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सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो सार्वजनिक होने पर बिफरी कांग्रेस ने केन्द्र को कोसा

सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो सार्वजनिक होने पर बिफरी कांग्रेस ने केन्द्र को कोसा

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केन्द्र की मोदी सरकार पर सेना का दुरुपयोग कर राजनीतिक हित साधने के गम्भीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा है कि मोदी सरकार वोट बटोरने के उद्देश्य से सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो दिखा सैन्य बलों एवं सीमाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। दरअसल, 21 माह पहले 18 सितंबर 2016 को उड़ी सैन्य कैंप पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। उसके ठीक 11 दिन बाद सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। तब विपक्षी पार्टियों ने उस पर सवाल खड़े किए थे| अब उसका एक वीडियो सामने आया है।

कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी ने आतंकियों के खिलाफ किये गये सर्जिकल स्ट्राइक तथा देश के खिलाफ आतंकी मसूबों को ध्वस्त करने के लिए देश की सेना को धन्यवाद दिया था। लेकिन दुर्भाग्य से सत्तारूढ़ भाजपा ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इसका लज्जाजनक तरीके से इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि देशहित में कूटनीतिक और सामरिक निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खामोशी से लिए जाते हैं, छाती पीटने के लिए नहीं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'जब-जब मोदी जी और अमित शाह की भाजपा पर असफलता का संकट मंडराता है, तब-तब उन्हें सेना के शौर्य को सियासी तौर पर भुनाने की याद क्यों आती है? हर बार जब मोदी सरकार फेल होने लगती है तो वह सेना के शौर्य का दुरुपयोग राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए क्यों करती है? क्या मोदी सरकार देश की सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को खतरे में नहीं डाल रही है?'

सुरजेवाला ने कहा कि ये मोदी सरकार की ढुलमुल नीति का ही परिणाम है कि 79 बार उग्रवादी आकर हमारे ऊपर हमला कर देते हैं। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा देश के सैनिकों और सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिक फायदा लूटने का हर हथकंडा अपनाये हुए है।

उन्होंने कहा कि सेना के प्रति मोदी सरकार का दुराग्रह और खोखली बातें इस बात से साबित होती हैं कि सेना ने बजट में कटौती कर और आधुनिक उपकरण मुहैया न करवाकर देश की सेना से सौतेला व्यवहार किया है। रक्षा मामलों की संसदीय समिति ने चौंकाने वाली बात ये भी कही है कि मोदी सरकार ने चालू खरीद भी पूरी करने के लिए पैसा नहीं दिया है । एक साल से भारतीय सेना के ऑफिसर्स का राशन मोदी सरकार ने बिना कोई कारण बताये बंद कर रखा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सेना से दुर्भावना का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि रेजीमेंट एलाउंस घटाकर आधा कर दिया गया है। सेना की कैंटीन पर जीएसटी लगा दिया है। क्या अब हमारे सैनिकों को अपनी वर्दी अपने पैसे से खरीदनी होगी?

सुरजेवाला ने कहा कि झूठे जुमलों से ऊपर उठ अब देश जवाब मांग रहा है।

उन्होंने एक सूची जारी करते हुए बताया कि सेना ने पिछले दो दशकों में कई बार सफलतापूर्वक 'सर्जिकल स्ट्राइक' की हैं, खास तौर से साल 2000 के बाद- 21 जनवरी, 2000 (नडाला एंक्लेव, नीलम नदी के पार); 18 सितंबर, 2003 (बारोह सेक्टर, पूंछ); 19 जून, 2008 (भट्टल सेक्टर, पूंछ); 30 अगस्त-1 सितंबर, 2011 (शारदा सेक्टर, केल में नीलम नदी घाटी); 6 जनवरी, 2013 (सावन पत्र चेकपोस्ट); 27-28 जुलाई, 2013 (नाजापीर सेक्टर); 6 अगस्त, 2013 (नीलम घाटी); 14 जनवरी, 2014 (आर्मी चीफ, जनरल बिक्रम सिंह का 23 दिसंबर, 2013 को की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे बयान); 28-29 सितंबर, 2016 (डीजीएमओ का बयान) लेकिन उसका कभी सियासी फायदा नहीं लिया।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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