गोवा की द्वितीय व्यवस्थापिका के लिए चयनित किया गया था।

साल 2000 में गोवा में हुए विधान सभा चुनावों में भाजपा को लोगों का साथ मिला और भाजपा को गोवा की सत्ता में आने का मौका मिला। वहीं सत्ता में आते ही पार्टी ने इस राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर पर्रीकर को चुना।

24 अक्टूबर को पर्रीकर ने बतौर गोवा का मुख्यमंत्री बन अपना कार्य शुरू कर दिया। लेकिन किन्हीं कारणों से उनका ये कार्यकाल ज्यादा समय तक नहीं चल पाया और 27 फरवरी 2002 को उन्हें अपनी ये कुर्सी छोड़नी पड़ी। वहीं 5 जून 2002 को फिर से उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया।

वहीं 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार मिली और पर्रीकर को मुख्यमंत्री के पद को छोड़ना पड़ा। जिसके बाद भाजपा को साल 2012 में गोवा में हुए चुनाव में फिर जीत मिली और फिर से भाजपा ने पर्रीकर को मुख्यमंत्री बना दिया।

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली और पार्टी केंद्र में अपनी सरकार बनाने में कामयाब हुई। वहीं जब देश के रक्षा मंत्री को चुनने की बारी आई, तो भाजपा की पहली पसंद पर्रीकर बने और उन्होंने देश का रक्षा मंत्री बना दिया गया।

देश के रक्षा मंत्री बनने के लिए पर्रीकर को अपना मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा और उनकी जगह लक्ष्मीकांत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।

मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री रहते हुए भारतीय सेना ने दो बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। 2015 में म्यांमार की सीमा में भारतीय पैराकमांडो द्वारा घुसकर उग्रवादियों को मार गिराना और नवंबर 2017 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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