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ईश्वर से प्रार्थना, जैसा हूं वैसा ही रहूं: विवेक शेजवलकर

नवनिर्वाचित सांसद का स्वदेश में आत्मीय अभिनंदन

ईश्वर से प्रार्थना, जैसा हूं वैसा ही रहूं: विवेक शेजवलकर

ग्वालियर, न.सं.। ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के नवनिर्वाचित सांसद एवं महापौर विवेक नारायण शेजवलकर का मंगलवार को स्वदेश परिवार के बीच आत्मीय स्वागत किया गया। चूंकि वे स्वदेश के वरिष्ठ संचालक भी हैं इसलिए स्वदेश परिवार के लिए यह सुखद क्षण रहा। इस अवसर पर श्री शेजवलकर का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया। स्वदेश परिवार के बीच अपने संबोधन में श्री शेजवलकर ने कहा कि प्रभू से मेरी सिर्फ एक ही कामना है कि मैं जैसा हूं वैसा ही रहूं। यह पद मुझे समाज से वंचित न करें, यही मेरी धरोहर है।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव बेहद अद्भुत और अनुभव भरा रहा। जिसमें मुझे शहर के साथ ग्रामीणों का भी पर्याप्त प्रेम मिला। जिन कार्यकर्ताओं से मैं मिल नहीं सका था उन्होंने भी पार्टी के लिए लगन से कार्य किया। श्री शेजवलकर ने कहा कि यह चुनाव दो प्रत्याशियों के बीच नहीं बल्कि सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच था। इसके अलावा जनता विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय का बदला लेना चाहती थी, क्योंकि वे अपनी भूल सुधारना चाहती थी। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के केंद्रीय कक्ष में दिए गए भाषण का अनुशरण करना चाहिए। मोदी द्वारा वीआईपी कल्चर खत्म करने की बात पर उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वयं वीआईपी को आगे आना होगा और सामान्य बनकर जनता के बीच रहना होगा। जब तक बड़े नेता ऐसा नहीं करेंगे, तब तक कार्यकर्ता उसका अनुशरण नहीं कर सकते। कह देने मात्र से यह कल्चर खत्म नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि महापौर पद पर रहते हुए मैंने अनेक कार्य किए, जो जनता के सामने हैं। इसी पूंजी के सहारे मैंने सांसद का चुनाव जीता है। इस दौरान मैं किसी तरह के तनाव में नहीं रहा, क्योंकि मुझे मालूम था कि सामने वाले के पास मेरे खिलाफ कुछ नहीं है। इसी कारण यह चुनाव बेहद शांतिपूर्ण एवं शालीनता के साथ पूर्ण हो गया। मोदी सरकार और मुझे उनके सहयोगी के रूप में चुना गया है, इसके लिए जनता को काफी अपेक्षाएं हैं। हमारे सामने चुनौतियां भी हैं। कोशिश करूंगा कि आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरूं। मेरा व्यवहार और प्रेम ही मेरी पंूजी है। स्वदेश परिवार से मैं लंबे समय से जुड़ा हुआ हूं। इसके पहले स्वदेश के संचालक दीपक सचेती ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्वालियर की जनता ने अपना अपार प्रेम उड़ेलकर श्री शेजवलकर जैसे सहज एवं सरल व्यक्तित्व को चुनकर सांसद बनाया है। वहीं समूह संपादक अतुल तारे ने कहा कि यह सौभाग्य और अति प्रसन्नता का विषय है कि स्वदेश के संचालक अब संसद में पहुंच गए हैं तो ग्वालियर की आवाज वहां भी बुलंद करेंगे।

इस दौरान स्वदेश के मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह यशवंत इंदापुरकर, संचालक दीपक सचेती, महेंद्र अग्रवाल, यशवर्धन जैन, अजय बंसल, प्रांशू शेजवलकर, स्वदेश के समूह संपादक अतुल तारे, संपादक सुबोध अग्निहोत्री, समूह प्रबंधक कल्याणसिंह कौरव आदि ने पुष्पमाला एवं शाल-श्रीफल भेंटकर उनका अभिनंदन किया। संचालन साहित्य संपादक सुरेश हिंदुस्तानी ने किया।

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