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एयर स्ट्राइक के बाद मोदी के पक्ष में बदला नेशन का मूड, सबसे अधिक ममता की किरकिरी

एयर स्ट्राइक के बाद मोदी के पक्ष में बदला नेशन का मूड, सबसे अधिक ममता की किरकिरी

कोलकाता। इंटरनेट का हाथ पकड़कर तेजी से विकसित होती दुनिया में वास्तविक जमीनी हकीकत के साथ साथ सोशल साइट भी देश का मूड बनाने और बिगाड़ने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। गत 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमले के बाद से लेकर अब तक लोगों के मिजाज को देखते हुए सोशल साइट पर लोगों की भावनाओं को लेकर एक सर्वे की गई है जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि हवाई हमले के बाद देश का मूड काफी तेजी से बदला है। पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाहवाही हुई है। यहां तक की अमूमन उनकी बुराई करने वाले लोग भी इस हमले के बाद उनके पक्ष में नजर आए। दूसरी ओर अगर किसी नेता की पूरे देश में सबसे अधिक किरकिरी हुई है तो वह ममता बनर्जी हैं। सर्वे एजेंसी द्वारा तय किए गए पैमाने में ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों का मूड माइनस 48 स्तर पर पहुंच गया जो उन्हें देश भर में सबसे अधिक नापसंद की जाने वाली नेता के रूप में चिन्हित किया है।

अंग्रेजी के एक फाइनेंशियल अखबार ने सोशल मीडिया इंटेलीजेंस फोरम 'फ्रर्रोल' के साथ मिलकर विभिन्न मसलों, घटनाओं औऱ मुद्दों का टि्वटर पर प्रभाव जाना, तो नतीजे चौंकाने वाले आए। इसे रविवार को जारी किया गया है। यही नहीं, संस्था की रिपोर्ट कहती है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि पर सकारात्मक असर पड़ा है।

पाकिस्तान पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद टि्वटर पर पीएम मोदी के प्रति भावनाओं में जबर्दस्त बदलाव देखने को मिला। फरवरी के पहले पखवाड़े में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सकारात्मक सेंटीमेंट्स महज 36 फीसदी थी। 50 प्रतिशत टि्वटर यूजर्स नकारात्मक भाव रख रहे थे। हालांकि फरवरी 26 से एक माह यानी 25 मार्च में ही पूरे सेंटीमेंट्स बदल गए। 6.8 मिलियन ट्वीट्स में बालाकोट स्ट्राइक का जिक्र आया। यही नहीं, पीएम मोदी के प्रति सकारात्मक भावनाएं तीन फीसदी बढ़ गईं, तो नकारात्मक सेंटीमेंट्स में इतनी ही गिरावट दर्ज की गई।

अगर इस पर टि्वटर यूजर्स के रुझान का पैमाना बनाया जाए, तो सबसे आगे नरेंद्र मोदी ही खड़े हैं। वह भी तब जब नेट सेंटीमेंट्स माइनस सात पर है। 1.45 करोड़ ट्वीट्स में नरेंद्र मोदी का इसके लिए जिक्र आया। सकारात्मक ट्वीट्स की दर 39 फीसदी रही, तो नकारात्मक 46 फीसदी रहीं। वाराणसी और अहमदाबाद में उनका जादू ज्यादा चल रहा है, तो मुंबई और दिल्ली में तुलनात्मक रूप से कम। दूसरे नंबर पर राहुल गांधी अपने नकारात्मक बयानों के वजह से ट्रेंड करते रहे हैं। जिस नेता को लोगों ने सबसे अधिक नापसंद किया उसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी टॉप पर हैं।

प्रधानमंत्री बनने की अभिलाषा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह किसी गहरे झटके से कम नहीं। उनके प्रति नेट सेंटीमेंट्स माइनस 48 फीसदी है। महज 16 फीसदी ट्वीट्स ही पॉजिटिव हैं। लोगों की निगेटिव ट्वीट्स का आंकड़ा 63 फीसदी है। कोलकाता में ही माइनस 22 फीसदी निगेटिव ट्वीट्स ममता को मिले हैं। दिल्ली और बेंगलुरू में तो उन्हें टि्वटर पर नापसंद करने वालों की संख्या 50 फीसदी के पार है। इनमें से बेंगलुरु ऐसा शहर है जहां अधिकतर लोग डॉक्टर, इंजीनियर अथवा वैज्ञानिक हैं। इसका मतलब यह है कि शिक्षित वर्ग में ममता बनर्जी सबसे अधिक नापसंद की जाने वाली नेत्री बनी हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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