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उन्नाव रेप केस : कोर्ट ने पीड़ित और उसके परिजनों की सुरक्षा पर सीबीआई से मांगी जानकारी

-उप्र डीजीपी से गवाहों की सुरक्षा को लेकर मांगी गई स्टेटस रिपोर्ट

उन्नाव रेप केस : कोर्ट ने पीड़ित और उसके परिजनों की सुरक्षा पर सीबीआई से मांगी जानकारी

नई दिल्ली। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई से उन्नाव रेप मामले की पीड़ित, उसकी देखभाल करने वालों और उसके परिजनों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज धर्मेश शर्मा ने उत्तरप्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि वो गवाहों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। कोर्ट ने पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट करने के बाद उसके परिजनों के ठहरने के बारे में भी रिपोर्ट मांगी।

आज कोर्ट में पेश आरोपितों से जज ने पूछा कि क्या आपने कोई वकील रखा है। अगर नहीं रखा है तो हमें बताएं हम उसकी व्यवस्था करेंगे। कोर्ट सभी चारों केसों के चार्जशीट पर सात अगस्त को सुनवाई करेगा।

पिछले पांच अगस्त को कोर्ट ने आरोपितों कुलदीप सिंह सेंगर और शशि सिंह को सात अगस्त को पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया। इससे पहले पांच अगस्त को जब दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था तो डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज धर्मेश शर्मा ने आरोपितों के वकील को आरोप पत्र पर बहस करने को कहा था। इस पर आरोपितों की ओर से कहा गया था कि क्या यह कोर्ट को इस केस को सुनने का अधिकार है तब पीड़िता के वकील धर्मेंद्र कुमार मिश्रा और पूनम कौशिक ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 142 के तहत इस कोर्ट को ही अधिकृत किया है। तब आरोपितों के वकील ने कहा था कि क्या सीबीआई की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति हो गई है तब सीबीआई की ओर से कहा गया कि हां पब्लिक प्रोसिक्यूटर की नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है लेकिन जिन्हें नियुक्त किया गया है वे किसी दूसरे मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में व्यस्त हैं इसलिए वे नहीं आ सकते हैं।

आरोपितों के वकील ने था कहा कि इस मामले में आरोपपत्र पर दलीलें रखने के लिए हमें समय चाहिए। आरोपितों के वकील ने कहा था कि उन्हें भी आरोपपत्र की कापी चाहिए ताकि वे अपनी दलीलें रख सकें। उसके बाद कोर्ट ने 7 अगस्त को दोबारा दोनों आरोपितों को पेश करने का निर्देश दिया। उसी दिन सीबीआई की ओर से दायर आरोपपत्र पर दलीलें सुनेगा।

पिछले पांच अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता और उसके वकील को लखनऊ के केजीएमसी से दिल्ली एयरलिफ्ट करने का आदेश दिया था। जिसके बाद कल पीड़िता को एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया। पिछले तीन अगस्त को सीबीआई ने इस मामले में तीस हजारी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज धर्मेश शर्मा की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

ये मामला पहले उप्र में चल रहा था। पिछले एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप कांड से जुड़े सभी मामलों को उप्र से दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। उसके बाद दो अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश में बदलाव करते हुए एक्सीडेंट मामले के दिल्ली ट्रांसफर करने पर 15 दिनों की रोक लगाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की रोजाना सुनवाई करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 45 दिन के अंदर ट्रायल को पूरा करने का आदेश दिया है।

मामला चार जून,2017 का है जब एक नाबालिग लड़की ने भाजपा के निलंबित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर अपने घर पर रेप करने का आरोप लगाया। लड़की विधायक के घर काम की तलाश में गई थी। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर न्यायिक हिरासत में हैं। दूसरे अभियुक्त शशि सिंह पर आरोप है कि वो लड़की को बहला फुसलाकर सेंगर के घर ले गई। लड़की के पिता की 9 अप्रैल,2018 में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। सेंगर के खिलाफ एक और हत्या का मामला तब दर्ज हुआ जब लड़की का अपने वकील और परिजनों के साथ एक्सीडेंट हुआ। इस एक्सीडेंट में लड़की के दो परिजनों की मौत हो गई।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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