Home > Lead Story > जम्मू-कश्मीर राज्यपुनर्गठन विधेयक राज्यसभा में पास, बनेंगे अलग केन्द्र शासित प्रदेश

जम्मू-कश्मीर राज्यपुनर्गठन विधेयक राज्यसभा में पास, बनेंगे अलग केन्द्र शासित प्रदेश

राज्यसभा ने अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर को विभाजित करने को मंजूरी दी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार ने बड़ी घोषणा कर दी है। नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को खत्म करने का फैसला लिया। इसके अलावा जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग केन्द्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला किया। बता दें कि राज्य में धारा 144 लागू है और महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में अनुच्छेद 370 पर जवाब दिया। जम्मू-कश्मीर राज्यपुनर्गठन विधेयक राज्यसभा में पास हो गया है।

-जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में पास हो गया है। अमित शाह ने राज्यसभा की चुनौती पास कर ली है। अब इस बिल को लोकसभा में पेश किया जाएगा, जहां सरकार के पास बड़ा बहुमत पहले से ही है। सरकार के लिए मुख्य चुनौती थी, जिसमें सरकार इसमें पास हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल के पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट पड़े।

-जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में वोटिंग के दौरान तकनीकी खराबी आ गई, जिसकी वजह से मशीन के जरिए वोटिंग सफल नहीं हो पाई। इसके बाद सभापति ने पर्ची के जरिए वोटिंग की इजाजत दी। यानी अब जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर पर्ची के जरिए वोटिंग हो रही है।

-राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर वोटिंग डिविजन प्रक्रिया से होगी। हाालांकि, 11 नए सांसद इस प्रक्रिया में पर्ची से वोटिंग करेंगे, क्योंकि अभी तक इनके लिए सीटों का आवंटन नहीं हुआ है।

-कई सदस्यों ने जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने पर आपत्ति दर्ज की है। मैं कहना चाहता हूं कि जब भी उचित समय आयेगा और परिस्थिति सामान्य हो जाएगी तो इसे पूर्ण राज्य बनाने में हमें कोई आपत्ति नहीं होगी: अमित शाह

-इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, गृह सचिव राजीव गौबा की मौजूदगी में एक घंटे तक शीर्ष अफसरों के साथ बैठक की।

-जम्मू-कश्मीर भारत मुकुट मणि है इस बात से हमारा कोई मतभेद नहीं है। कश्मीर भारत का स्वर्ग था, है और हमेशा रहेगा।

-पंडित नेहरू ने कहा था कि 370 घिसते घिसते घिस जाएगा लेकिन कुछ लोगों ने 370 को संभालकर रखा।

गुजरात, राजस्थान, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों का युवा आतंकवाद के हाथों गुमराह नहीं होता क्योंकि वहां 370 नहीं है, अलगाववाद का भूत नहीं है।

-घाटी में पर्यटन में कमी आई है और इसकी वजह अनुच्छेद 370 है। बड़ी कंपनियां वहां जाना चाहती हैं लेकिन 370 की वजह से जा नहीं सकती हैं और इसका -नुकसान घाटी के लोगों को होता है क्योंकि उनको रोजगार नहीं मिल पाएगा।

-यह जो हलचल है, यह 370 हटने का नहीं बल्कि राष्ट्रपति के आदेश के बाद वहां भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है इसलिए है।

-370 और 35 A के कारण जम्मू-कश्मीर में गरीबी घर कर गई। घाटी में भ्रष्टाचार हुआ। जब पूरे देश में विकास दिखता है लेकिन कश्मीर में नहीं दिखता तो आंख में आंसू आ जाते हैं।

-राज्यसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा- अनुच्छेद-370 हटने से घाटी में रक्तपात के युग का अंत हुआ।

-केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- इस ऐतिहासित कदम से देश भर में खुशी का माहौल है क्योंकि 70 सालों से कश्मीरियों के साथ जो अन्याय हो रहा था वह आज जाकर खत्म हुआ है।

Tags:    

Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Share it
Top