Home > राज्य > मध्यप्रदेश > ग्वालियर > मैं छह घण्टे फील्ड में रहता हूं, इन लोगों की तरह नहीं हूं जो एसी में बैठते हैं

मैं छह घण्टे फील्ड में रहता हूं, इन लोगों की तरह नहीं हूं जो एसी में बैठते हैं

सांसद की बैठक में आपस में भिड़े नगर निगम अधिकारी

मैं छह घण्टे फील्ड में रहता हूं, इन लोगों की तरह नहीं हूं जो एसी में बैठते हैं

सीवर प्रोजेक्ट के अधिकारी ने फेंके कागज तो अधीक्षण यंत्री बोले, यह क्या तरीका है

ग्वालियर। शहर में पेयजल एवं सीवर के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए शनिवार को सांसद विवेक शेजवलकर की उपस्थिति में बाल भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नगर निगम अधिकारी आपस में भिड़ते दिखाई दिए। मामला इतना बढ़ गया कि सांसद और निगमायुक्त को हस्तक्षेप करना पड़ा, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।

हुआ यूं कि शनिवार को पूर्वान्ह 11 बजे बाल भवन के टीएलसी में सांसद विवेक शेजवलकर, निगमायुक्त संदीप माकिन, पार्षद दिनेश दीक्षित, अमृत योजना के नोडल अधिकारी आरएलएस मौर्य, प्रेम पचौरी सहित अन्य अधिकारियों ने ठेकेदारों से अमृत योजना को लेकर चर्चा की। इस दौरान निगमायुक्त ने मुरार नदी के पास बिछी सीवर लाइन के पास बने चेम्बर साफ करने को लेकर सवाल किया तो ठेकेदार के बोलने से पहले ही अमृत योजना के सीवर प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री रामू शुक्ला ने ठेकेदार का बचाव करते हुए यह कहा कि ठेकेदार चेम्बर साफ नहीं करा सकते है, उसमें कई परेशानी है। इसी बीच अन्य अधिकारियां ने भी ठेकेदारों से कुछ सवाल पूछे तो ठेकेदारों की जगह खुद कार्यपालन यंत्री रामू शुक्ला जवाब देते नजर आए। इसी बात को लेकर बैठक में मौजूद पीएचई के अधीक्षण यंत्री आरएलएस मौर्य ने कहा कि आप सभी सवालों के जवाब क्यों दे रहे हो, ठेकेदारों को क्यों बोलने नहीं दे रहे। आप क्या उनके वकी हो। इस बात पर श्री शुक्ला ऐसे भडक़ गए कि उन्होंने यह भी नहीं देखा कि बैठक में सांसद व निगमायुक्त मौजूद है। उन्हीं के सामने उन्होंने कहा कि मैं क्षेत्र में छह-छह घण्टे रहता हूं, अन्य लोगों की तरह नहीं हूं, जो एसी में बैठकर ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर लेते हैं। बात इतनी बढ़ गई कि रामू शुक्ला ने एडीबी योजना से जुड़े दस्तावेज अधीक्षण यंत्री की ओर फेंक दिए। इस बात पर श्री मौर्य ने कहा कि मैं इस तरीके से फेंके हुए कागज नहीं उठाता हूं। निगमायुक्त के सामने ही रामू शुक्ला ने यहां तक कहा कि मैं इसी तरह कागज फेंकूंगा और आपको उठाना होंगे।

बैठक में मामला इतना बढ़ गया कि सांसद श्री शेजवलकर और निगमायुक्त श्री माकिन को हस्तक्षेप करते हुए दोनों अधिकारियों को शांत रहने को कहना पड़ा। इसी बीच जब निगमायुक्त संदीप माकिन ने सीवर लाइनों को लेकर चर्चा की तो रामू शुक्ला ने कहा कि आप किसी की भी बात मान लेते हो, मुझे बताओ, कहां पर लाइन नहीं मिली है, आप मेरे साथ खुद चलो, सब सामने आ जाएगा। बैठक में सांसद श्री शेजवलकर ने निर्देश दिए कि आनंद नगर क्षेत्र में प्रारंभ होने वाले 24 घण्टे 7 दिन पानी के पायलेट प्रोजेक्ट को 15 जुलाई तक पूर्ण करें। इसमें सभी घरों और पानी की टंकी पर मीटर लगें तथा उसकी मोनिटरिंग हो, जिसका हम निरीक्षण करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसकी हमने पूर्ण तैयारी कर ली है। पानी की टंकी के नीचे ही नियंत्रण कक्ष बनाएंगे। इसके साथ ही 43 नई टंकियां बनाना हैं, जिनमें से 33 पर कार्य चल रहा है। पानी वितरण के लिए 101 डीएमए बनाना हैं, जिनमें 68 स्वीकृत हो चुके हैं और अभी 10 डीएमए पर काम चल रहा है, जो 15 जुलाई तक प्रारंभ कर दिए जाएंगे।

Tags:    

Swadesh News ( 168 )

Swadesh Digital contributor help bring you the latest article around you


Share it
Top