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राष्ट्रीय राजधानी में तापमान 48 डिग्री तक पहुंचा, देशभर में बढ़ा लू का प्रकोप

राष्ट्रीय राजधानी में तापमान 48 डिग्री तक पहुंचा, देशभर में बढ़ा लू का प्रकोप

नई दिल्ली। दिल्ली सहित सहित देश के कई हिस्सों में लू का प्रकोप और बढ़ गया है। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम में पारा रिकॉर्ड 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सोमवार को राजस्थान के श्री गंगानगर में सबसे ज्यादा 48 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बिहार और मध्य व पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। उत्तर भारत में पारा 45-46 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को मानसून पूर्व बारिश होने की संभावना के साथ लोगों को राहत मिल सकती है।

स्काइमेट के निदेशक महेश पलावत ने कहा, "राजस्थान में एक चक्रवाती परिसंचरण के कारण मंगलवार शाम को दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश होगी। इससे तापमान में गिरावट आएगी।" उन्होंने कहा, "बारिश बुधवार और गुरुवार को भी होगी। उसके बाद लू नहीं चलेगी।" मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पूर्व अरब सागर के ऊपर दबाव के कारण सोमवार शाम को पश्चिमी तट पर एक चक्रवाती तूफान आने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण अगले कुछ दिनों में गुजरात के विभिन्न हिस्सों खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि मछुआरों को अगले कुछ दिनों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और बंदरगाहों को खतरे का संकेत देने को कहा गया है।

राज्य मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 13 और 14 जून को सौराष्ट्र तथा कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को करीब 31 किमी प्रति घंटा की गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है। विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे यह अमीनिदीवी (लक्षद्वीप) से करीब 240 किलोमीटर, मुंबई से 760 किमी और वेरावल (गुजरात) से 930 किमी दूर था। इसमें कहा गया है कि इसके चक्रवाती तूफान और उसके बाद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाने का अनुमान है। इसके अगले 72 घंटों में उत्तर-पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ने का अनुमान है। गुजरात अभी भीषण गर्मी की चपेट में है और अहमदाबाद सहित प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान मई के आखिरी सप्ताह से ही 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के ओडिशा में देरी से पहुंचने की संभावना है। केरल में यह करीब एक सप्ताह की देरी से शनिवार को पहुंचा था। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच आर बिस्वास ने बताया कि मानसून के अगले चार-पांच दिन में ओडिशा पहुंचने की संभावना नहीं है और इसके आगमन के बारे में अभी किसी स्पष्ट तारीख की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मानसून आम तौर पर 10 जून तक ओडिशा में दस्तक देता है।

निदेशक ने कहा, ''अभी तक ओडिशा में मानसून के पहुंचने के कोई संकेत नहीं है और एक या दो दिन में तस्वीर साफ हो पाएगी। ओडिशा के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में स्थानीय मौसम स्थितियों के कारण बारिश हो रही है। केरल और ओडिशा में मानसून के पहुंचने के बीच कोई सीधा संपर्क न होने की बात रेखांकित करते हुए बिस्वास ने कहा, ''यह सब मानसून की गतिविधि और हवा की गति पर निर्भर करता है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी ओडिशा के कई इलाकों में अब भी जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। संबलपुर में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस और हीराकुड में 43.1 , टिटलागढ़ में 42.6 और झारसुगुडा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

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Swadesh Digital ( 9624 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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