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ग्वालियर शहर में बेचा जा रहा देशविरोधी साहित्य, सीटू का जिलाध्यक्ष गिरफ्तार

-किताब में भारतीय मीडिया, भाजपा व संघ को लेकर लिखी हैं आपत्तिजनक बातें

ग्वालियर शहर में बेचा जा रहा देशविरोधी साहित्य, सीटू का जिलाध्यक्ष गिरफ्तार

-सागरताल के जीर्णोद्धार को लेकर दिए जा रहे धरने पर बेची जा रही थी आपत्तिजनक किताब

-सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम, थाना प्रभारी

ग्वालियर, न.सं.। ग्वालियर में देश विरोधी तत्वों की सक्रियता और उनकी करतूतें एक बार फिर सामने आईं। अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के केन्द्र सरकार के फैसले को पूरा देश हाथों हाथ ले रहा है लेकिन ग्वालियर में राष्ट्रविरोधी ताकतें अनुच्छेद 370 की आड़ में आमजन में किस तरह की मानसिकता परोसने का काम कर रही है, इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हुआ जब प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ सामाजिक संगठनों की शिकायत पर फूलबाग में चल रहे मुस्लिम अधिकार मंच के धरने के दौरान छापा मारा। इस दौरान अधिकारियों के हाथ देश विरोधी साहित्य हाथ लगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां बिक रही संविधान तार-तार धारा 370 सेतु या सुरंग? नाम की पुस्तकों को बड़ी मात्रा में जब्त किया। दरअसल लोकजतन प्रकाशन, ग्वालियर द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक को वामपंथी विचारक जसविंदर सिंह ने लिखा है।


सवाल-जवाब की शैली में लिखी यह पुस्तक दरअसल झूठ का पुलिंदा है और इसके जरिए देशविरोधी बातों को परोसा है। पुस्तक के माध्यम से आमजन को बरगलाने के प्रयासों के साथ ही राष्ट्रवादी विचारों और राष्ट्रवादी संगठनों को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। विवादित एवं आपत्तिजनक इस पुस्तक में जम्मू-कश्मीर के इतिहास, मौजूदा हालात, भारतीय मीडिया, भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर भ्रामक जानकारी व तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं। पुस्तक में अनच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने को संविधान विरोधी ठहराते हुए एक विशेष वर्ग के हनन की बात कही है। सभी जानते हैं अनुच्छेद 370 ही कश्मीर समस्या की जड़ थी और जब इसे निष्प्रभावी कर दिया गया तो पूरे देश को आस बंधी है कि आने वाले समय में कश्मीर में अमन लौटने के साथ यहां विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।

बहरहाल वामदलों के समर्थन में हो रहे धरने के दौरान इस पुस्तक की बिक्री वामपंथियों की सोची- समझी साजिश का हिस्सा है। जो नहीं चाहते देश के लोग देश के बारे में सोचें। पुस्तक में राष्ट्रवादी विचारों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे देशभक्त संगठन के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां और बेहद भड़काऊ बातें लिखकर पुस्तक के लेखक और प्रकाशक ने राष्ट्रविरोधी, आतंकी और अलगाववादी शक्तियों का ही परोक्ष रूप से समर्थन किया है। राष्ट्रवादी बातों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। मुस्लिम अधिकार मंच द्वारा दिए जा रहे धरने के दौरान देशविरोधी पुस्तक बेचते हुए पुलिस ने वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू के जिलाध्यक्ष शेख अब्दुल गनी को गिरफ्तार किया गया है। एसडीएम प्रदीप तोमर, पड़ाव थाना प्रभारी प्रशांत कुमार यादव अमले के साथ मौके पर पहुंचे और किताब बेचते हुए सीटू के जिलाध्यक्ष शेख अब्दुल गनी को गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में एसडीएम ने विवादित पुस्तक की जांच कराने की बात कही।

घटना स्थल पर एसडीएम ने पुस्तक के कुछ बिंदुओं का बारीकी से अध्ययन किया और उन्होंने भी माना पुस्तक में कुछ आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। लिहाजा उन्होंने पुस्तक बेचने वाले को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। यह पुस्तक दस रुपए प्रति पुस्तक के हिसाब से बेची जा रही थी। हालांकि धरना दे रहे लोगों ने अपने बचाव में यह सफाई भी दी कि हम पुस्तक अलग से बेच रहे हैं। लेकिन एसडीएम ने उनकी आपत्ति को दरकिनार कर दिया। इस बीच कुछ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे गए और आपत्तिजनक साहित्य बेचे जाने पर अपनी सख्त भी दर्ज कराई।

इनका कहना है

हमारे पास शिकायत आई थी कि फूलबाग पर सागरताल की सफाई को लेकर जो धरना दिया जा रहा है, वहां पर एक किताब बेची जा रही है, जिसमें आपत्तिजनक बातें लिखी हुई हैं। यहां से एक व्यक्ति को किताब बेचते हुए गिरफ्तार कर थाने भिजवा दिया है। किताब में क्या आपत्तिजनक है इसे पढ़वाया जा रहा है। धरने के संबंध में अनुमति ली गई थी कि नहीं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

- प्रदीप तोमर, एसडीएम

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