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इंदौर क्राइम ब्रांच ने पकडे पुराने नोटों के साथ छह आरोपी

इंदौर क्राइम ब्रांच ने पकडे पुराने नोटों के साथ छह आरोपी

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एमजी रोड थाना पुलिस के साथ मिलकर शनिवार को देर रात मुखबिर की सूचना पर छह लोगों को एक करोड़ के पुराने नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुराने पांच सौ और एक हजार के नोटों की गड्डियां बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपितों में चार ओडिशा के रहने वाले हैं, जो पुराने नोटों को खपाने के लिए इंदौर आए थे, जबिक दो आरोपित ग्वालियर के रहने वाले हैं।

एमजी रोड थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के एमजी रोड स्थित बाबा होटल के बाहर कुछ संदिग्ध युवक पुराने नोटों से भरा बैग लेकर खड़े हुए हैं। सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम के साथ एमजी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंद कर छह युवकों को गिरफ्तार किया और उनकी तलाशी लेने पर एक बैग से 500 और एक हजार के पुराने नोटों की गड्डियां बरामद की गईं। उनके पास से कुल एक करोड़ एक लाख 15 हजार रुपये के पुराने नोट जब्त किये गए हैं।

पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम 25 वर्षीय मोहम्मद आलम पुत्र वाहिद अली निवासी खोरदा भुवनेश्वर ओडिशा, 31 वर्षीय दिलीप पुत्र पूर्णचंद्रा जना निवासी लिंगराज भुवनेश्वर ओडिशा, 25 वर्षीय राजीव पुत्र नारायण पाण्डा निवासी वासुदेवपुर जिला भद्रक ओडिशा, 27 वर्षीय दिव्याराम पुत्र गौराम चरण ब्योदरा निवासी पोरखी जिला जगतसिंहपुर ओडिशा, 33 वर्षीय विशाल पुत्र मुन्नासिंह परिहार निवासी ग्वालियर मप्र और 33 वर्षीय संजय पु बाबूसिंह कुशवाह निवासी ग्वालियर मप्र बताये हैं।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह इन पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने के लिए इंदौर आए थे। उन्हें एक व्यक्ति ने यहां बुलाया था, जो उन्हें पुराने नोटों के बदले में 20 फीसदी राशि के नए नोट उपलब्ध कराने वाला था। आरोपितों के पास से एक हजार रुपये के 8715 और 500 रुपये के 2800 नोट बरामद हुए हैं। यह कुल राशि एक करोड़ एक लाख 15 हजार रुपये है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पूछताछ में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने कार्यकाल के दौरान आठ नवंबर 2016 में 500 और एक हजार के नोटों का चलन देश में बंद कर दिया था। इसके बावजूद आज भी पुराने नोटों की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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