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मानसून का अभी न करें इंतजार, धूल भरी आंधी के बने आसार

मानसून का अभी न करें इंतजार, धूल भरी आंधी के बने आसार

कानपुर। पछुआ हवाएं मानसून में रूकावट बन रहीं हैं जिसके चलते अभी मानसून के आने का इंतजार न किया जाये। वहीं इन हवाओं के चलते राजस्थान की धूल भरी आंधी किसी भी समय मैदानी क्षेत्र में आने की संभावना बनी हुई हैं। जिससे एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल सकता है और यह धूल भरी आंधी एक बार फिर तबाही मचा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार इन धूल भरी आंधी के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है पर फिलहाल गर्मी से अभी लोगों को निजात नहीं मिलेगी।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरूद्ध दुबे ने बताया कि आमतौर 17 जून के आसपास मानसून उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के भागों में आ जाता है और 20 जून तक कानपुर के आस-पास बारिश भी शुरू कर देता है। लेकिन इस बार मानसून आने का समय हो भी हो गया है और मध्य भारत तक मानसून पंहुच भी चुका है, लेकिन पछुआ हवायें इसमें बाधक बन रही हैं। ऐसे में लोगों को अभी मानसून का इंतजार करना पड़ेगा और संभावना है कि इन हवाओं की दिशायें बदलने से कानपुर में 24 या 25 जून तक मानूसन आ जायेगा।

बताया कि राजस्थान की धूल भरी आंधी पछुुुुआ हवाओं के चलने से मैदानी क्षेत्रों में बराबर तेजी से बढ़ रही हैं। एनसीआर तक यह धूल भरी आंधी पंहुच चुकी और कानपुर में भी किसी समय तक पंहुच सकती है। इस धूल भरी आंधी का कहर एक दो दिनों तक देखने को मिलेगा। धूल भरी आंधी से जहां वायु प्रदूषण बढ़ेगा तो वहीं इनकी अधिक गति होने से आमजनमानस को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर हल्की भी बारिश होगी और बादलों के टकराहट से बिजली की गरज चमक होने की संभावना है। ऐसे में मौसम के मिजाज को देखते हुये ही लोग घरों से बाहर निकलें। पश्चिमी हवाओं के चलते रविवार को अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान सामान्य रहा।

डा. दुबे ने बताया कि जहां शनिवार को सुबह 10 बजे तक अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं रविवार को भी 29.2 डिग्री रहा। इसके बाद दोपहर तक आसमान साफ होने व बदली के बीच अधिकतम तापमान कल से कुछ अधिक 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की कमी हुई और 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया कि पश्चिमी हवाएं चल रहीं हैं, जिनकी रफ्तार 7.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही, पर इसमें किसी भी समय बदलाव हो सकता है, खासतौर पर देर शाम को मौसम में बदलाव की अधिक संभावना है। सुबह की आर्द्रता में एक फीसदी की गिरावट के साथ 42 फीसदी और दोपहर की आर्द्रता में दो फीसदी की घटोत्तरी के साथ 28 फीसदी दर्ज की गयी।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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