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ग्वालियर सहित चार जिलों को छोड़ भाजपा जिलाध्यक्षों का निर्वाचन

विशेष परिस्थितियों में 55 हुई उम्र सीमा

ग्वालियर सहित चार जिलों को छोड़ भाजपा जिलाध्यक्षों का निर्वाचन

भोपाल/ग्वालियर, विशेष संवाददाता। ग्वालियर महानगर, होशंगाबाद, सिवनी और होशंगाबाद जिलों को छोडक़र प्रदेशभर के सभी जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए आज निर्वाचन होगा।आज भाजपा के प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में केन्द्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद यह तय हुआ है कि योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाने जैसी विशेष परस्थितियों में 55 वर्ष उम्र के अनुभवी कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष पद के दावेदार बन सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में 300 मंडलों में हुए संगठन चुनाव के बाद रविवार 30 नवम्बर को सभी जिलों में जिलाध्यक्ष का चुनाव एक साथ कराने का निर्णय प्रदेश नेतृत्व ने लिया था।

चूंकि केन्द्रीय नेतृत्व ने मण्डल अध्यक्षों के समान ही जिलाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए भी अधिकतम 50 वर्ष उम्र सीमा निर्धारित की थी तथा इस नियम का सख्ती से पालन के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन उम्र सीमा के इस निर्धारण को लेकर प्रदेशभर के कई अनुभवी नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इन नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व और केन्द्रीय नेताओं से भी उम्र सीमा को बढ़ाकर 55 वर्ष करने का अनुरोध किया था। इन नेताओं का तर्क था कि उम्र सीमा 50 वर्ष निर्धारित होने से कई अनुभवी कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष पद के उम्मीदवार बनने से वंचित रह जाएंगे। प्रदेश नेतृत्व ने भी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की इस बात को केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा। इसके बाद केन्द्रीय नेतृत्व ने विशेष परिस्थितियों में इस उम्र सीमा को 50 से 55 वर्ष करने की छूट दी। वहीं प्रदेश कार्यालय में हुई निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक में ग्वालियर महानगर सहित चार जिलों का चुनाव बाद में कराने का निर्णय भी लिया गया।

मंडल अध्यक्षों के रोके निर्वाचन

भाजपा प्रदेश संगठन ने 15 एवं 16 नवम्बर को प्रदेशभर में मंडल अध्यक्षों के निर्वाचन कराए थे। रायशुमारी के बाद मंडल अध्यक्षों की सूची जारी की गई। लेकिन ग्वालियर महानगर, होशंगाबाद व शिवनी के मंडलों की सूची अभी तक जारी नहीं हुई। चूंकि जिलाध्यक्ष के निर्वाचन में मंडल अध्यक्ष भी शामिल रहते हैं, इसलिए प्रदेश संगठन को इन जिलों के अध्यक्षों के निर्वाचन फिलहाल स्थगित करने पड़े।

उठा महिला आरक्षण का मुद्दा!

निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक में महिला आरक्षण का मुद्दा उठने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने संगठन चुनावों में महिला आरक्षण की बात रखी। इस बैठक में शामिल होने पहुंची पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने मीडिया से कहा कि समाज महिलाओं को अवसर, सुरक्षा और सम्मान दे, भाजपा समाज से अलग नहीं है। महिला अपना स्थान बना सकती है और देश हित में अपना योगदान भी दे सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी की रीति नीति के अनुसार नई पीढ़ी को सामने लाएं। क्षमतावान कार्यकर्ता सबको साथ लेकर काम कर सकें, उसमें महिलाएं भी शामिल हैं। बैठक में छतरपुर से आई अर्चना सिंह ने कहा कि पहले कई बार महिलाएं जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं।


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