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भारतीय इंजीनियर की मदद से नासा ने चंद्रयान -2 के विक्रम लैंडर के मलबे का लगाया पता

भारतीय इंजीनियर की मदद से नासा ने चंद्रयान -2 के विक्रम लैंडर के मलबे का लगाया पता

बेंगलुरु। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी, नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान -2 लैंडर विक्रम के मलबे का पता लगाया है।

मंगलवार सुबह नासा ने लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गई एक तस्वीर जारी की है जिसमें विक्रम लैंडर से प्रभावित जगह नजर आ रही है। तस्‍वीर में नीले और हरे डॉट्स के माध्‍यम से विक्रम लैंडर के मलबे वाला क्षेत्र दिखाया गया है।

नासा के अनुसार उसने 26 सितम्बर को क्रैश साइट की एक तस्‍वीर जारी की थी और लोगों को विक्रम लैंडर के संकेतों की खोज करने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद षनमुगा सुब्रमण्यन नाम के एक व्यक्ति ने एलआरओ कैमरे द्वारा क्लिक की गई छवियों के पहले मोज़ेक में नासा की एक एकल उज्ज्वल पिक्सेल पहचान पर ध्यान आकर्षित किया था। सुब्रमण्यन ने मलबे की सकारात्मक पहचान के साथ एलआरओ परियोजना से संपर्क किया।

षनमुगा ने मुख्य क्रैश साइट के उत्तर-पश्चिम में लगभग 750 मीटर की दूरी पर स्थित मलबे की पहचान की थी। यह पहले मोजेक (1.3 मीटर पिक्सल, 84 डिग्री घटना कोण) में एक एकल उज्ज्वल पिक्‍सल पहचान थी। मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2 गुणा 2 पिक्‍सल के हैं।

गौरतलब है कि अक्‍टूबर माह में नासा ने बयान जारी किया था कि उन्हें ऑर्बिटर से मिले ताजा फोटो में चंद्रयान -2 के लैंडर का कोई पता नहीं चला है। गौरतलब है कि चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग से महज एक मिनट पहले इसरो का चंद्रयान-2 से संपर्क टूट गया था।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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