Home > Lead Story > सीबीआई रिश्वत कांड: बिचौलिये मनोज प्रसाद की न्यायिक हिरासत 11 दिसम्बर तक बढ़ी

सीबीआई रिश्वत कांड: बिचौलिये मनोज प्रसाद की न्यायिक हिरासत 11 दिसम्बर तक बढ़ी

सीबीआई रिश्वत कांड: बिचौलिये मनोज प्रसाद की न्यायिक हिरासत 11 दिसम्बर तक बढ़ी

नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सीबीआई रिश्वत कांड में तिहाड़ जेल में बंद बिचौलिये मनोज प्रसाद की न्यायिक हिरासत 11 दिसम्बर तक के लिए बढ़ा दी है। स्पेशल सीबीआई जज संतोष स्नेही मान ने ये आदेश जारी किया। आज जब मनोज प्रसाद को कोर्ट में पेश किया गया तो सीबीआई ने कहा कि मनोज प्रसाद के खिलाफ जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर है। अभी गवाहों का परीक्षण बाकी है। पिछले 13 नवम्बर को कोर्ट ने मनोज प्रसाद की न्यायिक हिरासत आज तक के लिए बढ़ा दी थी। 13 नवम्बर को ही ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मनोज प्रसाद की जमानत याचिका खारिज की थी। जस्टिस नाजिम वजीरी ने कहा कि मनोज प्रसाद के खिलाफ गंभीर आरोप हैं।

हाईकोर्ट ने कहा था कि मनोज प्रसाद के खिलाफ जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर है। आरोपित का विदेश में व्यापार है और विदेश में हका लेन-देन हुआ है। जमानत याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई की ओर से एएसजी विक्रमजीत बनर्जी और राजदीप बेहुरा ने कहा कि जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर है और मनोज प्रसाद की दूसरे आरोपितों से तुलना नहीं की जा सकती है। पिछले 3 नवम्बर को पटियाला हाउस कोर्ट ने मनोज प्रसाद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले के खिलाफ मनोज प्रसाद ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान मनोज प्रसाद के वकील ने कहा था कि हमारा मामला डीएसपी देवेंद्र कुमार से अलग है। उन्होंने कहा था कि राकेश अस्थाना को अंतरिम जमानत मिली हुई है। देवेंद्र कुमार को जमानत मिली हुई है। हमारे साथ सतीश साना के सामने बैठाकर पूछताछ करनी थी। अब सतीश साना को भी सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा मिल गई है। मोईन कुरैशी के केस के सारे दस्तावेज ले लिये गए हैं। इसलिए मनोज प्रसाद को हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं है। सभी दस्तावेज सीवीसी के पास उपलब्ध हैं इसलिए हमें हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए।

सीबीआई ने मनोज प्रसाद की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि मनोज प्रसाद के खिलाफ एफआईआर में उगाही का केस बनता है। तब कोर्ट ने पूछा था कि इससे जांच कैसे प्रभावित होगी? तब सीबीआई ने कहा था कि मनोज प्रसाद का सब कुछ दुबई में है और हमारा गवाह, सबूत भी दुबई में ही है। हम ये नहीं जानते कि मनोज प्रसाद गवाहों को कैसे प्रभावित करेगा। तब मनोज प्रसाद के वकील ने कहा था कि सीबीआई के सब साक्ष्य दुबई में हैं लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक कानून के मामले में शायद ही कोई देश छोड़कर जा सकता है। फिर भी हम ये कह रहे हैं कि हम देश छोड़कर नहीं जाएंगे।

इसके पहले 31 अक्टूबर को सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को जमानत दे दी थी । कोर्ट ने 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी थी।

Tags:    

Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Share it
Top