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विश्व का सबसे बड़ा दिव्यांग अनुभूति उद्यान उज्जैन में, गोल्डन बुक में दर्ज

विश्व का सबसे बड़ा दिव्यांग अनुभूति उद्यान उज्जैन में, गोल्डन बुक में दर्ज

उज्जैन/स्वदेश वेब डेस्क। शहर के कोठी रोड पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विश्व के सबसे बड़े दिव्यांग अनुभूति उद्यान का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। यह उद्यान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की (सिपडा) योजना के अंतर्गत उज्जैन विकास प्राधिकरण की संयुक्त भागीदारी से निर्मित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचन्द गेहलोत थे। बतौर विशिष्ट अतिथि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पारस जैन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस पार्क का गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकाड्र्स में विश्व के सबसे बड़े दिव्यांग अनुभूति उद्यान के रूप में दर्ज किया गया है।

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि अपनी तरह का दिव्यांगजनों के लिये यह एक अदभुत और अनूठा पार्क बनाया गया है। इस पार्क को बनाये जाने की समय-सीमा 18 महीने निर्धारित की गई थी, लेकिन उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा मात्र 9 महीने में इसे पूरा कर दिया गया है। कार्यक्रम में अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट किये गये। शासकीय मूक बधिर विद्यालय के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा शासकीय माध्यमिक दिव्यांग विद्यालय के बच्चों द्वारा लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। स्नेह संस्था नागदा के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात मंच से अतिथियों द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया गया। बच्चों को विधायक निधि से 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मंत्री जैन द्वारा दी गई। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सभी बच्चों को एक-एक उपहार व प्रमाण-पत्र दिया गया।

कार्यक्रम में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने बताया कि आज सभी उज्जैनवासियों के लिये प्रसन्नता का दिन है। दिव्यांग अनुभूति पार्क पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में खासतौर पर दिव्यांगजनों के लिये बनाया गया एक अनूठा पार्क है। यह टीमवर्क के कारण ही संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग अनुभूति पार्क 12 बीघा क्षेत्र में बनाया गया है। इसके निर्माण में 1 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि उज्जैन विकास प्राधिकरण के द्वारा तथा 1 करोड़ 93 लाख रुपये की राशि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की सिपडा योजना के अन्तर्गत व्यय की गई है।

इस पार्क में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिये दिशा-निर्देशक के रूप में टेक्सटाईल टाईल्स (जिससे दृष्टिबाधित दिव्यांग बिना किसी सहारे के उद्यान में घूम सकें), सेंसरी पिट (जिसमें सभी दिव्यांग विभिन्न तरह की जैसे-घांस, जल, रेत, गिट्टी आदि की अनुभूति प्राप्त कर सकें), अरोमा पार्क (जिसमें सुगंध के माध्यम से विभिन्न प्रकार के फूल, पौधे और वृक्ष की अनुभूति प्राप्त कर सकें) तथा पौधों की जानकारी ब्रेललिपि में अंकित की गई है।

इसके अलावा दिव्यांगजनों के मनोरंजन और ज्ञान के लिये चिटचेट हॉल, साइंस इक्वीपमेंट जहां विभिन्न प्रकार के खेल और ज्ञानवर्धक उपकरण, द्रौणगिरी वाटिका जहां उत्तम प्रजातियों के औषधीय पौधे, मंकीकिंग झोन जहां दिव्यांग बच्चों की शारीरिक मानसिक दक्षता बढ़ाने के लिये रस्सी से निर्मित विभिन्न उपकरण, ओपन जिम और एक्यूप्रेशर ट्रेक का निर्माण किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री थावरचन्द गेहलोत ने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों की सुविधा और विकास के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। आने वाले समय में स्पोट्र्स सेन्टर में मूक-बधिर बच्चों के लिये 1 आवासीय परिसर का निर्माण भी मध्य प्रदेश शासन द्वारा कराया जायेगा। हमारी संस्कृति है कि विज्ञान के साथ-साथ हम पर्यावरण और प्रकृति का भी सम्मान करें। दुनिया में भारत विज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण के विकास पर भी समुचित ध्यान रखता है। दिव्यांग अनुभूति पार्क का निर्माण भी इन सब बातों को ध्यान में रखकर किया गया है। यहां निर्माण के दौरान पहले से लगे हुए पुराने वृक्षों को नहीं काटा गया तथा जो पौधे अस्थाई तौर पर हटाये गये थे, उन्हें दोबारा रोपित कर दिया गया है।

ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हमने विकास के निरन्तर कार्य किये हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये हैं कि उज्जैन तीर्थ दर्शन के लिये प्रशासन द्वारा जो बसें चलाई जाती हैं, उन्हें धार्मिक स्थलों के साथ-साथ अब से दिव्यांग अनुभूति पार्क में भी लाया जाये। वाकई में दिव्यांग अनुभूति पार्क काफी बड़े क्षेत्र में बनाया गया है। जब बाहर से लोग यहां आयेंगे, तो वे भी यहां की खुबसूरती और सौन्दर्य देखेंगे तथा अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर इसका बखान करेंगे। मंत्री जैन ने उज्जैन की जनता को विश्व स्तर की सौगात मिलने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे यहां खुद भी आयें और अपने रिश्तेदारों को भी यहां लायें।

उज्जैन दक्षिण के विधायक डॉ.मोहन यादव ने कहा कि पूरे शहर का नक्शा ही बदल गया है। सिंहस्थ के बाद उज्जैन के विकास के निरन्तर कार्य किये जा रहे हैं। मध्य प्रदेश शासन द्वारा उज्जैन नगरी के विकास के लिये करोड़ों रूपये खर्च किये गये हैं। उज्जैन में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी विकास हुआ है जो कि हम सभी के लिये अत्यन्त हर्ष का विषय है। यह बड़े हर्ष का विषय है कि मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में 6 विश्व रिकार्ड पहले से बनाये जा चुके हैं। मंत्री गेहलोत ने उत्कृष्ट श्रेणी के दिव्यांग पार्क बनाये जाने पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपनी ओर से बधाई दी।

इसके बाद गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकार्डस के अधिकारी मनोज शुक्ला ने विश्व रिकार्ड की घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन में बना दिव्यांग अनुभूति उद्यान पूरे विश्व में दिव्यांगों की सुविधा के लिये बनाया गया सबसे बड़ा पार्क है। इसके पश्चात वल्र्ड रिकार्ड का सर्टिफिकेट उज्जैन विकास प्राधिकरण को दिया गया।

कार्यक्रम में दिव्यांग स्वीमर सत्येन्द्रसिंह का सम्मान अतिथियों द्वारा किया गया। जानकारी दी गई कि सत्येन्द्रसिंह ने दिव्यांग होते हुए भी इंगलिश चैनल को पार कर विश्व रिकार्ड बनाया है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पप्पू पिता मोहनलाल को 2 लाख रुपये तथा रमेश पिता प्रभुदास को 50 हजार रुपये की राशि दी गई। नि:शक्तजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अदीति कुशवाह को विशेष लैपटॉप प्रदाय किया गया। इसके पश्चात 100 वृद्धजनों का सम्मान किया गया। इनमें मंच पर से प्रतीकात्मक रूप में मोहननाथ दांगी 101 वर्ष, कुसुमलता 89 वर्ष, राधेश्याम दुबे 84 वर्ष और केशरसिंह चौहान 91 वर्ष का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में माखनसिंह, डॉ.सत्यनारायण जटिया, विधायक डॉ. मोहन यादव, बाबूलाल जैन, श्याम बंसल, सोनू गेहलोत, किशनसिंह भटोल, विवेक जोशी, मोहन जायसवाल, महापौर मीना जोनवाल, दिवाकर नातू, पंकज मारू, किशोर खंडेलवाल, शिवा कोटवानी, इकबालसिंह गांधी, अनिल जैन कालूहेड़ा, रामेश्वर अखंड, शिवनारायण जागीरदार, बहादुरसिंह बोरमुंडला, सनवर पटेल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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