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दोस्ती निभाने 4.10 लाख में दे दिया ग्वालियर मेला फेसिलिटेशन सेंटर

दोस्ती निभाने 4.10 लाख में दे दिया ग्वालियर मेला फेसिलिटेशन सेंटर

सैलानियों को ठण्ड में बैठकर देखना होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेला पदाधिकारियों ने निभाया चेम्बर का नाता

ग्वालियर/वेब डेस्क। ग्वालियर व्यापार मेला में हलुआ, झूले और थियेटरों की पर्ची के तो हमेशा ही चर्चे रहे हैं, यह काम अपनों को उपकृत करने के लिए किए जाते हैं। किन्तु इस वर्ष इस तरह की पर्चियां जारी होंगी या नहीं यह तो कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन मेला शुरू होने के पहले ही यहां प्रमुख पदों पर आसीन दो नेताओं ने चेम्बर की दोस्ती निभाते हुए एक व्यापारी को जरूर उपकृत कर दिया है। चेम्बर के पूर्व संयुक्त सचिव एवं व्हाइट हाउस की कोर कमेटी के सदस्य पीताम्बर लोकवानी को मातृ 4.10 लाख रुपए में सम्पूर्ण मेला अवधि के लिए फेसिलिटेशन सेंटर किराए पर दे दिया गया है। जबकि इसके पूर्व यहां प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर सांस्कृतिक आयोजन और व्यापारिक गतिविधयां संचालित की जाती रही हैं किन्तु अब वहां लोक प्लाजा का शोरूम नजर आएगा।

उल्लेखनीय है कि यह दोस्ती उस समय गहराई थी जब व्हाइट हाउस के प्रमुख डॉ. वीरेन्द्र गंगवाल को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था, तब डॉ. गंगवाल तत्कालीन उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेताओं से काफी परेशान रहते थे। उस मुश्किल वक्त में पीताम्बर लोकवानी ने उनका साथ दिया था, इसके बदले में पहले तो श्री लोकवानी को चेम्बर से संयुक्त सचिव का टिकिट देकर थोड़ा बहुत कर्जा चुकाया गया और अब उनके नाती प्रशांत गंगवाल ने समूचा कर्जा फेसिलिटेशन सेंटर को बाला-बाला पीताम्बर को देकर अदा कर दिया है। यानी कि इस फेसिलिटेशन सेंटर को शोरूम के लिए किराए पर देने से पूर्व टेण्डर और कुटेशन लेना भी उचित नहीं समझा गया। अब ग्राहक मेला घुसने से पूर्व अन्य इलेक्ट्रोनिक्स सेक्टरों तक लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय चन्द कदमों में ही इस शोरूम में जा सकेंगे। जिसका सीधा लाभ पीताम्बर लोकवानी को होगा।

मेला प्राधिकरण को होगा नुकसान

मेला का फेसिलिटेशन सेंटर 4.10 लाख रुपए किराए पर दिया है। अब मेला के बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम कुसुमाकर रंगमंच पर होंगे। ऐसा होने पर मेला प्राधिकरण को कुसुमाकर रंगमंच सजाने और तैयार करने के लिए बार-बार अतिरिक्त भार वहन करना होगा जिसकी अगर गणना की जाएगी तो वह 4.10 लाख रुपए से कहीं अधिक जाकर बैठेगा। कुल मिलाकर मेला प्राधिकरण को कहीं न कहीं नुकसान होगा। वहीं दूसरी ओर मेला में आने वाले सैलानियों को कड़ाके की ठण्ड में टेण्ट के नीचे बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने होंगे, जबकि फेसिलिटेशन सेंटर में ठण्ड जैसी चीज का अनुभव कम होता था क्योंकि यह एरिया चारों ओर से कवर्ड है।

दो संचालक ना खुश

कांग्रेस के शासनकाल में मेला संचालक मण्डल में छह लोगों को शामिल किया है। इसमें में नवीन परांडे, शील खत्री, सुधीर मंडेलिया, महबूब चेन वाले तो प्रतिदिन आकर बोर्ड की बैठकों में भी शामिल हो रहे हैं, क्योंकि इन सभी के पास अच्छे विभाग हैं। लेकिन दो संचालक अपनी नियुक्ति से खुश नहीं है और वह मेला की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हो रहे हैं। एक संचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हमारे पास ऐसा कोई पद नहीं है जिससे हम रूचि दिखा सकें।

इनका कहना है

'फेसिलिटेशन सेंटर को किराए पर देने के लिए बात चल रही है। इस मामले को पहले बोर्ड की बैठक में लाया जाएगा उसके बाद ही कुछ निर्णय होगा।'

प्रशांत गंगवाल, मेला अध्यक्ष

'मेला का फेसिलिटेशन सेंटर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए नहीं हैं। इसका उपयोग व्यापारिक कार्यक्रमों के लिए किया जाना उचित है। बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम कुसुमाकर रंग-मंच पर होंगे। '

डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मेला उपाध्यक्ष

'यह फेसिलिटेशन सेंटर 4.10 लाख रुपए में किराए पर दिया है। इसमेें इलेक्ट्रोनिक्स सेक्टर लगाया जाएगा। '

शील खत्री, संचालक, बाजार समिति

'पुराने लोगों ने मेला में हमारी जगह किसी और को दे दी है, इस वजह से हमें फेसिलिटेशन सेंटर में जगह दी जा रही है। इस संबंध में हमारी बात प्राधिकरण से चल रही है। '

पीताम्बर लोकवानी, उद्योगपति

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