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मेहबूबा मुफ्ती - उमर अब्दुल्ला नजरबंद, धारा 144 लागू, मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर रोक

मेहबूबा मुफ्ती - उमर अब्दुल्ला नजरबंद, धारा 144 लागू, मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर रोक

जम्मू/श्रीनगर/वेब डेस्क। जम्मू कश्मीर में जो पिछले 2-3 दिनों से जारी उठा पटक के बीच आज देर रात कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए और श्रीनगर में धारा 144 तत्काल प्रभाव से लगा दी गई है। ये सभी अगले आदेश तक लागू रहेगी। साथ ही उम्र अब्दुल्ला, मेहबूबा मुफ़्ती और सज्जाद लोन को नजरबन्द किया गया है इससे पहले सरकार ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला लिया फिर बीच में ही अमरनाथ यात्रा रोकी गई साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को घाटी से तुरंत वापस जाने को कहा गया।

इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के घर पर रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में राज्य के सभी प्रमुख दलों ने हिस्सा लिया। इसमें कांग्रेस, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स मूवमेंट शामिल हैं। डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती से घाटी के लोग घबराए हुए हैं।

सर्वदलीय बैठक के लिए पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ़्ती ने श्रीनगर में एक होटल बुक कराया था जिसकी बुकिंग पुलिस ने रद्द करवा दी। इसके महबूबा मुफ़्ती के निवास स्थान पर रविवार शाम सर्वदलीय बैठक होनी थी, लेकिन बाद में यह बैठक फारूक अब्दुल्ला के घर पर हुई।

#अपडेट #KashmirParFinalFight

- जम्मू कश्मीर राज्यपाल के घर DGP और अन्य अधिकारीयों के साथ देर रात हुई बैठक

- कयास लगाए जा रहे है की कश्मीर पर आज लिया जा सकता है बड़ा फैसला

- पीएम आवास पर आज बुलाई कैबिनेट बैठक

- मीटिंग का एजेंडा नहीं बांटा गया

- सीसीएस की भी बैठक बुलाई गयी

- जम्मू में 30 कंपनियां तैनात

- जम्मू विश्वविद्यालय की परीक्षाएं निरस्त

- घाटी से जम्मू की ओर लौट रहे कश्मीरी पंडित

सर्वदलीय बैठक के बाद डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। कश्मीर के लिए सबसे बुरा वक्त है। पहले कभी समय से पहले अमरनाथ यात्रा खत्म नहीं हुई। भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती से घाटी के लोग घबराए हुए हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव से दोनों देशों को नुकसान होगा। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं बढ़ाए जिससे तनाव बढ़े। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा नहीं छीना जाना चाहिए।

डॉ. अब्दुल्ला ने कहा, "मैं राज्य के लोगों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें। मैं भारत और पाकिस्तान से अपील करता हूं कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे लोगों को परेशानी हो और दोनों देशों के बीच तनाव बढ़े।"

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सेना की तैनाती की जा रही है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार कश्मीर घाटी से अनुच्छेद-35ए हटाने जा रही है। (हि.स.)

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