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कश्मीर घाटी में सामान्य हालात, सभी शिक्षण संस्थान खुले

कश्मीर घाटी में सामान्य हालात, सभी शिक्षण संस्थान खुले

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद कश्मीर घाटी में बंद शिक्षण संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से खोलने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। सभी कालेज और विश्वविद्यालय खुल गए। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल पहले ही खुल चुके हैं। 5 अगस्त के बाद शिक्षण संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया था। घाटी में सामान्य जनजीवन तेजी से पटरी पर लौट रहा है।

कश्मीर घाटी में अब अलगाववादी गतिविधियां थम गई हैं। देश विरोधी और आजादी के नारे लगने बंद हो गए हैं। मुठभेड़ के बाद हिंसक प्रदर्शनों का दौर भी गुजरे जमाने की बात हो गई है। पूरी घाटी में शांति है। स्थानीय नागरिक अपने बच्चों को हिंसक गतिविधियों से दूर रख रहे हैं। गुरुवार से पर्यटकों पर घाटी में आने पर लगा प्रतिबंध भी हट जाएगा। घाटी फिर पर्यटकों से गुलजार होगी।

कश्मीर घाटी में अब लोग कहीं भी आ-जा सकते हैं। सुबह-शाम छोटी- बड़ी दुकानें खुल रही हैं। सरकारी कार्यालयों में चहल-पहल बढ़ गई है। रेहड़ी-फड़ी का धंधा भी सामान्य हो गया है। सेब की मंडियों में रौनक है। सेब व्यापारी अब फसल नैफेड को बेचने के अलावा अपने स्तर पर देश की विभिन्न मंडियों में भेज रहे हैं। लोग बेखौफ होकर घरों से बाहर निकल रहे हैं।

प्रशासन जल्द ही श्रीनगर समेत कई जिलों में चरणबद्ध तरीके से मोबाइल सेवा बहाल करने की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। मोबाइल इंटरनेट सेवा अभी बंद है। कश्मीर घाटी के सभी जिलों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल हो चुकी है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की कश्मीर घाटी की स्थिति पर नजर है। वह पल-पल की जानकारी अधिकारियों से ले रहे हैं। घाटी के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाबलों का पहरा है। फटकार

कोर्ट ने कहा-दो माह में पूरी करें जांच, उसके बाद और वक्त नहीं मिलेगा

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ चल रही जांच पूरी करने करने के लिए दो महीने का और वक़्त दिया है। कोर्ट ने जांच की धीमी रफ़्तार को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अब आगे जांच के लिए और वक़्त नहीं दिया जाएगा।

सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पिछले 12 सितम्बर को अमेरिका और पिछले हफ्ते संयुक्त अरब अमीरात को लेटर रोगेटरी भेजे गए हैं। उनके जवाब का इतंज़ार है। तब कोर्ट ने पूछा कि जांच का आदेश जनवरी में दिए जाने के बाद इतनी देरी से लेकर रोगेटरी क्यों भेजे गए? जांच को यूं ही इतने वक़्त तक नहीं लटकाया जा सकता है।

31 मई को हाईकोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए सीबीआई को 4 महीने का समय दिया था। पिछले 12 अप्रैल को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाइकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वो घटित अपराध से संबंधित विस्तृत घटनाओं की टाइम-लाइन बताए। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया था कि वो दूसरे देशों को पत्र लिखकर साक्ष्य के लिए अनुरोध करेगा। तब कोर्ट ने कहा था कि आप हमें ये बताएं की आपको दूसरे देशों को पत्र लिखकर साक्ष्य के लिए कब अनुरोध करेंगे?

अस्थाना के खिलाफ केस सतीश साना से जुड़े एक मामले में दर्ज किया गया है । सतीश साना ही वह व्यक्ति है, जिसने कुरैशी से जुड़ा अपना केस रफा-दफा कराने के लिए अस्थाना को तीन करोड़ रुपए रिश्वत देने का आरोप लगाया है। साना का नाम आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को रिश्वत देने के आरोप में सामने आया है। साना के मुताबिक उससे रिश्वत की मांग की गई थी।

एफआईआर के मुताबिक मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद सतीश साना से दुबई में मिले और उसका मामला रफा-दफा कराने का आश्वासन दिलाया । साना दुबई का कारोबारी है। सीबीआई उसके खिलाफ मीट कारोबारी से संबंध को लेकर जांच कर रही है। कुरैशी साल 2014 के बाद से भ्रष्टाचार के केस में कई एजेंसियों के निशाने पर है।

सीबीआई के मुताबिक दो करोड़ रुपये का घूस सतीश ने खुद को 25 अक्टूबर, 2018 तक बचाए रखने के लिए दिया था। दस अक्टूबर, 2018 को 25 लाख रुपये चुकाए गए और बाकी के पैसे 16 अक्टूबर, 2018 तक चुकाने की बात हुई। सीबीआई ने 16 अक्टूबर को बिचौलिए मनोज प्रसाद को गिरफ्तार किया, जब वह बाकी के पौने दो करोड़ रुपए लेने भारत आया था। फिलहाल पटियाला हाउस कोर्ट मनोज प्रसाद को जमानत दे चुका है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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