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केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवासियों को दिया बड़ा तोहफा, जानें

केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवासियों को दिया बड़ा तोहफा, जानें

दिल्ली। दिल्ली वालों के लिए एक बार फिर से अच्छी खबर है, क्योंकि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में बिजली की दरों इस बार भी नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि बिजली नियामक डीईआरसी द्वारा तय शुल्कों में भारी कटौती की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी में लगातार पांचवें साल बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। देश की राजधानी के बिजली नियामक दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने बुधवार को 2019-20 के लिए नयी बिजली दरें घोषित कीं। इसके तहत मीटर के किराये को कम और प्रति इकाई बिजली की दरों को बढ़ाया गया है। इससे घरेलू श्रेणी के सभी ग्राहकों को बिजली बिल में 750 रुपये तक की बचत होगी।

डीईआरसी के चेयरमैन न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एस. एस. चौहान ने कहा कि नयी दरें एक अगस्त से लागू होंगी। दरों को बिजली वितरण कंपनियों की मांग और ग्राहकों के हितों के बीच संतुलन साधते हुए बदला गया है। मीटर के तय किराये में 84 प्रतिशत तक की कटौती की गयी है। चौहान ने कहा, ''बिजली की दरों और तय किराये में मामूली फेरबदल किया गया है। दरों को इस तरह संतुलित किया गया है कि यह समाज के हर तबके की जरूरत को पूरा करे।

इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बिजली की दरें सबसे कम हैं। साथ ही चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति भी है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ''बधाई दिल्ली, लगातार पांचवे साल बिजली की दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं, बल्कि लगातार पांचवे साल बिजली की दरों में कटौती की गयी है। देश में अब सबसे कम बिजली दरें दिल्ली में हैं। साथ में यहां हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति भी है।

नयी दरों के मुताबिक दो किलोवाट के मीटर का किराया 125 रुपये से घटाकर 20 रुपये, दो किलोवाट से पांच किलोवाट का 140 रुपये से 50 रुपये और पांच किलोवाट से 15 किलोवाट के मीटर का किराया 175 रुपये से कम करके 100 रुपये कर दिया गया है। पिछली बार बिजली दरों में संशोधन के समय मीटर के तय किरायों में बढ़ोत्तरी की गयी थी। लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस इसे लेकर आम आदमी पार्टी पर हमलावर थे और इसे वापस लेने की मांग कर रहे थे।

दिल्ली में दो किलोवाट के मीटर वाले 37 लाख घरेलू उपभोक्ता और दो से पांच किलोवाट के मीटर वाले सात लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। जबकि कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 60 लाख है। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं में 1,200 यूनिट प्रतिमाह से अधिक व्यय करने वालों के लिए बिजली की दर मौजूदा पौने आठ रुपये के बढ़ाकर आठ रुपये प्रति यूनिट कर दी गयी है।

डीईआरसी के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में बिजली के करीब 98 प्रतिशत उपभोक्ताओं की खपत 1,200 यूनिट से कम है। ऐसे में दरें संशोधित होने का फायदा उन्हें मिलेगा। डीईआरसी के अधिकारियों ने अनुसार नयी दरें लागू होने के बाद घरेलू श्रेणी के ग्राहकों को बिजली बिल पर 105 रुपये से 750 रुपये तक प्रति माह बचत होगी।

गैर-घरेलू श्रेणी में तीन किलो वोल्ट एंपियर से अधिक के व्यय की मौजूदा दर को आठ रुपये से बढ़ाकर साढ़े आठ रुपये प्रति यूनिट किया गया है। वहीं तीन किलो वोल्ट एंपियर से कम खपत वाले छोटे दुकानदारों के लिए एक नयी उप-श्रेणी बनायी गयी है। इनके लिए बिजली की दर को साढ़े आठ रुपये के बजाय छह रुपये प्रति यूनिट रखा गया है।

प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी बिजली दरों को कम किया गया है। इसके लिए बिजली दरें चार रुपये से साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट रखी गयी हैं। चौहान ने कहा कि बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और टाटा पावर-दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने अपनी सकल आय 22,409 करोड़ रुपये रखे जाने दावा किया। लेकिन आयोग ने कहा कि उनके परिचालन के लिए 19,872 करोड़ रुपये की आय पर्याप्त है। नयी दरों के हिसाब से कंपनियों की कुल आय 20,782 करोड़ रुपये रहेगी।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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