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एजी कार्यालय के पास मस्जिद से फरार हुआ था घुसपैठिया ?

पड़ाव पुलिस थाने में आठ माह से रह रहा बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद सिद्दीकी उर्फ अलमक्की

एजी कार्यालय के पास मस्जिद से फरार हुआ था घुसपैठिया ?

शहर में कहीं भी नजर नहीं आए फुटेज पुलिस तनाव में

ग्वालियर । पड़ाव पुलिस थाने में आठ माह से रह रहा बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद सिद्दीकी उर्फ अलमक्की नमाज पढऩे के लिए एजी कार्यालय के पास स्थित मस्जिद गया था और वो वहीं से पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। हालांकि पुलिस उसके एलआईसी तिराहा से भागने की बात कह रही है। दो दिन बीत जाने के बाद भी घुसपैठिया का पता नहीं लग सका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अहमद अलमक्की रमजान होने के कारण हर दिन तीन बार एजी कार्यालय के पास स्थित मस्जिद में नजाम पढऩे के लिए जाता था। हर रोज की तरह गुजरे मंगलवार को भी वह आरक्षक विजयशंकर के साथ नमाज के लिए एजी कार्यालय के पास स्थित मस्जिद में गया था।

सूत्र बताते हैं कि तीन घण्टे तक मस्जिद में रहने के बाद अहमद अलमक्की जब मस्जिद से बाहर नहीं निकला तो आरक्षक को उसकी चिंता हुई। घुसपैठिया मौका मिलते ही मस्जिद के पीछे वाले भाग से फरार हो गया। सूत्रों की इस बात को बल इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि अहमद अलमक्की के शहर में कहीं भी फुटेज नहीं मिले हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि आरक्षक विजयशंकर से लघुशंका करने की बात कहकर गाड़ी से उतरकर घुसपैठिया एलआईसी तिराहा से फरार हो गया था। एलआईसी तिराहे से पड़ाव पुल, चाट मार्केट, महारानी लक्ष्मीबाई स्मारक की ओर रास्ते जाते हैं, जबकि बसंत विहार वाले मार्ग पर स्वयं आरक्षक खड़ा था।

अहमद अलमक्की यदि इन तीन रास्तों से भागा है तो इन मार्गों पर सीसीटीवी लगे हुए हैं, इसलिए सवाल खड़ा होता है कि अहमद अलमक्की एलआईसी तिराहा से भागा था तो शहर में उसके कहीं भी सीसीटीवी में फुटेज क्यों नहीं आए। सूत्र बताते हैं कि आरक्षक को चकमा देकर घुसपैठिया अहमद अलमक्की मजिस्द से फरार हुआ था। एक घण्टे तक चकरघिन्नी होने के बाद आरक्षक विजयशंकर ने थाना प्रभारी को सूचना दी थी। उसके बाद स्वयं थाना प्रभारी भी रात भर पुलिस बल के साथ घुसपैठिया को तलाशते रहे। अब पुलिस जांच में उलझ गई है।

घुसपैठिया से बात करने वालों की सूची निकाली

बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद अलमक्की किन-किन लोगों से फोन पर बात करता था। पुलिस के हाथ में उसकी कॉल डिटेल आ गई है। पुलिस कॉल डिटेल को देखकर दंग रह गई। उसकी शहर के अलावा बाहर के लोगों से भी लम्बी बातचीत होती थी। पुलिस अब उन लोगों के पते-ठिकानों का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे कौन लोग हैं, जो अहमद अलमक्की के सम्पर्क में थे। अहमद अलमक्की अपने लोगों से बात करने के लिए एक प्रधान आरक्षक का मोबाइल इस्तेमाल करता था। जांच अधिकारी को पड़ाव थाने के उन वर्दीधारियों के नाम मिले हैं, जो घुसपैठिया के खास थे। पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। फिलहाल अहमद अलमक्की को तलाश करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।

जमातों में घुसपैठिया की तलाश

पुलिस अब शहर में बाहर से आने वाली जमातों के पते ठिकाने तलाश कर घुसपैठिया को ढूंढ़ रही है। पुलिस का नेटवर्क भी फैलुअर हो गया है। इसके चलते पुलिस को यह जानकारी भी नहीं है कि इस समय कहां-कहां बाहर से जमात आई हुई हैं। मोती मस्जिद में भीड़ होने के कारण पुलिस नमाज पढऩे के लिए अहमद अलमक्की को वहां नहीं भेजती थी।

इनका कहना है

''पुलिस अभिरक्षा भागे अहमद अलमक्की के मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।"
पंकज पाण्डे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अपराध शाखा

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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