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पैर का ऑपरेशन करते हुए हुई मौत, परिजनों का हंगामा

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नई दिल्ली। रोहिणी जिले के बवाना इलाके में एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से युवक की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा कर डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई और शव का पोस्टमार्टम पैनल में कराने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को आश्वासन दिया है। मामला सामने आने के बाद डॉक्टर अपने अस्पताल से फरार है।

जानकारी के अनुसार मृतक युवक की पहचान मोहित के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ बवाना ब्राहमण कॉलोनी इलाके में रहता था। वह पिछले कुछ समय से स्वामी सद्धानंद अस्पताल में नौकरी कर रहा था। गत 24 जून की रात करीब डेढ़ बजे वह अपने चार दोस्त दीपक, नवीन, सौरव और कालू के साथ भिवाड़ी में शादी समारोह में शामिल होने के बाद कार से घर की तरफ आ रहा था। कार दीपक चला रहा था। भिवाड़ी के पास उनका एक्सिडेंट हो गया। उसमें नवीन और सौरव की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाकी तीनों के हाथ और पैर में फ्रेक्चर हुआ था। मोहित के पैर पर फ्रेक्चर हुआ था।

सिद्धार्थ अस्पताल में कराया भर्ती

मोहित के भाई दीपक ने बताया कि हादसे के बारे में पता लगने के तुरंत बाद वह महार्षि वाल्मिकी अस्पताल पहुंचे थे। जहां से मोहित को सिद्धार्थ अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के मालिक डॉक्टर राजीव ने एक्स रे देखकर बताया कि पैर की ऊपर के हिस्से की हड्डी टूटी है। जिसका ऑपरेशन करना होगा। सोमवार को अपने अस्पताल में दाखिल करने के बाद मंगलवार रात करीब 11 बजे राजीव ने ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही देर बाद राजीव ने परिजनों को बताया कि मोहित को वेंटिलेटर पर रखना होगा।

परिजनों को कुछ समझ में नहीं आया। कारण पूछने पर डॉक्टर राजीव ने उनको कई चीजें बताई। जो किसी को भी समझ में नहीं आई। इसके कुछ ही देर बाद अचानक डॉक्टर ने कहा कि मोहित को जयपुर गोल्डन अस्पताल में भर्ती कराना होगा। वहां पर सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में रहेगा। डॉक्टर ने खुद ही फोन कर वेंटिलेटर वाली एम्बुलेंस मंगवा ली। जिसमें वह और उसके सहयोगी मोहित को लेकर जयपुर गोल्डन अस्पताल गए।

वहां पर सीनियर डॉक्टरों ने मोहित के इलाज के कागजात देखने के बाद डॉक्टर राजीव से कुछ बातचीत कर मोहित को देखा। बुधवार शाम को डॉक्टरों ने मोहित को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टर पर लगे गंभीर आरोप

मोहित के परिजनों ने बताया कि जयपुर गोल्डन अस्पताल में डॉक्टर राजीव ने आखिरी एमएलसी भिवाड़ी की दिखा रखी है। जबकि अपने अस्पताल किये ऑपरेशन आदि के पर्चे उसने नहीं दिखाए और न ही अपने यहां मोहित का कोई इलाज करने की बात बताई। जयपुर गोल्डन अस्पताल के डॉक्टरों ने राजीव से मिलीभगत कर इस बात को बाहर नहीं आने दिया। मोहित की मौत का कारण जब पूछा गया तो किसी भी डॉक्टर ने कुछ नहीं बताया।

मामले की जानकारी रोहिणी थाना पुलिस को दी। जिन्होंने मामले में ऐसे पुलिस वाले को जांच का जिम्मा सौंपा,जो छुट्टी पर था। पुलिस की भी लापरवाही देखते हुए बवाना थाने में मामले की जानकारी दी। गुरुवार को सिद्धार्थ अस्पताल के सामने डॉक्टर राजीव के खिलाफ हंगामा कर उसे मोहित की मौत का जिम्मेवार ठहराया। हंगामे की वजह से कंझावला रोड पर काफी लंबा जाम लग गया था। जिसको सुचारू रूप से चलाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

डॉक्टर राजीव की डिग्री हो रद्द

परिजनों को कहना है कि डॉक्टर राजीव किसी सरकारी अस्पताल में नौकरी करता है। साथ ही उसने अपना सिद्धार्थ नाम से प्राइवेट अस्पताल चला रखा है। इंडियन मेडिकल काउंसिल से मांग है कि डॉक्टर राजीव की डिग्री कैंसिल की जाए और अस्पताल में ताला लगाया जाए। पुलिस से मांग की है कि डॉक्टर राजीव को मोहित की हत्या करने के जुर्म में उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सजा दिलवाए।

परिवार में सबसे छोटा था मोहित

परिजनों ने बताया कि परिवार में मोहित सबसे छोटा था। परिवार में पिता शीशपाल,मां बिमला,बड़ा भाई दीपक और बहन है। शादी में जाने से पहले उसको पिता और उसकी मां ने कहा था कि जल्दी घर लौट आना। शादी में दोस्तों के साथ ज्यादा इधर-उधर मत जाना।

मामले के बाद डॉक्टर है फरार

मोहित के परिजनों ने बताया कि मोहित की जब से मौत हुई है। डॉक्टर राजीव तभी से फरार है। उसका फोन भी बंद है। उसके बारे में अस्पताल में नौकरी करने वालों से पूछने पर राजीव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। जिससे साफ जाहिर होता है कि राजीव को भी पता है कि उससे गलती हुई है, जिससे मोहित की जान गई है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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