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कर्नाटक नाटक : कांग्रेस के बागी विधायक के तेवर हुए नरम

कर्नाटक नाटक : कांग्रेस के बागी विधायक के तेवर हुए नरम

बेंगलूरू। कर्नाटक में बागी विधायकों को मनाने में जुटी कांग्रेस को बड़ी कामयाबी हासिल हो गई है। कांग्रेस विधायक शिवकुमार ने एक बागी विधायक से मुलाकात की है जिसके बाद उनके तेवर कुछ नरम पड़े हैं। बागी कांग्रेस विधायक एमटीबी नागराज ने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि हमने अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन अब डीके शिवकुमार और अन्य लोग आए और हमसे इस्तीफे वापस लेने का अनुरोध किया। मैं सुधाकर राव और अन्य विधायकों से बात करूंगा और फिर देखूंगा कि क्या किया जाना है, आखिरकार मैंने कांग्रेस में कई दशक बिताए हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक डीके शिवकुमार ने कहा कि ​​हमें एक साथ रहना चाहिए और एक साथ मरना चाहिए क्योंकि हमने पार्टी के लिए 40 साल काम किया है। हर परिवार में उतार-चढ़ाव आते हैं। हमें सब कुछ भूलाकर आगे बढ़ना चाहिए। खुशी है कि एमटीबी नागराज (बागी विधायक) ने हमें आश्वासन दिया है कि वह हमारे साथ रहेंगे।

कर्नाटक में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने शुक्रवार को स्पीकर से बहुमत साबित करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि राज्य में जैसी स्थिति है, उसे देखते हुए उन्हें बहुमत साबित करने के लिए वक्त दिया जाए। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री जब भी इसके लिए समय मांगेंगे, उन्हें समय दिया जाएगा। कर्नाटक में कांग्रेस के 13 और जेडीएस के तीन विधायक अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, स्पीकर ने इन्हें स्वीकार नहीं किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, मुख्यमंत्री ने सदन में कहा है कि वह भ्रम की स्थिति में कुर्सी से चिपके नहीं रहेंगे। वह सदन में विश्वास मत हासिल करेंगे। जब भी वह मुझसे कहेंगे कि वह विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करना चाहते हैं, मैं इसे दिन के कामकाज में शामिल करूंगा।

दरअसल, संकटों में फंसे मुख्यमंत्री ने सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से समय मांगा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब कांग्रेस के 13 और जद (एस) के तीन सहित कुल 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है और वे भाजपा के साथ हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष को तीन विधायकों आनंद सिंह, प्रताप गौडा पाटिल और नारायण गौडा के इस्तीफे पर शुक्रवार को सुनवाई शुरू करनी थी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह तीन विधायकों के इस्तीफे पर कार्यवाही शुरू करेंगे। स्पीकर ने कहा, अगर वे आते हैं तो मैं प्रक्रिया शुरू करूंगा। अगर वे नहीं आते हैं तो मैं घर पर आराम करूंगा।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के विश्वासमत हासिल करने के बयान के बाद भाजपा ने भी अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने अपने विधायकों को सोमवार को तीन अलग-अलग जगहों पर तीन अलग-अलग होटल में शिफ्ट करने का फैसला किया है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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