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निजी स्कूल संचालक दे सकते हैं चुनाव में धोखा

निजी स्कूल संचालक दे सकते हैं चुनाव में धोखा

भोपालप्रदेश के करीब पचास हजार निजी स्कूल संचालक भाजपा सरकार के दौरान विभागीय अफसरों की मनमानी से परेशान होकर अब पूरी तरह से लामबंदी पर उतर आए हैं। चुनावी मौसम होने की वजह से वे अब सत्तारुढ़ दल के खिलाफ विपक्षी दल का समर्थन कर सकते हैं। इसके लिए रीवा में वे महासम्मेलन करने जा रहे हैं।

दरअसल यह स्कूल संचालक कई सालों से प्रदेश की भाजपा सरकार व प्रशासन को लगातार अपनी परेशानियों को लेकर जानकारी देते रहे, लेकिन कभी भी सरकार और प्रशासन के लोगों ने चर्चा तक के लिए नहीं बुलाया। जिसकी वजह से उनमें जमकर नाराजगी है। यही वजह है कि अब अगले माह प्रदेश में विधानसभा होने हैं, ऐसे में प्रदेश के इन स्कूल संचालकों ने महाकुंभ बुलाकर उसमें किस राजनैतिक दल का समर्थन करना है उस पर सामूहिक रुप से फैसला करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मतदान का फैसला हो सकता है।

निजी स्कूल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार प्राइवेट स्कूलों पर मनमानी कर रही है। हमें कई ऐसे नियमों को मानने पर विवश किया जा रहा है, जो संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार हमारी विभिन्न समस्याओं जैसे, निजी स्कूल के लिए एक एकड़ जमीन की अनिवार्यता, आरटीई के पैसे का समय पर भुगतान नहीं होना, स्थाई मान्यता, रजिस्टर्ड किरायानामा, विभाग द्वारा निजी स्कूलों की मान्यता को उलझाए रखने से स्कूल संचालक परेशान हैं।

उनका कहना है कि सभी स्कूल संचालक आज रीवा के महाकुंभ में अपने अधिकारों के लिए एकजुटता दिखाएंगे। वहीं आगामी विस में निजी स्कूलों के हित चाहने वाले दल पर समर्थन के बारे में भी विचार विमर्श करेंगे।

दस लाख शिक्षकों और अभिभावकों से लेंगे समर्थन

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन से संबंधित प्रदेश में 50 हजार से अधिक निजी स्कूल हैं, इनमें करीब दस लाख प्राइवेट शिक्षण कार्यरत हैं। ये सभी जिला, ब्लाक व तहसील स्तर पर निरंतर लोगों से संपर्क में रहते हैं। स्कूल एसोसिएशन आगामी चुनाव में इनका समर्थन लेकर विस चुनाव में किस दल को समर्थन करना है इसकी रणनीति बनाएगा। इसके साथ ही एसोसिएशन स्कूल में पढऩे वाले बच्चो से भी संपर्क कर समर्थन मांगेगा।

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Swadesh Digital ( 7967 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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