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योजनाओं से बढ़ी शिव सरकार की लोकप्रियता

विधानसभा चुनाव में अब चंद माह ही शेष रह गए हैं, ऐसे में प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपना पूरा ध्यान प्रदेश की आधी आबादी पर लगा दिया है।

जीत के लिए भाजपा की नजर आधी आबादी पर

भोपाल । विधानसभा चुनाव में अब चंद माह ही शेष रह गए हैं, ऐसे में प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपना पूरा ध्यान प्रदेश की आधी आबादी पर लगा दिया है। पार्टी और भाजपा सरकार इस आधी आबादी के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। पार्टी द्वारा चुनाव को लेकर हाल ही में एक सर्वे कराया गया है उसमें शिव सरकार की लोकप्रियता पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पायी गई है।

खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं में यह लोकप्रियता अधिक है। इस सर्वे रिपोर्ट से उत्साहित भाजपा अब महिलाओं पर फोकस करने जा रही है। यह बात अलग है कि टिकट के दौरान महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को अधिक तबज्जो दी जाती है। बीते चुनाव 2013 में भाजपा ने महज 28 महिलाओं को ही टिकट दिए थे। पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सर्वे करवाकर यह जानने की कोशिश की कि किस वर्ग में सरकार की कितनी लोकप्रियता है। इस रिपोर्ट के परिणामों को पार्टी ने विधायकों की बैठक में उन्हें अवगत भी करा दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट में महिलाओं के बीच सरकार की लोकप्रिय की बात सामने आने से भाजपा खुश है। पार्टी का मानना है कि आधी आबादी की वजह से पार्टी को चुनाव में ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

सर्वे के तथ्यों पर गौर करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा महिलाओं के हक में किए गए फैसले भी सरकार और भाजपा की लोकप्रियता बढ़ाने में मददगार रहे हैं। महिलाओं को गैस चूल्हा बांटने वाली उज्ज्वला योजना ने महिलाओं में भाजपा की लोकप्रियता को बढ़ाया है। वहीं तीन तलाक जैसे मसलों पर मुस्लिम महिलाओं का अतिरिक्त समर्थन भी पार्टी को मिलने की उम्मीद है।

'मामा का रिश्ता' बना बड़ी वजह

भाजपा सरकार के महिलाओं के बीच ज्यादा लोकप्रिय होने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री की सरल-सहज छवि है। खासतौर से सीएम के द्वारा महिलाओं से भाई यानी उनके बच्चों के मामा का जो रिश्ता बनाया है, उससे ग्रामीण महिलाओं में सीएम की अमिट छाप बन गई है। महिलाएं सीएम को आम जनता के बीच का शख्स मानती हैं। मुख्यमंत्री की छवि बनाने में राज्य सरकार की महिलाओं के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं का भी अहम रोल है। महिलाओं के बीच कन्यादान, लाड़ली लक्ष्मी, जननी योजना, महिला मजदूरों को प्रसव पर आर्थिक सहायता, छात्राओं को मुफ्त साइकिल और स्कूल ड्रेस, छात्रवृत्ति, मेधावी छात्र योजना, बुजुर्ग महिलाओं को तीर्थदर्शन कराने की योजना बेहद लोकप्रिय है।

विस में है मात्र 32 महिला विधायक

230 विधायकों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में मात्र 32 महिला विधायक हैं। इसके अलावा एक मनोनीत विधायक लोरेन बी. लोबो हैं। इसमें सर्वाधिक 24 महिला विधायक भाजपा की हैं। भाजपा ने 2013 के चुनाव में कुल 28 महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा था। विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की छह महिला विधायक हैं और बहुजन समाज पार्टी की दो महिला विधायक हैं। विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा महिला प्रत्याशियों की संख्या बढ़ा सकती है। पार्टी ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री निवास में आयोजित महिलाओं के सम्मेलन में सीएम ने भी इस बात के संकेत दिए थे कि इस बार के चुनाव में हम महिलाओं को ज्यादा संख्या में टिकट देंगे।



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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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