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चौकीदार का धमाल

चौकीदार का धमाल

चोर-चोर चिल्लाना कांग्रेस पर भारी

इतिहास एक बार फिर अपने को दोहराने की कगार पर है। नरेंद्र मोदी ने कोई गलत नहीं कहा कि वह विरोधियों की गालियों से गहना बना लेते है। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि विरोधियों द्वारा फेंके गए पत्थरों से वह सीढ़ी बना लेते है। ये दोनों बात केवल सही ही नहीं समय की कसौटी पर प्रमाणित भी है। भारतीय राजनीति में सर्वाधिक शब्द बाण झेलने वाले नरेंद्र मोदी ही है। गुजरात के मुख्यमंत्री बनते ही उनपर बौछार होने लगी थी। लेकिन मोदी अपने दायित्व निर्वाह में समर्पित रहे। वाकई वह विरोधियों के पत्थरों से सीढ़ी बनाते रहे। आगे बढ़ते रहे। विपक्ष ने हजार जतन किये, लेकिन गुजरात की जनता का आशीर्वाद उनको मिलता रहा। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी विपक्ष पहले की तरह उन पर निशाना लगाता रहा। मोदीं अपने ही अंदाज में आगे बढ़ते रहे।

विगत लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्द कहे थे, उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी यदि कांग्रेस के अधिवेशन में चाय बेचना चाहें तो उन्हें इसकी अनुमति दी जा सकती है। इसके पहले चाय चुनाव का मुद्दा नहीं था। नरेन्द्र मोदी बचपन में चाय बेचते थे, यह सामान्य परिचय तक सीमित बात थी। लेकिन अय्यर ने मोदी पर पत्थर फेंका, उन्होंने इसकी सीढ़ी बना ली, अय्यर ने गाली दी, मोदी ने उसे गहना बना लिया। ऐसा भी नहीं कि मोदी ने केवल इसी मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने इसे गरीबी से जोड़ दिया, इसे गरीबों का अपमान बताया। इसी के साथ गरीबों के लिए गुजरात में अपनी सरकार द्वारा किये गए कार्यों का विषय जोड़ दिया, इसी आधार पर देश में सुशासन का दावा और वादा किया। ये सब मुद्दे एक साथ जुड़ गए। मोदी पत्थरों से सीढ़ी और गालियों से गहना बना चुके थे।

कांग्रेस ने इससे कोई सबक नहीं लिया। इस बार मोदी पर ज्यादा बड़े पत्थर फेंके गए, इस बार ज्यादा गालियां दी गई। मोदी को इनसे सीढ़ी और गहना बनाना ही थी। नरेन्द्र मोदी ने अपने को चौकीदार बताया था। यह शब्द उनकी पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के संदर्भ में था। उस सरकार में सर्वाधिक घोटाले हुए थे। इसके अलावा गरीबों के चलाई गई योजनाओं,और सब्सिडी में बहुत लोपपूल थे। गरीबों तक उसका लाभ नहीं पहुंचता था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का कथन चरितार्थ हो रहा था। उन्होंने कहा था कि केंद्र द्वारा भेजे गए सौ पैसों में से केवल पन्द्रह पैसे नीचे तक पहुंचते हैं। संप्रग सरकार की दशा तो ज्यादा ही खराब थी। ऐसे में मोदी ने यह संकल्प लिया था कि वह गरीबों का हिस्सा उनके पास पहुंचा कर रहेंगे। इसके लिए चौकीदारी की आवश्यकता थी। यहां चौकीदार का मतलब किसी धनी के घर की रखवाली से नहीं था। इसका अर्थ सरकारी योजनाओं में गरीबों को उनका हिस्सा दिलाना था। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं के लिए यहां तक सोचना ही मुश्किल था। इन्होंने संप्रग के शासन को भीतर तक देखा था। तत्कालीन प्रधानमंत्री चौकीदारी करने में नाकाम रहे।

केंद्रीय सरकार में घोटाले नहीं हुए, सत्ता के गलियारों से दलाल गायब हो गए, सब्सिडी की धांधली समाप्त हो गई। इसीलिए नरेन्द्र मोदी ने गरीबों के बैंक खाते खुलवा दिए थे। सब्सिडी सीधे खातों में पहुंचने लगी। इस प्रकार नरेन्द्र मोदी ने चौकीदार के कर्तव्य का पालन किया। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा चौकीदार चोर है का नारा लगवाना अमर्यादित ही नहीं आहत करने वाला था। राहुल गांधी पांच हजार करोड़ रुपये के हेराल्ड घोटाले में स्वयं पेरोल पर है। उन्हें तो किसी को चोर कहने का कोई नैतिक अधिकार ही नहीं है। वह दो मसलों की मनमानी व्याख्या करके मोदी को गाली दे रहे है। पहला राफेल खरीद का मामला है। कांग्रेस की सरकार दस वर्ष में एक भी राफेल नहीं ला सकी। जबकि सेना को इसकी बहुत जरूरत थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सौदे को सही करार दिया था। लेकिन राहुल की कचहरी मनमर्जी की थी। उन्होंने कहा कि राफेल खरीद में चोरी हुई है। इसके बाद वह यही रटते घूम रहे है। दूसरा मसला आर्थिक भगोडों का है। यह सही है कि विजय माल्या, नीरव मोदी, चौकसी, बैंक का कर्ज लेकर विदेश भागे हैं। सरकार इनके भागने का अनुमान नहीं लगा सकी। लेकिन इसमें दो बातें उल्लेखनीय है। एक यह कि इन भगोड़ो को कांग्रेस के शासन में ही मजबूती मिली थी। दूसरा यह कि भागने के बाद इनकी हजारों करोड़ की सम्पत्ति सरकार द्वारा जब्त कर ली गई है। लंदन में विजय माल्या मुकदमा हार गया है। उसका प्रत्यर्पण होगा। नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार हो गया है। स्पष्ट है कि नरेन्द्र मोदी ने जो सख्ती की उसके डर से ये भाग गए। संप्रग शासन में ये निश्चन्त रहते थे। भारतीय जांच एजेंसियों के प्रयास सफल हो रहे है। माल्या और नीरव के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो रहा है। लंदन की अदालत ने उसकी जमानत की अर्जी नामंजूर करते हुए कहा कि उसके लिए यह मानने का पर्याप्त आधार है कि जमानत पर छूटने के बाद यह अभियुक्त फिर आत्मसमर्पण नहीं करेगा। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लौंडिंग के एक मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिये लंदन की एक अदालत में अपील की थी। कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कहा नीरव दीपक मोदी को भारतीय एजेंसियों की तरफ से उन्नीस मार्च को हॉलबार्न में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी। उसे प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।

नरेन्द्र मोदी ने पच्चीस लाख चौकीदारों से संवाद किया। कहा कि चोर कहे जाने पर सभी चौकीदारों से माफी मांगता हूं। कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए बिना कुछ सोचे समझे गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। चौकीदारों की तपस्या के सामने सवालिया निशान खड़ा कर दिया। आज चौकीदार शब्द देशभक्ति का पर्याय बन गया है। कामदारों का अपमान करना, नामदारों की आदत है। मैं गाली को गहना बना लेता हूँ। उन्होंने कहा कि पूरा देश चौकीदार बनने की शपथ ले रहा है। चौकीदार चौकन्ना रहे तो भ्रष्ट बिचौलियों पर लगाम लग सकती है। गरीबी के अस्त होने तक चौकीदार आराम से नहीं बैठेगा। पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक का जिक्र भी किया। कहा कि सभी देशवासियों को हमारी सेना पर गर्व होना चाहिए, जान की बाजी लगाकर उन्होंने कितना बड़ा पराक्रम किया। देश के शहीदों का उन्होंने किस प्रकार चुन चुन कर हिसाब चुकता किया। आज हर भारतीय को गर्व है, लेकिन वहीं विपक्षी पार्टियों के रवैये को देखकर हर कोई हैरान है।

मणिशंकर अय्यर ने नरेन्द्र मोदी को गाली दी थी, मोदी ने उसे सभी गरीबों से जोड़ा था। इस बार राहुल गांधी चौकीदार को चोर बता रहे थे। पहले मोदी चुपचाप सुनते रहे। इससे राहुल का दुस्साहस बढ़ता गया। वह जनसभाओं में नारा लगवाने लगे। लेकिन राहुल को यह अनुमान नहीं था कि नरेंद मोदी कभी तो इसका जवाब देंगे। वही हुआ, नरेन्द्र मोदी ने इस बयान को देश के चौकीदारों के माध्यम से गरीबों तक पहुंचा दिया। मोदी ने कहा कि चोर कहे जाने पर सभी चौकीदारों से माफी मांगता हूं। कुछ लोगों ने गाली देना शुरू कर दिया। चौकीदारों की तपस्या के सामने सवालिया निशान खड़ा कर दिया। जबकि चौकीदार शब्द देशभक्ति का पर्याय बन गया है। मैं गाली को गहना बना लेता हूं। पूरा देश चौकीदार बनने की शपथ ले रहा है। नरेन्द्री मोदी यहीं तक नही रुके। उन्होंने राहुल की गाली को ईमानदारी और सुशासन से भी जोड़ दिया। कहा कि चौकीदार चौकन्ना रहे तो भ्रष्ट बिचौलियों पर लगाम लग सकती है। मोदी ने ऐसा करके दिखाया भी है। इसीलिए राहुल के कथन को गरीबों का अपमान बताया। अपनी सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की। आयुष्मान से गरीबों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा। करोड़ो गरीबो को गैस सिलेंडर दिए गए। गरीबो को घर बना कर दिए जा रहे है। बिजली व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार व कार्य हुए। मुद्रा बैंक, कौशल विकास भी गरीबों के लिए है। तीस करोड़ से अधिक गरीबों के जनधन खाते खोलने का रिकार्ड बन गया। ऐसी योजनाओं की फेहरिस्त लंबी है। मोदी ने सफल सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सैनिकों का गुणगान किया। कहा कि हर भारतीय को गर्व है, लेकिन वहीं विपक्षी पार्टियों के रवैये को देखकर हर कोई हैरान है। जाहिर है कि नरेन्द्र मोदी ने सिर्फ चौकीदार को मुद्दा नहीं बनाया बल्कि उसे विकास कार्यो से भी जोड़ दिया। इससे विपक्ष दोहरे दबाब में आ गया है। ऐसे में उन विपक्षी नेताओं को आत्मचिंतन करना होगा जो चौकीदार को चोर बता रहे हैं।

-डॉ. दिलीप अग्निहोत्री वरिष्ठ पत्रकार

Naveen ( 1696 )

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