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एमपी : बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी खंडवा से गिरफ्तार

एमपी : बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी खंडवा से गिरफ्तार

भोपाल। राजधानी के कमला नगर स्थित मंडवा बस्ती में 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के आरोपी विष्णु (35) को पुलिस ने खंडवा से गिरफ्तार किया। विष्णु मूलत: खंडवा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद वह भाग गया था। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पीड़ित परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मामले में 48 घंटे के भीतर चालान पेश किया जाएगा और एक महीने के भीतर सजा दिलवाई जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल ने बताया कि आरोपी को खंडवा के मोरटक्का से पुलिस गिरफ्त में ले लिया गया। पुलिस की कोशिश रहेगी कि एक महीने के अंदर आरोपी को सजा दिला सकें। बच्ची के परिजन द्वारा आज भी थाने का घेराव करने से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि परिजन का गुस्सा जायज है, उनके साथ न्याय होगा।

बच्ची शनिवार रात करीब 8.00 बजे लापता हुई थी और रविवार तड़के घर के पास एक नाले में उसका शव मिला। बच्ची के चेहरे पर ब्लेड के निशान थे। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का भी अमानवीय चेहरा सामने आया है। बच्ची के पिता रात 9:30 बजे कमला नगर थाने पहुंचे थे। वहां मौजूद एएसआई देव सिंह ने उनकी मदद करना तो दूर, गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। एएसआई देव सिंह इन सभी पुलिसकर्मियों के साथ रात करीब 10:30 बजे बच्ची के घर पहुंचे। कुछ देर रुके और बिना सर्चिंग किए वापस आ गए। इस दौरान सिपाही रूप सिंह ने बच्ची के पिता से कहा कि वह किसी के साथ भाग गई होगी।

लापरवाही में सात पुलिसकर्मी निलंबित: रात करीब 11.30 बजे स्थानीय पार्षद और कुछ अन्य लोगों ने वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी, तब पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची की तलाश में जुटी। सुबह करीब 5.15 बजे परिजनों ने बच्ची का शव उनके घर के पास नाले में मिला। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की गला घोंटकर हत्या की गई। लापरवाही बरतने वाले एएसआई सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

कमलनाथ ने कहा, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बच्ची को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पिछली सरकार ने 4 दिसंबर 2017 में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को फांसी की सजा का कानूनी प्रावधान किया था। कानून बनने के बाद अब तक 26 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन सभी मामले अब हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के पास लंबित हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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