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मेल-मुलाकात के दौर के बीच बढ़ी हलचल, मंत्री जीतू पटवारी से मिले भाजपा विधायक त्रिपाठी

मेल-मुलाकात के दौर के बीच बढ़ी हलचल, मंत्री जीतू पटवारी से मिले भाजपा विधायक त्रिपाठी

भोपाल भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी की मंत्री जीतू पटवारी से मुलाकात से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई हैं। ये वही भाजपा विधायक हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा सत्र के दौरान एक संशोधन विधेयक पर हुई वोटिंग को लेकर कांग्रेस का समर्थन किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस को समर्थन देने की बात भी कही थी। हालांकि कुछ समय बाद नारायण त्रिपाठी ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर अपने आपको भाजपा का सिपाही कहते हुए भाजपा न छोडऩे की बात कही थी।

बता दें कि मैहर से भाजपा के विधायक नारायण त्रिपाठी का स्वभाव ही कुछ ऐसा रहा है कि उनका पार्टी बदलना बहुत आम माना जाता है। भाजपा से पहले वो समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़े थे, उसके बाद कांग्रेस में गए थे, भाजपा में आए फिर कांग्रेस को समर्थन दिया अब वापस भाजपा के साथ हैं। ऐसे में कहीं न कहीं उनकी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और खेल मंत्री जीतू पटवारी के साथ मुलाकात के मायने भी कुछ ऐसे ही निकाले जा रहे हैं। वहीं मैहर विधायक त्रिपाठी का कहना है कि वह अपने क्षेत्र में स्टेडियम बनाने की मांग को लेकर खेल मंत्री से मिलने आए थे और वो चाहते हैं कि युवाओं को और खेल को बढ़ावा मिले इसके लिए हर महीने उसी मांग को लेकर वह खेल मंत्री से मिल रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि वो अपने क्षेत्र के विकास को लेकर मंत्रियों से मिलते रहेंगे इसके कुछ भी मायने न निकाले जाएं भाजपा में है और भाजपा में ही रहेंगे।

मेरी मर्जी

दलबदल के लिए पहचाने जाने वाले नारायण त्रिपाठी बोले, मैं कहीं भी जाऊं-किसी से भी मिलूं, सब यही सोचेंगे कि मैं दलबदल की तैयारी में हूं। मैं सफाई नहीं देना चाहता, लेकिन परिस्थितियों के हिसाब से फैसला करता हूं। जो भी स्थितियां होंगी उसके हिसाब से निर्णय लेता हूं। मेरे लिए मेरे क्षेत्र का विकास सबसे बड़ा है। क्षेत्र के विकास के लिए सबसे मिलता रहूंगा। फिलहाल तो भाजपा में हूं भाजपा में ही रहूंगा। तो वहीं नारायण त्रिपाठी से मुलाकात को लेकर खेल मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि विधायक आमतौर पर मंत्रियों से मिलते रहते हैं और जैसा विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा है वैसा ही हुआ है। हालांकि त्रिपाठी से मुलाकात को लेकर पहले जीतू पटवारी सवाल देने से बचते नजर आए और उसके बाद उन्होंने कहा कि नारायण त्रिपाठी कह रहे हैं वही सही है, लेकिन इन दोनों की मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में अलग ही नजर से देखा जा रहा है।

नरोत्तम से भी की मुलाकात

मंत्री जीतू पटवारी से मुलाकात के बाद गुरुवार को विधायक नारायण त्रिपाठी पूर्व मंत्री तथा विधायक नरोत्तम मिश्रा के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री एवं विधायक विश्वास सारंग भी मौजूद थे। नारायण त्रिपाठी की मुलाकातों के इन दौर के बीच राजधानी के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाएं चल पड़ी हैं कि आखिर नारायण त्रिपाठी चाहते क्या हैं। उन्होंने नरोत्तम से मुलाकात के बाद भाजपा कार्यालय पहुंचकर मीडिया के सामने इस तरह की सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह भाजपा में थे, भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।

दुविधा में हैं नारायण

दरअसल विधायक नारायण त्रिपाठी बड़ी दुविधा में फंसे हुए हैं। जिसमें पहली दुविधा भाजपा का विरोध करने को लेकर उत्पन्न हुई है। उन्होंने पिछले दिनों जिस तरह भाजपा के खिलाफ जाकर विधानसभा में कांग्रेस का साथ दिया, उसे लेकर उनके क्षेत्र के मतदाता उनसे नाराज हैं और उन्हीं के दबाव में नारायण त्रिपाठी ने भाजपा न छोडऩे की बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की मौजूदगी में कही थी। विधायक नारायण त्रिपाठी की दुविधा की दूसरी वजह वह वादे हैं जो कांग्रेस नेताओं ने उनसे भाजपा का साथ छोडक़र कांग्रेस में आने के लिए किए और जो आज तक पूरे नही हुए।

इस तरह हुए थे कांग्रेस पर हमलावर

पिछले दिनों जब नारायण त्रिपाठी के कांग्रेस में जाने की अटकलें चल रही थीं, तब अचानक उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यलय में प्रकट होकर कहा था कि कांग्रेस में न कोई नेतृत्व है और न ही कोई सोच। मैहर का विकास मेरी पहली प्राथमिकता में है। भाजपा जब चाहेगी मप्र में कांग्रेस की सरकार गिरा देगी।

भाजपा सतर्क

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में बयान दिया था कि कांग्रेस में अभी विधायकों की संख्या और बढ़ेगी। उनके इस बयान और नारायण त्रिपाठी की सक्रियता के बाद भाजपा सतर्र्क है। वो अपने हर विधायक पर नजर रखे हुए हैं। वहीं आपराधिक प्रकरणों वाले भाजपा विधायकों पर कांग्रेस सरकार की नजर है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिलों के जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को विधायकों से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। ये भी कहा है कि हर बात की जानकारी तत्काल भेजें। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी विधायकों को पत्र लिखा है। इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त किए जाने और झूठे प्रकरण बनाए जाने की घटनाओं का ब्यौरा मांगा है।

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