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आज और कल मनेगी महाशिवरात्रि

आज और कल मनेगी महाशिवरात्रि

शहर के शिव मंदिर सज-धजकर हुए तैयार

ग्वालियर, न.सं.

शिव आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि का त्यौहार सोमवार और मंगलवार को दो दिन मनाया जाएगा। दोनों दिन शिवालयों के पट भक्तों के लिए खुले रहेंगे।

महाशिवरात्रि के लिए अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर सहित शहर के सभी शिव मंदिर भक्तों के लिए सज-धजकर तैयार हो गए हैं। इन मंदिरों को आकर्षक विद्युत से सजाया गया है। मंदिरों के आसपास प्रसाद आदि वितरण के लिए सैकड़ों की संख्या में स्टॉल भी लगाए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से शहर के सभी मंदिर सीसीटीवी कैमरों की नजर में रहेंगे और यहां पर्याप्त पुलिस व्यवस्था भी रहेगी।

इन स्थानों पर होगी पार्किंग:-

अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल एवं सचिव भुवनेश्वर वाजपेयी ने संयुक्त रूप से बताया कि अचलेश्वर मंदिर पर आने वाले भक्तों के लिए उत्सव वाटिका, परिणय वाटिका, आशीर्वाद वाटिका और कटोराताल के पास वाहनों की पार्किंग की जाएगी। यह स्थान प्रशासन से बातचीत करके चिन्हित किए गए हैं। प्रसादी के सभी स्टॉलों पर दो-दो ड्रम रखे जाएंगे, जिससे गंदगी न हो। परीक्षा का समय होने के कारण किसी भी स्टॉल पर डेक आदि नहीं बजाए जाएंगे। इसी के साथ 25-25 स्वच्छता दूतों को परिसर में सफाई आदि की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि भक्त चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सामने से ललितपुर कॉलोनी से जीवायएमसी के पीछे से प्रवेश करते हुए गर्भग्रह में प्रवेश करेंगे। पुरुष दर्शनार्थी नंदी द्वार से और महिला दर्शनार्थी त्रिशूल द्वार से बाहर निकलेंगे। रोड की तरफ वाली द्वार पर एक विशाल जलपात्र लगया गया है, जिसके माध्यम से भक्त बाबा अचलनाथ के चरणों में अपनी आस्था ज्ञाप्ति कर सकेंगे।

48 घण्टे खुले रहेंगे पट:-

यह त्यौहार दो दिन मनने के कारण अचलेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर मंदिर और गुप्तेश्वर मंदिर के पट भगवान के भक्तों के लिए 46 से 48 घण्टे तक लगातार खुले रहेंगे। इन मंदिरों पर तीन लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।

गजकेशरी और सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी

ज्योतिषाचार्य डॉ. एच.एस. जैन ने बताया कि चार मार्च सोमवार को त्रयोदशी तिथि शाम 4.28 बजे तक है। इसके बाद चतुर्दशी तिथि पूरे दिन-रात दूसरे दिन शाम 7: 6 बजे तक ही है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्ध नक्षत्र योग और जगत कुंडली में गजकेशरी योग भी है, जो शिव भक्तों की हर मनोकामना पूरी करता है।

पूजा का मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य डॉ. जैन के अनुसार रात्रि के चारों पहरों में पूजा के लिए प्रथम पहर में सूर्यास्त के समय शाम 6:15 से, दूसरे पहर में रात्रि 9:15 बजे से, तीसरे पहर में मध्य रात्रि 12:15 बजे से, चतुर्थ पहर में रात्रि 3:30 बजे से सूर्योदय तक शुभ है।

राशि के अनुसार करें पूजा

ज्योतिषाचार्य डॉ. जैन ने बताया कि अपनी-अपनी राशि के अनुसार शिव जी की पूजा करें और राशि के अनुसार ही फलाहार आदि लेने से सम्पूर्ण मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होंगी।

मेष, सिंह, वृश्चिक राशि वाले तांबे के वर्तन में दूध में केशर या गुड़ डालकर अभिषेक कर लाल पुष्प, लाल चंदन, लाल वस्तुएं और बेल फल अर्पित करें।

वृष, कर्क व तुला राशि वाले चांदी के बर्तन में कच्चा दूध मिश्री युक्त से अभिषेक करके सफेद ऑक के फूल, बेलपत्र, सफेद चंदन और सफेद रंग की पूजन सामग्री का अधिक प्रयोग करें।

मिथुन व कन्या राशि वाले हरे रंग की सामग्री का प्रयोग करें। यह जातक गन्ने का रस, बेल पत्र, हरा धतूरा, हरे बेल फल आदि सामग्री चढ़ाएं।

मकर व कुम्भ राशि वाले स्टील के बर्तन में गन्ने का रस, काला धतूरा, नीले ऑक के पुष्प और फल अर्पित कर सकते हैं।

धनु और मीन राशि के लोग स्वर्ण या पीत वर्ण के बर्तन में केशर युक्त दूध से अभिषेक करें। इसी के साथ बेल पत्र, हल्दी, चंदन, पीले फल से पूजन करें।

Naveen ( 1446 )

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