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बच्चे बोलते रहे अंकल धीरे चलाओ, डर लग रहा है, चालक नहीं माना, वाहन पलटा, 25 घायल

बच्चे बोलते रहे अंकल धीरे चलाओ, डर लग रहा है, चालक नहीं माना, वाहन पलटा, 25 घायल

6 सीटर स्कूली मैजिक वाहन में सवार थे 32 बच्चे, तेज गति से दौड़ते समय पलटा

-निज संवाददाता-

आरोन। अंकल धीरे चलाओ, डर लग रहा है, एक्सीडेंट हो जाएगा अंकल। मैजिक वाहन में सवार स्कूली बच्चें वाहन चालक से लगातार यह गुहार लगाते रहे, किन्तु चालक उनकी गुहार को अनसुना कर दु्रत गति से वाहन दौड़ता रहा, नतीजा वाहन पलट गया। हादसा जिले के आरोन थानातंर्गत भादौर-बरखेड़ाहाट मार्ग पर सोमवार सुबह हुआ। जिसमें 25 बच्चें घायल हुए है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राह से निकलते लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बता दें कि 6 सीटर स्कूली मैजिक वाहन में 32 बच्चे सवार थे। सभी घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन के साथ चालक पर मामला दर्ज किया है।

हादसे के साथ ही मौके पर मची चीख-पुकार

बताया जाता है कि एक निजी स्कूल ने बच्चों को लाने ले जाने के लिए मैजिक वाहन लगा रहा था। रोज की तरह मैजिक वाहन स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ऩे के लिए जा रहा था। वाहन में करीब 30 से 32 बच्चे सवार थे। अभी वाहन बरखेड़ाहाट के पास ही पहुँचा था कि अचानक पलट गया। हादसे के साथ ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई बच्चें गंभीर रुप से चोटिल हुए थे, जो बुरी तरह बिलखने लगे। इस दौरान रास्ते से निकल रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना देेने के साथ बच्चों को संभालना शुरु किया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को आरोन अस्पताल पहुँचाया।

रोज ऐसे ही भरे जाते है बच्चे

बच्चों ने बताया कि वाहन में उन्हे ऐसे ही भरकर ले जाया जाता है, जिससे उन्हे बैठते भी नहीं बनता है। सोमवार को अंकल काफी तेज गति से वाहन चला रहे थे, रास्ते में उन्होने कई बार वाहन धीरे चलाने को बोला, किन्तु अंकल नहीं माने, बल्कि गति और बढ़ा दी।

अभिभावकों में देखा गया आक्रोष

घटना को लेकर बच्चों के अभिभावकों में खासा आक्रोष देखने को मिला। बच्चों को आरोन अस्पताल लाया गया, इस बीच यहीं बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक पहुंच गए थे, कुछ अभिभावक घटना स्थल पर भी पहुँचे। इस बीच घायल बच्चों को अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था नहीं हो पाई थी, जिस पर निजी वाहनों सें बच्चों को अस्पताल लाया गया। आरोन अस्पताल में कुछ बच्चों को गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल भी भेजा गया। अभिभावकों ने घटना को लेकर आक्रोष प्रगट करते हुए कहा कि फीस के रुप में स्कूल प्रबंधन उनसे मोटी रकम पाई-पाई करके वसूलता है, बावजूद इसके उनके बच्चों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जाता है, वहीं प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं करता है। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन के भी मौके पर नहीं आने को लेकर अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली।

तेज गति और क्षमता से अधिक बच्चे सवार होने से हुआ हादसा

घटना में साफ तौर पर सामने आ रहा है कि हादसा वाहन की तेज गति के साथ ही उसमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने के कारण हुआ है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया है। हादसे के दौरान कुछ बच्चें वाहन के नीचे दब गए थे, जिन्हे ट्रेक्टर के जरिए वाहन उठाकर निकाला गया। पुलिस ने चालक के साथ ही स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

स्कूली वाहनों में कराया जा रहा खतरे का सफर

बच्चों को स्कूली वाहनो में खतरे का सफर कराया जा रहा है। एक ऑटो या अन्य वाहन में ठूंस-ठूंसकर बच्चे भरे जाते है। यह स्थिति सिर्फ आरोन में नहीं है, बल्कि पूरे जिले में है। कई बार हादसे सामने आने के बाद ही नौनिहालों की जान से यह खिलवाड़ रुक नहीं रहा है। जब कभी ऐसे हादसे सामने आते है, तब यातायात पुलिस की नींद खुलती है और वह स्कूली वाहनों पर कार्रवाई शुरु करती है, किन्तु यह कार्रवाई भी महज औपचारिक ही होती है, जिससे नौनिहालों की जान से खिलवाड़ जारी बना हुआ है।

Naveen ( 1696 )

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