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राष्ट्रपति ने मंजूर की लोकसभा भंग करने की सिफारिश, पीएम मोदी आज पेश कर सकते हैं सरकार बनाने का दावा

राष्ट्रपति ने मंजूर की लोकसभा भंग करने की सिफारिश, पीएम मोदी आज पेश कर सकते हैं सरकार बनाने का दावाImage Credit : ANI Tweet

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को 16वीं लोकसभा को भंग कर दिया है। अब 17वीं लोकसभा के गठन की तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी बीजेपी और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद आज शाम साढ़े 7 बजे राष्ट्रपति से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। हालांकि अभी इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति ने लोकसभा भंग करने के आग्रह वाले सलाह पर हस्ताक्षर कर दिया है। राष्ट्रपति कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 85 के क्लॉज (2) के सब क्लॉज (B) का प्रयोग करते हुए लोकसभा भंग किया है।

वहीं दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव में विजयी हुए सांसदों की सूची राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंप दिया। इस मौके पर तीनों चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति से मिलें और नव निर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपी। इसके साथ ही, अब नए सदन के गठन की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

कैबिनेट की यह बैठक लोकसभा चुनाव की मतगणना होने के एक दिन बाद 24 मई को हुई। इस चुनाव में एनडीए को जबरदस्त जीत हासिल हुई है। 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है। सत्रहवीं लोकसभा का गठन 3 जून से पहले किया जाना है।

एनडीए शनिवार को विधवत रूप से अपना नेता चुनेगा। इसके लिए एनडीए के सभी सांसदों की बैठक संसद के केंद्रीय कक्ष में बुलाई गई है। इसके बाद मोदी के नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। हालांकि अभी इसकी अधिकृत तिथि नहीं बताई गई है, लेकिन राष्ट्रपति भवन में इसी हिसाब से तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी के 28 मई को वाराणसी जाने की संभावना है, जहां वे वाराणसी की जनता का आभार जताएंगे।

क्या होती है सरकार गठन की प्रक्रिया

* केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक कर मौजूदा लोकसभा को भंग करने की सिफारिश का प्रस्ताव पारित करता है

* इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से मुलाकात कर प्रस्ताव तथा मंत्रिपरिषद का इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपेंते हैं

* उसके बाद प्रधानमंत्री को नई सरकार के गठन तक पद पर बने रहने को कहा जाता है

* इसके बाद नए सदन के गठन की प्रक्रिया के लिए तीन चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति को नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपेंगे

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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