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आदिवासियों के साथ मैं लड़ूंगा चाहे प्राण भी क्यों न चले जाए : शिवराज

आदिवासियों के साथ मैं लड़ूंगा चाहे प्राण भी क्यों न चले जाए : शिवराज

भोपाल। आदिवासियों को रोक जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज खुद उन्हें लेने भदभदा पहुंचे और धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में शिवराज ने कमलनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला।शिवराज ने कहा कि कमलनाथ गरीबों की हाय तुम्हें तबाह और बर्बाद करके रख देगी। पकड़ना है तो बड़े माफियाओं को पकड़ों।वल्लभ भवन के दलालों पर कार्रवाई करो। अगर आदिवासियों के हक को किसी सरकार ने छिनने की कोशिश की तो हम उस सरकार को भी नही छोड़ेंगे। सुन ले सरकार अगर आदिवासी की जमीन पर हाथ लगाया तो हम छोड़ेंगे नही। अगर आदिवासियों की मांगे सरकार नहीं मानेगी तो हम आंदोलन करेंगे। आदिवासियों के साथ मैं लड़ूंगा चाहे प्राण भी क्यों न चले जाए।

शिवराज यही नही रुके उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी किसी को सताते नही और कोई इन्हें सताए तो यह उन्हें छोड़ते नही।भोपाल की जनता और भाजपा आदिवासियों के साथ है। ये सब मेरे परिवार के लोग है। जुर्म की इंतेहा हो गई है आतंक की परिकाष्ठा हो गई है। आदिवासी जमीन और हर चीज़ के हकदार है। आदिवासी अगर पत्थर बिन कर ट्रॉली में डाले तो ट्राली जप्त कर लेते है।

शिवराज ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रशासन सुन ले अगर ये तीर कमान उठाएंगे तो जवाबदारी आप की होगी। वन विभाग और आबकारी विभाग ने झुठे मुकदमे बनाए, सरकार इन्हें वापस ले। यह नहीं चलेगा कि आदिवासी लाठी खाते रहें, जेल जाते रहें, ऐसी बेरहम व्यवस्था का हम विरोध करते हैं ।जब तक मांगे पूरी नही होगी तब तक यहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री का संदेश आया है बात करने को तैयार है।आदिवासियों के प्रमुख नेता सरकार से बात करेंगें।अगर मांगे नहीं मानी जाती तो लगातार इस तरह से ही धरना प्रदर्शन चलता रहेगा।

शिवराज ने की ये मांगे

-मक्के का बोनस 500 रुपए क्विंटल चाहिए।

-आदिवासियों को पट्टा दिया जाए।

-तेंदू पत्ते का पूरा बोनस दिया जाए।

-आदिवासियों को पट्टा दिया जाए।

-तेंदू पत्ते का पूरा बोनस दिया जाए।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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