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ऐश्वर्य, सुख-सुविधा प्रदायक है शुक्र

ऐश्वर्य, सुख-सुविधा प्रदायक है शुक्र

जिंदगी जीने का नाम है। और जीना भी कैसे? हंस के जीना। हमारी हंसी हमारे चेहरे पर भगवान के हस्ताक्षर हैं। इसे कभी भी आसुओं से धोना ईश्वर के प्रति हमारा अविश्वास है ।लेकिन कहना आसान है, किंतु वास्तविकता में हमारे जीवन में अनेकों कठिनाइयां आती हैं। धन का अभाव होना हमारी अप्रसन्नता का मूल कारण हो सकता है। गरीबी एक श्राप है। सुबह उठते ही रूपया पैसे की मांग प्रारंभ हो जाती है । समस्या एक नहीं अनेक है। इसकी परिचर्चा करना व्यर्थ है। अपितु समाधान की ओर आगे बढऩा चाहिए ।

ज्योतिष अनुसार जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति अच्छी आय, ऐश्वर्य, सुख सुविधा प्रदायक होती है। इस ग्रह का दूषित होना हमें कष्टमय जीवन दे सकता है। सुनिश्चित आए में बाधा, ऐश्वर्य में कमी, अपयश संतान द्वारा कष्ट दूषित शुक्र ग्रह को दर्शाता है। आज के समय में सुनिश्चित आए तो दूर, लोग ऋण के बोझ से दबे जा रहे हैं। आज क्रेडिट कार्ड से खर्च तो कर दिया किंतु कल तो उसका भुगतान करना ही है और वह भी ब्याज सहित। तो आवश्यक है कि अपने शुक्र ग्रह का जल्द से जल्द शोधन कर, अच्छे जीवन स्तर का आनंद उठाएं।

लक्षण ज्योतिष अनुसार जिस व्यक्ति के जीवन में अकारण आर्थिक बाधाएं आती हैं, काम रुक रुक कर होते हैं और सब कुछ होते हुए भी ऋण लेना पड़ता है। ऐसा व्यक्ति दूषित शुक्र ग्रह से पीडि़त होता है। ऐसे व्यक्ति को प्राय: खांसी जुखाम रहता है। शरीर में सूजन, हाथ या पैर का अंगूठे में दर्द रहना। नाखूनों का विचित्र आकार व रंग होना। बार बार उनमें चोट लगना। मूत्र प्रणाली का विक्षुब्ध रहना। अगर ऐसे संकेत हो तो शीघ्र अति शीघ्र शुक्र ग्रह का उपचार करें।

शुक्र की शुद्धि हेतु स्फटिक की माला धारण करें। शुक्रवार को घर में शुक्र शुद्धि हेतु , 3डी शुक्र यंत्र स्थापित करें। मां लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष जवाकुसुम के फूल व इत्र अर्पण करें। मखाने की खीर मां को भोग लगाकर गरीबों में अधिक से अधिक संख्या में वितरण करें। शुद्ध देसी घी के दीपक में एक टुकड़ा कपूर डालकर मां की आरती करें। मां लक्ष्मी के समक्ष जटाधारी नारियल रख, मां को अपनी सारी पीड़ा सौंप दें। मां लक्ष्मी के आशीष से आपके सभी दुख दूर होकर आपका जीवन सुखमय व आनंद पूर्ण हो जाएगा।

घर में रात की रानी का पौधा व पीली घंटी उचित दिशा में लगाएं। खाने में सफेद मिर्च का प्रयोग करें। यथासंभव प्लैटिनम का छल्ला धारण करें ।

इन उपायों के साथ साथ अगर हम अपने व्यवहारिकता में भी बदलाव लाए तो उचित लाभ होगा। किसी भी स्त्री का अपमान ना करें। पत्नी व उसके परिवार का सम्मान करें। स्त्रियों द्वारा चलाए जाने वाले सामाजिक अभियान में अपना योगदान दें। उचित लाभ होगा। उचित उपाय, उचित ज्योतिष के पर्यवेक्षण में होने से उचित प्ररिणाम की प्राप्ति होती है। देखना फिर एक दिन दुनिया सलाम करेगी आपको। क्योंकि जो बदलता है वह आगे बढ़ता है।

-दीप्ति जैन आधुनिक वास्तु एस्ट्रो विशेषज्ञ

Naveen ( 1696 )

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