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धूल भरी हवाओं की चपेट में राजधानी समेत देश के चार राज्य, अगले 48 घंटे मुश्किल भरे

धूल की चादर से ढका राजस्थान, पड़ोसी राज्यों के लिए 48 घण्टे मुश्किलों से भरे

धूल भरी हवाओं की चपेट में राजधानी समेत देश के चार राज्य, अगले 48 घंटे मुश्किल भरे

दिल्ली/जयपुर/पंजाब/हरियाणा। धूल भरी हवाओं ने चार दिन से देश की राजधानी समेत चार राज्यों को अपनी चपेट में ले रखा है। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण गतिविधियों पर 17 जून तक रोक लगा दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो राजस्थान ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए आने वाले 48 घण्टे मुश्किलों से भरे हो सकते हैं। गुरुवार को चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और लैंड होने वाली कई फ्लाइट्स के रूट्स में भी बदलाव किया गया। हरियाणा प्रदेश भी धूल की चादर से लिपटा रहा। हरियाणा के अस्पतालों में सांस, खांसी-जुकाम की समस्या के अलावा आंखों की एलर्जी के मरीजों की तादाद बढ़ गई।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गुरुवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए एक आपात उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में निर्माण गतिविधयों पर 17 जून तक रोक लगाने के साथ ही धूल प्रदूषण को कम करने के लिए पानी का छिड़काव करने का निर्णय लिया गया। बैठक में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण, दिल्ली सरकार में मंत्री इमरान हुसैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैजल ने जानकारी दी कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई), दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन, तीनों नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और एनबीसीसी जैसी एजेंसियां अधिक निगरानी रखेंगी और निर्माण गतिविधियों को 17 जून तक स्थगित रखने के फैसले का पालन कराएंगी।
धूल की चादर से ढका राजस्थान, पड़ोसी राज्यों के लिए 48 घण्टे मुश्किलों से भरे
राजस्थान के बीकानेर स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के प्रो. नरेंद्र कुमार का कहना है कि राजस्थान में गर्म हवाओं के साथ-साथ चल रही धूल की आंधी लगभग 38 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से अन्य राज्यों की ओर बढ़ रही है। चूंकि मौसम में नमी तो बिल्कुल नहीं है इस कारण धूल की इस चादर का असर कई दिनों तक बने रहने की संभावना है। प्रेशर ग्रेडियंट में बड़े अंतर के चलते हवाएं तेज हुईं हैं। इसका पाकिस्तान में दबाव अधिक है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में दबाव कम है।
पिछले चार दिनों से बीकानेर सहित राजस्थान के कई जिलों, कस्बों में चल रही धूलभरी हवाओं से आबोहवा में बड़ी संख्या में प्रदूषण बढ़ गया है। धूल ने प्रदेश के कई हिस्सों की आबोहवा को नौ गुना से अधिक प्रदूषित कर दिया है। प्रदूषण बढ़ने से शहरवासियों को सांस, दिल, रक्तचाप सहित कई तरह की बीमारियां बढ़ने का खतरा है। जानकारी मिली है कि आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी भयावह होने के आसार है। जानकारों का कहना है कि राजस्थान के कई हिस्सों में चल रही धूलभरी हवा सिर्फ प्रदेश के लिए ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के जिलों में भी पहुंच गयी है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक यही स्थिति रहने की संभावना से इनकार नहीं किया है। इससे निपटने के लिए विभाग की ओर से पानी का छिड़काव सहित अनेक गतिविधियों को लेकर चर्चा की गयी है। इधर जयपुर में मौसम विभाग के विशेषज्ञ ने बताया कि मानसून जैसे-जैसे पास आ रहा है, राजस्थान में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जिसकी दाब प्रवणता ज्यादा होने के कारण इसका असर दिल्ली तक भी हो सकता है।
हरियाणा के अासमान में धूल का गुबार, 24 घंटे बाद बारिश के आसार
राजस्थान से चल रही धूल भरी हवाओं से आसमान से बरस रही धूल से लोगों को गुरुवार राहत नहीं मिली। पूरा हरियाणा प्रदेश धूल की चादर से लिपटा रहा। सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो वाहनों पर धूल परत हुई थी। आसमान से बरस रही धूल ने ऐसा असर दिखाया कि अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ गई। सांस, खांसी और जुकाम की समस्या के अलावा बृहस्पतिवार को आंखों की एलर्जी के मरीज भी बड़ी तादाद में अस्पताल में पहुंचे। मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि अब प्री-मानसून के बाद ही इससे राहत मिल सकती है। उधर, पारा और ज्यादा चढ़ गया तथा गर्मी बढ़ने से लोगों में बेचैनी भी बढ़ गई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएस जागलान का कहना है कि आसमान में छाया धूल का गुबार प्री-मानसून के बाद ही उतरने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण राजस्थान के धार क्षेत्र में से पैदा हो रहे धूल भरे अंधड़ हैं जो वहां से रेत और धूल के मोटे कणों को उठाकर हजारों किलोमीटर दूर तक पहुंचा रहे हैं। इसे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक माना जाता है।
लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल कुरुक्षेत्र के चिकित्सक डॉ. गाैरव का कहना है कि ओपीडी में सांस की तकलीफ की समस्या वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गले में खराश और एलर्जी की समस्या के मरीज भी ओपीडी में आए हैं। अकेले उनकी ओपीडी में 130 मरीज आए हैं, जिनमें से सांस, खराश, एलर्जी के मरीज सबसे ज्यादा थे। सांस के मरीजों को परामर्श है कि बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकले। इसके अलावा मुंह पर कपड़ा या एयर फिल्टर मास्क लगाकर ही बाहर निकले। सामान्य लोग भी इससे बचाव रखे।
एलएनजेपी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता का कहना है कि नेत्र रोग विभाग में ज्यादातर मरीज आंखों की एलर्जी के आए हैं। आंखों में खुजली, जलन और पानी आने की समस्या लेकर मरीज विभाग में पहुंच रहे हैं। दो दिन से बरस रही इस धूल की वजह से लोग आंखों के संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को चाहिए कि जिन लोगों की आंखे संवेदनशील हैं वे बाहर निकलने से पहले आंखों पर चश्मा लगा लें। खासकर दोपहिया वाहनों को चश्मा लगाकर ही चलाएं।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया, जबकि दो ही दिनों में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस से तक बढ़ गया। हालांकि 15 जून को इस मौसम से राहत मिलने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र का कहना है कि आगामी 24 घंटों में धूल का गुबार ऐसे ही छाया रहेगा। आसमान में धूल छाने का कारण राजस्थान से 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से धूल भरी हवाएं चल रही हैं। इसके कारण हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व दिल्ली में धूल के कण आसमान से बरस रहे हैं। आगामी 24 घंटे के बाद लगातार तीन बारिश होने की संभावना है।
धूल का असर, चंडीगढ़ एयरपोर्ट से कई उड़ानें रद्द
गुरुवार को आसमान में धूल का गुबार होने का असर चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी दिखा। विजिबिलिटी कम होने के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और लैंड होने वाली कई फ्लाइट्स के रूट्स में भी बदलाव किया गया। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 30 से अधिक फ्लाइट ऑपरेट होती हैं। जेट एयरवेज की दिल्ली से चंडीगढ़ की उड़ान और इंडिगो की चंडीगढ़ से दिल्ली की उड़ान को रद्द किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 48 घंटों तक मौसम में अचानक बदलाव होगा और धूल के बीच तेज हवाओं के अलावा बारिश होने के भी आसार है। एयरलाइंस ने यात्रियों की सुविधा के प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं। एयर इंडिया ने दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बस का इंतजाम करके उन्हें दिल्ली पहुंचाने का फैसला लिया है। चंडीगढ़ हवाई अड्डा के सीईओ सुनील दत्त ने बताया कि मौसम में सुधार आने के बाद ही फ्लाइटस शुरू की जाएंगी। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पाल के मुताबिक गुरुवार को अभी तक अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री दर्ज किया गया है और न्यूनतम तापमान तापमान 28.7 डिग्री रहा। इलाके में इस समय 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से धूल भरी हवाएं चल रही हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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