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पुण्यतिथि : अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में जानें यह 10 प्रमुख बातें

पुण्यतिथि : अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में जानें यह 10 प्रमुख बातें

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज शुक्रवार को पहली पुण्यतिथि है। पिछले साल 16 अगस्त की शाम 5:05 बजे नियति ने देश के प्रखर वक्ता और महान नेता को हमसे छीन लिया। उनका व्यक्तित्व इतना विशाल था कि विपक्षी भी उनके मुरीद थे। उनकी पहली पुण्यतिथि पर जानते हैं।

-पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज ही के दिन पिछले साल लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वाजपेयी की याद में शुक्रवार को सदैव अटल नाम से कार्यक्रम भी रखा गया है। अटल की पहली पुण्यतिथि पर जानिए उनसे जीवनकाल से जुड़ी कुछ बातें

-अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। पिछले साल 16 अगस्त को उनका निधन हो गया। वाजपेयी की पढ़ाई-लिखाई कानपुर में हुई। छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। कानपुर से पोस्टग्रैजुएशन करने के बाद उन्होंने एलएलबी के लिए दाखिला लिया लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वह राजनीति में सक्रिय हो गए। अगस्त 1942 में उन्हें और बड़े भाई प्रेम को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 23 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया।

-अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में थे। 1968 से 1973 तक वह उसके अध्यक्ष भी रहे थे।

-1955 में उन्होंने जनसंघ के टिकट पर पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1957 में जनसंघ ने उन्हें तीन लोकसभा सीटों लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से चुनाव लड़ाया। इनमें से बलरामपुर (जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश) से चुनाव जीतकर वह पहली बार लोकसभा पहुंचे।

-1977 में केंद्र में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। वाजपेयी उस सरकार में विदेश मंत्री बनाए गए। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में हिन्दी में भाषण दिया। ऐसा करने वाले वह देश के पहले नेता थे।

-वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ कवि भी थे। 'मेरी इक्यावन कविताएं' अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है। जगजीत सिंह के साथ उन्होंने दो एलबम 'नई दिशा' (1999) और 'संवेदना' (2002) भी रिलीस कीं। वाजपेयी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर-अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के संपादक रहे।

-वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 16-31 मई, 1996, इसके बाद 19 मार्च 1998 से 13 मई 2004 तक और इसके बाद 1999 से लेकर 2004 तक।

-वाजपेयी अपना कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने। 1998 में वे देश के दसवें प्रधानमंत्री बने।

-वाजपेयी ने 2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था। तब उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू ही हुई थी।

-अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 1992 में उन्हें पद्म विभूषण, 1994 में लोकमान्य तिलक पुरस्कार, 1994 में श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार और 1994 में ही गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार से नवाजा गया।

-प्रधानमंत्री बनने के बाद 1998 में वाजपेयी सरकार ने न्यूक्लियर टेस्ट करने का फैसला किया। उनसे पहले के प्रधानमंत्री इसके पक्ष में नहीं थे।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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