Top
Latest News
Home > Lead Story > 36 हजार करोड़ की लागत से बनेगा 600 किमी लंबा दुनिया का सबसे लंबा एक्‍सप्रेस-वे, जानें क्‍या है खास

36 हजार करोड़ की लागत से बनेगा 600 किमी लंबा दुनिया का सबसे लंबा एक्‍सप्रेस-वे, जानें क्‍या है खास

36 हजार करोड़ की लागत से बनेगा 600 किमी लंबा दुनिया का सबसे लंबा एक्‍सप्रेस-वे, जानें क्‍या है खास

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार ने 36 हजार करोड़ रुपए की लागत से 600 किलोमीटर लंबा एक्‍सप्रेस-वे बनाने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेस-वे बनाने की मंजूरी दे दी है। मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ये दुनिया का सबसे लंबा एक्‍सप्रेस होगा, जो प्रयागराज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा।

इस एक्सप्रेस-की कुल लंबाई 600 किमी होगी। इस एक्सप्रेस-वे के लिए 6556 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट पर कुल लागत 36 हजार करोड़ रुपए आएगी। मेरठ से प्रयागराज तक 600 किमी लंबा होगा गंगा एक्सप्रेस-वे और इसके बीच में पड़ने वाले कई शहरों को इसका लाभ मिलेगा।

एक्सप्रेस-वे से इन जिलों को होगा फायदा

योगी आदित्यनाथ के अनुसार गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ शाहजहांपुर जिलों से गुजरता हुआ प्रयागराज पहुंचेगा।

फिल्‍म उरी को किया टैक्स फ्री

सीएम योगी ने बताया कि कैबिनेट ने सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म उरी को स्टेट जीएसटी फ्री करने का भी निर्णय लिया गया है।

केंद्र सरकार भी कर चुकी है बड़ी घोषणा

इससे पहले केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की नगरी काशी को कोलकाता के बीच एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की थी, जिसका निर्माण भारतमाला प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत किया जाएगा।

800 किलोमीटर लंबा होगा यह एक्सप्रेस-वे

काशी और कोलकाता को जोड़ने के लिए करीब 800 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे झारखंड के रांची समेत कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा, जिससे इन शहरों को भी फायदा होगा। साथ ही भारत माला प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी और गुरु गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर के बीच भी एक नया हाईवे बनाया जाएगा। इससे इन दोनों शहरों के श्रद्धालुओं को फायदा होगा। (हि.स.)

Tags:    

Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top