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झारखंड में नक्सली घटनाओं के बीच 20 सीटों पर 62.40 % मतदान

-सिसई में पथराव के बाद पुलिस फायरिंग में एक की मौत, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट -पिछले चुनाव में पड़े थे 68.01 फीसदी वोट, इसबार 5.6% कम मतदान -सबसे अधिक वोटिंग बहरागोड़ा, सबसे कम जमशेदपुर पश्चिम में -रघुवर और सरयू सहित 260 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत दांव पर -जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी से सबसे ज्यादा 20-20 उम्मीदवार

झारखंड में नक्सली घटनाओं के बीच 20 सीटों पर 62.40 % मतदान

झारखंड में नक्सली घटनाओं के बीच 20 सीटों पर 62.40 % मतदान

-सिसई में पथराव के बाद पुलिस फायरिंग में एक की मौत, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

-पिछले चुनाव में पड़े थे 68.01 फीसदी वोट, इसबार 5.6% कम मतदान

-सबसे अधिक वोटिंग बहरागोड़ा, सबसे कम जमशेदपुर पश्चिम में

-रघुवर और सरयू सहित 260 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत दांव पर

-जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी से सबसे ज्यादा 20-20 उम्मीदवार

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 20 सीटों पर शनिवार शाम 5 बजे मतदान समाप्त हो गया। इन सीटों पर 62.40 फीसदी वोटिंग हुई। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 5.6 फीसदी कम वोटिंग हुई। 2014 में इन 20 सीटों पर 68.01 फीसदी वोट पड़े थे। आज सबसे अधिक वोटिंग बहरागोड़ा और सबसे कम वोटिंग जमशेदपुर पश्चिम में हुई। जबकि सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली जमशेदपुर पूर्वी में 50 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ।

पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना से इस बार लगभग 7 फीसदी कम मतदान हुआ।

गुमला के सिसई में ग्रामीणों के पथराव के बाद पुलिस फायरिंग में एक की मौत और छिटपुट नक्सली घटनाओं के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में शांतिपूर्ण मतदान रहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने बताया कि इन सीटों में चाईबासा में 62.28, मंझगांव में 66.84, जगन्नाथपुर में 62.57, मनोहरपुर में 60.03, चक्रधरपुर में 65.61, खरसावां में 62.22, तमाड़ में 68.11, तोरपा में 64.24, खूंटी में 63.66, मांडर में 65.34, गुमला के सिसई में 68.60, सिमडेगा में 62.07, कोलेबिरा में 65.48, बहरागोड़ा में 74.44, घाटशिला में 64.49, पोटका में 64.3, जुगसलाई में 63.27, सरायकेला में 60.05 में फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि मुख्यमंत्री रघुवर दास की जमशेदपुर पूर्वी सीट पर 49.01 और पश्चिमी में 46.65 प्रतिशत वोटिंग हुई है।

शनिवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। इनमें 18 सीटों पर शाम तीन बजे तक मतदान हुआ जबकि जमशेदपुर पूर्व और जमशेदपुर पश्चिम सीट पर शाम पांच बजे तक वोट डाले जाएंगे। इन 20 विधानसभा सीटों में 16 सीटें अनुसूचित जनजाति और एक सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित हैं। मतदाताओं की जागरूकता के कारण कई बूथों पर पहले मतदान करने को लेकर लोगों की लाइन सुबह छह बजे से ही लगने लगी थी। गुमला जिले के सिसई के बूथ नंबर 36 पर ग्रामीणों के पथराव के बाद हुई पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत और पथराव में पुलिस कर्मियों के घायल के अलावा दो छिटपुट नक्सली घटनाएं हुईं। एक जगह नक्सलियों ने मतदाताओं को लाने जा रही शिशु मंदिर की बस को फूंक दिया तथा एक अन्य जगह मतदाताओँ को लाने जा रही बस को रोक लिया और वोटरों को नक्सलियों ने बंधक बना लिया। इसके आलावा कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

खूंटी और सिमडेगा के कुछ बूथों पर ईवीएम में खराबी की शिकायतें जरूर मिली, लेकिन उसे दुरुस्त कर लिया गया। मतदान के बीच पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र के पचांडो क्लस्टर पर आरपीएफ के एएसआई हरिश्‍चंद्र गिरी (44) की मौत हृदय गति रुकने मौत हो गई। डीएसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि हरिश्‍चंद्र गिरी उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के महनाजपुर थाना क्षेत्र के बरबासागर के निवासी थे।

पुलिस फायरिंग में युवक की मौत, थाना प्रभारी समेत कई घायल

सिसई में कुदरा पंचायत के बघनी गांव में 36 नंबर बूथ पर हिंसक झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बघनी निवासी 28 वर्षीय जिलानी अंसारी के रूप में की गई है। वहीं, सिसई थाना प्रभारी समेत कई लोग घायल हैं। जिन्हें रिम्स रेफर किया गया है। ग्रामीण इतने आक्रोशित थे कि मतदानकर्मियों ने बचने के लिए खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। मामले में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। मामले की रिपोर्ट प्रशासन से मांगी गई है। इसके बाद बूथ नंबर 36 पर मतदान रोक दिया गया। बूथ संख्या 36 पर मतदान प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ मतदाता बेतरतीब तरीके से लाइन में खड़े थे। इस दौरान गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें लाइन में खड़े होने व व्यवस्थित तरीके से मतदान की बात कही। इसी बात पर मतदाता भड़क गए और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव करने लगे। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने आत्मरक्षा के लिए हवाई फायरिंग की। इसके बाद भीड़ और ज्यादा उग्र हो गई। फिर सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की जिसमें जिलानी अंसारी की मौत हो गई। भीड़ की ओर से पथराव में सिसई थाना प्रभारी बिशुनुदेव चौधरी, जवान अखिलेश यादव और राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्रकार सीताराम साहू भी गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं ग्रामीण 18 वर्षीय तबरेज अंसारी के दाहिने कंधे में चोट लगी है। असफाक अंसारी को पैर में गोली लगी है। सिसई बीडीओ के ड्राइवर सीताराम सिंह को भी आंशिक चोट आयी है। गुमला एसपी के नेतृत्व में सीआरपीएफ की बटालियन घटनास्थल पर पहुंची तब स्थिति नियंत्रित हुई।

नक्‍सलियों ने बस को फूंका, वोटरों को बनाया बंधक

झारखंड विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान के बीच नक्‍सलियों के उत्‍पात जारी है। चाईबासा में नक्‍सिलयों ने चुनाव कार्य में लगी बस को फूंक डाला है। वहीं, गोईलकेरा में मतदाताओं को लाने गए बस को बंधक बना लिया है। नक्‍सलियों ने बस फूंकने की वारदात को बरकेला पंचायत के जोजोहातु में अंजाम दिया। शिशु मंदिर की बस चुनाव कार्य में लगी थी। बस मतदाताओं को लाने जा रही थी। रास्‍ते में बस को नक्‍सलियों ने घेर लिया और आग लगा दी। इस दौरान बस का चालक और खलासी किसी तरह भाग निकलने में सफल रहे। इस मामले में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने कहा कि चाईबासा विधानसभा क्षेत्र के जोजोहातु स्थित बूथ नबंर 84 पर वाहन जलाने के मामले सामने आया है। उस बूथ पर 35 लोगों ने वोटिंग की है। अगर और मतदान नहीं हुआ तो पुनर्मतदान कराया जा सकता है।

मतदाता को लाने गये वाहनों को नक्सलियों ने रोका

पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोईलकेरा प्रखंड के स्थान्तरित बूथ गम्हरिया पंचायत के चार बूथों के मतदाताओं को लाने गए वाहनों को नक्सलियों ने रोक लिया है। इस वजह से मतदाता वोट डालने से अब तक वंचित हैं। वे बंधक बने हैं। गोईलकेरा नक्‍सल प्रभावित इलाका है।

बरहड़वा में तीन वैन विस्फोटक जब्त, चुनाव में नक्सली हिंसा एंगल से जांच

साहिबगंज जिला के बरहड़वा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी केबी रमन के निर्देश पर शनिवार को बरहड़वा पुलिस ने विस्फोटक लदी तीन वैन को जब्त किया है। वैन बरहड़वा रेलवे स्टेशन चौक से सब्जी मंडी की ओर जा रही थी। पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने विस्फोटक से संबंधित कागजात की जांच की। तत्काल यह बात सामने आई कि विस्फोटक सामग्री लदी वैन का रूट चार्ट नहीं था। उक्त सामग्री अब्दुल कादिर कोटालपोखर निवासी की बतायी जा रही है। विस्फोटकों की इस बड़ी खेप की बरामदगी के बाद पुलिस चुनाव के दौरान हिंसा के एंगल से जांच कर रही है।

घाटशिला में आजसू नेता रुपये बांटते गिरफ्तार

घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के गुडाबांधा प्रखंड के भाखर गांव में आजसू नेता काबू दत्ता को बीडीओ सीमा कुमारी ने रुपया बांटते गिरफ्तार किया गया है। उनसे गुड़ाबांधा थाने में पूछताछ की गई। घाटशिला विधानसभा सीट से पिछली बार भाजपा के लक्ष्मण टुडू जीते थे, लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। उनकी जगह लखन मार्डी चुनाव मैदान में हैं, जबकि जेएमएम ने पुराने उम्मीदवार रामदास सोरेन पर ही दांव खेला है। प्रदीप कुमार बलमुचू ने आजसू से चुनाव मैदान में उतरकर मुकाबले को रोचक बना दिया। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे प्रदीप बलमुचू हाल ही में कांग्रेस को छोड़कर आजसू का दामन थामा। इसके बाद उन्हें आजसू ने घाटशिला से उम्मीदवार बनाया।

सीएम रघुवर दास, सरयू राय समेत कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

मुख्यमंत्री रघुवर दास, स्पीकर डॉ. दिनेश उरांव, भाजपा के बागी नेता सरयू राय, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मंत्री रामचंद्र सहिस, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा सहित कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

तमाड़ सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबला

तमाड़ विधानसभा सीट पर रीता देवी मुंडा (भाजपा), रामदुर्लभ सिंह मुंडा (आजसू पार्टी), विकास कुमार मुंडा (झामुमो) और गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर (एनसीपी) के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला है।

6 सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष

घाटशिला में लखन चंद्र मार्डी (भाजपा), प्रदीप कुमार बलमुचू (आजसू), रामदास सोरेन (झामुमो), जुगसलाई में मुचीराम बाउरी (भाजपा), रामचंद्र सहिस (आजसू) और मंगल कालिंदी (झामुमो), चक्रधरपुर में लक्ष्मण गिलुवा (भाजपा), शशिभूषण सामड़ (झाविमो) और सुखराम उरांव (झामुमो), मांडर में बंधु तिर्की (झाविमो), देव कुमार धान (भाजपा) और सन्नी टोप्पो (कांग्रेस), तोरपा में कोचे मुंडा (भाजपा), सुदीप गुड़िया (झामुमो), पौलूस सुरीन (निर्दलीय) तथा कोलेबिरा में सुजन जोजो (भाजपा), नमन बिक्सल कोंगाड़ी (कांग्रेस) और आइरिन एक्का (झापा) के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है।

इन 13 सीटों पर दो दलों में सीधी लड़ाई

बहरागोड़ाः कुणाल षाड़गी (भाजपा) और समीर कुमार महांती (झामुमो) में।

पोटकाः मेनका सरदार (भाजपा) संजीव सरदार (झामुमो) में।

जमशेदपुर पूर्वीः रघुवर दास (भाजपा) और सरयू राय (निर्दलीय) में।

जमशेदपुर पश्चिमीः देवेंद्र सिंह (भाजपा) और बन्ना गुप्ता (कांग्रेस) में।

सरायकेलाः गणेश महाली (भाजपा) और चंपई सोरेन (झामुमो) में।

खरसावाः जवाहर बानरा (भाजपा) और दशरथ गागराई (झामुमो) में।

चाईबासाः जेबी तुबिद (भाजपा) और दीपक बिरुआ (झामुमो) में।

मझगांवः भुपेंद्र पाटपिंगुवा (भाजपा) और निरल पुरती (झामुमो) में।

जगरनाथपुरः सुधीर सुंडा (भाजपा) और सोनाराम सिंकु (कांग्रेस) में।

मनोहरपुरः गुरुचरण नायक (भाजपा) और जोबा माझी (झामुमो) में।

सिसईः डॉ. दिनेश उरांव (भाजपा) और जिग्गा सुसारण होरो (झामुमो) में।

खूंटीः नीलकंठ सिंह मुंडा (भाजपा) और सुशील पाहन (झामुमो) में।

सिमडेगाः श्रद्धानंद बेसरा (भाजपा) और भूषण बाड़ा (कांग्रेस) में।

सबसे ज्यादा प्रत्याशी जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी में

इन 20 विधानसभा क्षेत्रों में से 16 अनुसूचित जनजातियों के लिएए जबकि एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। शेष तीन सीटें सामान्य श्रेणी की हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव मैदान में 231 पुरुष और 29 महिला समेत कुल 260 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी सीट से सबसे ज्यादा 20-20 प्रत्याशी तो सरायकेला से सबसे कम 7 उम्मीदवार खड़े हैं। पोटकाए चाईबासा और मनोहरपुर सीट से सबसे ज्यादा 3-3 महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

260 उम्मीदवार आजमा रहे हैं किस्मत

इस चरण के चुनाव में कुल 260 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें 231 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल हैं। विधानसभा सीटों के लिहाज से देखें तो सबसे ज्यादा 20-20 उम्मीदवार जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी सीट से हैं। इसके अलावा बहरागोड़ा सीट के लिए 14, घाटशिला सीट के लिए 16, पोटका सीट के लिए 10, जुगसलाई सीट के लिए 10, सरायकेला सीट के लिए 7, खरसांवा सीट के लिए 16, चाईबासा सीट के लिए 13, मझगांव सीट के लिए 16, जगन्नाथपुर सीट के लिए 13, मनोहरपुर सीट के लिए 14, चक्रधरपुर सीट के लिए 12, तमाड़ सीट के लिए 17, मांडर सीट के लिए 13, तोरपा सीट के लिए 8, खूंटी सीट के लिए 11, सिसई सीट के लिए 10, सिमडेगा सीट से 11 और कोलेबिरा सीट के लिए 9 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

विधानसभा सीट के लिए महिला उम्मीदवार

महिला उम्मीदवारों की बात करें तो बहरागोड़ा सीट से 1, घाटशिला से 1, पोटका से 3, जमशेदपुर पूर्व से 1, जमशेदपुर पश्चिम से 1, चाईबासा से 3, मझगांव से 1, जगन्नाथपुर से 2, मनोहरपुर से 3, चक्रधरपुर से 1, खरसावां से 2, तमाड़ से 2, तोरपा से 1, खूंटी से 2, मांडर से 2, सिसई से 2 औऱ कोलेबिरा से 1 महिला प्रत्याशी चुनावी किस्मत आजमा रही हैं।

किस राजनीतिक दल से कितने हैं उम्मीदवार

दूसरे चरण में भारतीय जनता पार्टी के 18 पुरुष और 2 महिला, बीएसपी के 14 पुरुष, सीपीआई के 2 पुरुष, सीपीआई एम के 1 पुरुष, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 6 पुरुष, एनसीपी के 1 पुरुष व 1 महिला, एआईटीसी के 5 पुरुष व 1 महिला, आजसू पार्टी के 10 पुरुष व 2 महिला, जेवीएम के 16 पुरुष व 4 महिला, झामुमो के 13 पुरुष व 1 महिला प्रत्याशी हैं। इसके अलावा रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों (रजिस्टर्ड राष्ट्रीय व स्टेट पॉलिटिकल पार्टी के अलावा) के 78 पुरुष और 13 महिलाएं तथा निर्दलीय उम्मीदवारों में 67 पुरुष और 6 महिलाएं चुनाव मैदान में हैं।

इन 20 विधानसभा सीटों पर मतदान

दूसरे चरण में 20 विधानसभा सीटों पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, खूंटी, गुमला औऱ सिमडेगा जिले के अंतर्गत आनेवाले बहरागोड़ा, घाटशिला (एसटी), पोटका (एसटी), जुगसलाई (एससी), जमशेदपुर (पूर्वी), जमशेदपुर (पश्चिमी), सरायकेला (एसटी), खरसावां (एसटी), चाईबासा (एसटी), मझगांव (एसटी), जगन्नाथपुर (एसटी), मनोहरपुर (एसटी), चक्रधरपुर (एसटी), तमाड़ (एसटी), मांडर (एसटी), तोरपा (एसटी), खूंटी (एसटी), सिसई (एसटी), सिमडेगा (एसटी) औऱ कोलेबिरा (एसटी) सीटों के लिए वोट डाले गए।

6,066 मतदान केंद्र पर हुई वोटिंग

इन 20 सीटों के लिए कुल 6066 मतदान केंद्र पर वोटिंग हुई। इन मतदान केंद्रों में 1016 शहर तथा 5050 ग्रामीण इलाके में स्थित थे। इन मतदान केंद्रों में कुल 48,25, 038 मतदाता थे। इन मतदाताओं में 24,31,511 पुरुष, 23,93,437 महिला, 90 थर्ड जेंडर के, 10492 सेवा मतदाता और 1,10,070 नए मतदाता (18-19 साल के) हैं। इसके अलावा 80 साल से ज्यादा आयु के 44,975 और 62,053 दिव्यांग मतदाता थे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सीटों पर हो रहे मतदान को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी मतदान केंद्रों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। साथ ही अर्द्ध सैनिक बल लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा में आर्म्ड पुलिस तैनात थे। मतदान केंद्रों को नक्सल और गैर नक्सल के आधार पर संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया था। नक्सल प्रभावित इलाकों में 949 अति संवेदनशील और 762 संवेदनशील मतदान केंद्र थे। गैर नक्सल संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 2005 और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 762 थी। इसके अलावा सामान्य मतदान केंद्रों की संख्या 1588 चिह्नित है। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों में आर्म्ड फोर्सेज के जवान तैनात किए गए थे। 1,662 बूथों पर वेबकास्टिंग की जा रही थी।

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Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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