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विशेषः पत्रकार उपेन्द्र राय की दिल्ली व कोलकाता में 13 फर्जी कंपनियां

विशेषः पत्रकार उपेन्द्र राय की दिल्ली व कोलकाता में 13 फर्जी कंपनियां

नई दिल्ली। मुंबई की एक कंपनी से उगाही के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पत्रकार उपेन्द्र राय के बारे में जो जानकारी अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सूत्रों के हवाले से आ रही है, वह लोगों बेहद चौंकाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक उपेन्द्र राय पत्रकारिता के आड़ में बड़ा व्यवसाय फैला चुके थे। उनकी 13 ऐसी फर्जी कंपनियां सामने आयी हैं जिसके दस्तावेज में मालिक कोई और है लेकिन असली मालिक उपेन्द्र राय हैं। इस बात की चर्चा ईडी द्वारा राय के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी में भी है।

उल्लेखनीय है कि ये सभी कंपनियां दिल्ली व कोलकाता में अपना कारोबार करती हैं। फर्जी कंपनियों की सूची में क्रिएटिव मार्केटिंग, धनलक्ष्मी इन, दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी, समृद्धि इंटरप्राइजेज, गीतांजलि इंटरप्राइजेज, मेसर्स डेस्कजेट कंप्यूटेक सॉल्यूशन, मेसर्स कनिका मेटल्स अल्लायंज, मेसर्स अलाइंस स्टील ट्रेडर्स, मेसर्स ओम सांई राम, श्री ओएमएच प्रोपर्टीज, भार्गबी विनिमय (पी) लिमिटेड, दिव्यांशी इंफ्रा प्रोजेक्ट (पी) लिमिटेड व लिब्रा हाईराइज (पी) लिमिटेड शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मुंबई की एक कंपनी ह्वाइट लायन रियल एस्टेट डेवलपर्स नाम की कंपनी ने उपेन्द्र राय पर उगाही का आरोप लगाया था। सीबीआई ने इस मामले में पिछली 5 मई को प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि राय को सीबीआई ने एयरपोर्ट का फर्जी पास हासिल करने के आरोप में एक मई को ही गिरफ्तार कर लिया था। दोनों में मामले में एजेंसी ने उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। हालांकि इन दोनों मामलों में पैसे की हेराफेरी व मनी लांड्रिंग की बात सामने आई थी। इसलिए ईडी ने भी उन पर मामला दर्ज किया। ईडी की जांच में भी अब मनी लांड्रिंग की बात सामने आ रही है।

ईडी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की की शर्त पर बताया कि उक्त फर्जी कंपनियों के खाते में सिर्फ छः महीने के दौरान 500 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई। हालांकि राय के बारे में पहले यह कहा जा रहा था कि वह सरकारी अधिकारियों की साजिश के शिकार हैं लेकिन ये सारी जानकारी सामने आने के बाद लग रहा है कि वह सिर्फ पत्रकार ही नहीं बल्कि बहुत सारे धंधों के स्वामी थे। राय अभी भी जेल में हैं। हालांकि सीबीआई की ओर से दर्ज मामलों में तो उन्हें जमानत मिल गई थी लेकिन ईडी के अधिकारियों ने उन्हें मनी लांड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल के गेट पर ही गिरफ्तार कर लिया था।

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Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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