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'बाहरियों' का विरोध, अपनों पर 'गतिरोध'

बाहरियों का विरोध, अपनों पर गतिरोध

भाजपा-कांग्रेस में मचा टिकट के लिए घमासान, स्थानीय उम्मीदवारों को लेकर माथापच्ची

भोपाल/राजनीतिक संवाददाता। लोकसभा चुनाव के लिए मचे टिकट के घमासान में इस बार बाहरी उम्मीदवारों को लेकर ज्यादा चिंता है। बाहरी उम्मीदवारों को लेकर स्थानीय नेताओं ने भी मोर्चा खोल रखा है। हालांकि प्रदेश की ज्यादातर सीटों पर भाजपा, कांग्रेस से बाहरी उम्मीदवारों की दावेदारी सामने आ रही है, लेकिन पार्टी इस बार स्थानीय उम्मीदवारों की तलाश में है। इसके लिए भाजपा, कांग्रेस में माथापच्ची भी जारी है।

लोकसभा चुनाव में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है। एक-एक सीट पर कई नाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उपयुक्त प्रत्याशी चुनना भी एक चुनौती है। हालांकि पिछले दिनों भाजपा के नेताओं ने एक-एक लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर स्थानीय नेताओं से चर्चा की है। अब उम्मीद की जा रही है कि होली के बाद भाजपा अपनी सूची जारी कर देगी।

बढ़ रहा है गतिरोध

प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से कई सीटें ऐसी हैं, जहां पर स्थानीय उम्मीदवारों में गतिरोध बढ़ रहा है। राजधानी भोपाल की लोकसभा सीट से स्थानीय उम्मीदवार को लेकर गतिरोध तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इसको लेकर मोर्चा भी खोल रखा है। उनका कहना है कि भोपाल सीट से बाहरी उम्मीदवार नहीं चलेगा। दरअसल इस बार भोपाल लोकसभा सीट से किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम की चर्चा है। वर्तमान सांसद आलोक संजर का टिकट कट सकता है। हालांकि टिकट की दौड़ में आलोक संजर, आलोक शर्मा, बाबूलाल गौर, उमाशंकर गुप्ता भी हैं। दमोह सीट से सांसद प्रहलाद पटेल का टिकट पक्का है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भी अपने बेटे के लिए यहां से टिकट की मांग कर रहे हैं। राजगढ़ लोकसभा सीट से पूर्व विधायक संतोष जोशी दावेदारी कर रहे हैं। वे सुसनेर से विधानसभा का चुनाव लड़े थे। इस बार भी टिकट की दावेदारी थी, लेकिन नहीं मिल सका। अब लोकसभा का टिकट मांग रहे हैं। उनके अलावा वर्तमान सांसद रोडमल नागर एवं पूर्व विधायक ममता मीणा भी दावेदारी जता रही हैं। ज्यादातर समय बाहरी उम्मीदवारों के पास रही विदिशा लोकसभा सीट से इस बार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम सामने आ रहा है। यहां पर भी स्थानीय प्रत्याशी की मांग उठी थी। हालांकि संभावनाएं यह भी जताई जा रही हैं कि शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को यहां से चुनाव लड़ाया जा सकता है।

ये सीटें भी अहम

प्रदेश की करीब 5 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जिन पर भाजपा को हमेशा से तगड़ी टक्कर मिलती रही है। इस बार भी भाजपा को यहां पर तगड़ी टक्कर मिलेगी। दरअसल गुना, छिंदवाड़ा, रतलाम की लोकसभा सीटों पर वर्तमान में कांग्रेस के सांसद हैं। इस बार भी इन तीनों सीटों पर टक्कर मिलना पक्का है, क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से, कांतिलाल भूरिया रतलाम से और कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की चर्चाएं राजगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे की है, लेकिन कमलनाथ चाहते हैं कि दिग्विजय सिंह भोपाल, इंदौर या जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे।

यहां सामने आया विरोध

खजुराहो : पूर्व मंत्री ललिता यादव, कुसुम महदेले और संजय नगाइच ने दावेदारी की। पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कहा कि इस सीट से बाहरी उम्मीदवार नहीं चलेगा। भले ही नए चेहरे को टिकट दिया जाए।

टीकमगढ़ : हरिशंकर खटीक और आरडी प्रजापति ने भी बाहरी उम्मीदवार का विरोध किया। प्रजापति ने कहा कि उन्हें टिकट नहीं मिला तो भाजपा हार जाएगी।

होशंगाबाद : यहां से बाहरी उम्मीदवार का विरोध हुआ। गिरिजाशंकर शर्मा का नाम डॉ. सीतासरण ने आगे बढ़ाया। हरिशंकर जायसवाल और डॉ. राजेश शर्मा की दावेदारी भी है।

उज्जैन : बाहरी उम्मीदवार प्रेमचंद गुड्डू का विरोध। चिंतामणि मालवीय या फिर अनिल फिरोजिया को टिकट दिया जाए।

सीधी : मौजूदा सांसद रीति पाठक का विरोध है।

भिंड : मौजूदा सांसद भागीरथ प्रसाद का विरोध। अशोक अर्गल की दावेदारी।

मंदसौर : बंशीलाल गुर्जर की दावेदारी, बाहरी का विरोध है। यहां से वर्तमान में सुधीर गुप्ता सांसद है।

Naveen ( 1696 )

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